Ank Jyotish 29 April 2026: मूलांक 3 होंगे मशहूर, अंक 5 मनाएंगे जश्न, नंबर 7 का काम-नाम दोनों होगा खराब! जानें आज का अंक ज्योतिष
Ank Jyotish 29 April 2026 Numerology Horoscope: दैनिक अंक ज्योतिष के अनुसार, गणेशजी कहते हैं कि आज अंक ज्योतिष के सभी अंकों के लिए अवसरों और चुनौतियों की मिली-जुली ऊर्जा रहेगी. अंक 1, 2, 3, 5 और 9 को खासकर वित्तीय और काम से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है. अंक 1 नियोजित कार्यों और सरकारी नौकरी के आवेदनों में सफलता प्राप्त कर सकता है. अंक 2 को अचानक धन लाभ हो सकता है और उपहार देने और उत्सवों के माध्यम से पारिवारिक संबंधों को मज़बूत कर सकता है. अंक 3 को बाधाओं को दूर करने, पहचान और शैक्षिक अवसरों से लाभ होगा, जबकि अंक 5 और 9 व्यापार में प्रगति, वित्तीय प्रवाह और सकारात्मक पारिवारिक समर्थन का आनंद लेंगे, बशर्ते वे धैर्य बनाए रखें और गुस्से पर नियंत्रण रखें. अंक 4, 6, 7 और 8 को आज सावधानी और धैर्य रखने की ज़रूरत है. अंक 4 को प्रतिष्ठा को संभावित नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. अंक 6 को बाधाओं, बढ़े हुए खर्चों और छोटे-मोटे घरेलू झगड़ों का अनुभव हो सकता है. अंक 7 को काम, वित्तीय और नौकरशाही चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. अंक 8 को कठिन वित्तीय और पारिवारिक स्थितियों का सामना करना पड़ेगा.
तेल बाजार में भूचाल: यूएई ने ओपेक व ओपेक प्लस से अलग होने का किया ऐलान, वैश्विक ऊर्जा मार्केट में बढ़ी अनिश्चितता
अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ओपेक और ओपेक+ गठबंधन से बाहर निकलने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। ओपेक उन देशों का समूह है जो तेल उत्पादन को नियंत्रित कर वैश्विक कीमतों को प्रभावित करते हैं। वहीं ओपेक प्लस में रूस जैसे गैर-ओपेक देश भी शामिल हैं, जो मिलकर उत्पादन स्तर तय करते हैं। यूएई के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी। इस निर्णय का ओपेक की एकजुटता पर भी असर पड़ेगा। यूएई का यह कदम सऊदी अरब के प्रभाव को चुनौती दे सकता है।
यूएई ने क्यों लिया यह फैसला?
यूएई ने साफ किया है कि यह निर्णय उसके राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। देश लंबे समय से ओपेक के उत्पादन प्रतिबंधों को लेकर असंतुष्ट था। सरकार का कहना है कि अब वह अपनी ऊर्जा नीति को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाना चाहती है। ऊर्जा मंत्री सुहैल अल मज़रूई के अनुसार, यह फैसला गहन समीक्षा के बाद लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर किसी अन्य देश से सलाह नहीं ली गई। यूएई अपनी दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति और बदलते ऊर्जा परिदृश्य के अनुसार कदम बढ़ा रहा है। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और सहयोग की कमी भी एक कारण माने जा रहे हैं। ईरान से जुड़े हमलों के दौरान अन्य अरब देशों का सीमित समर्थन भी यूएई की नाराजगी का कारण बना।
ओपेक-ओपेक प्लस की ताकत को झटका
यूएई के बाहर निकलने से ओपेक और ओपेक प्लस की ताकत को झटका लग सकता है। यह समूह पहले एकजुट रहकर तेल उत्पादन को नियंत्रित करता था, लेकिन अब दरारें दिख सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के बाद तेल कीमतों में हल्की गिरावट भी देखी गई। अगर अन्य देश भी इसी राह पर चलते हैं, तो बाजार में बड़ा बदलाव आ सकता है। ओपेक की पकड़ कमजोर होने से वैश्विक कीमतों पर उसका प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि, मौजूदा हालात जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव पहले से ही आपूर्ति को प्रभावित कर रहे हैं। इस कारण तत्काल बड़ा झटका शायद न लगे, लेकिन लंबी अवधि में असर दिख सकता है। यह फैसला वैश्विक ऊर्जा राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
यह कदम अमेरिका की रणनीतिक जीत
यूएई का यह कदम अमेरिका के लिए एक राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ओपेक पर तेल कीमतें बढ़ाने का आरोप लगा चुके हैं। उनका मानना रहा है कि ओपेक देश वैश्विक बाजार का फायदा उठाते हैं। यूएई के बाहर आने से इस समूह की शक्ति कम हो सकती है, जो अमेरिका के हित में है। साथ ही, खाड़ी देशों और अमेरिका के बीच संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है। तेल कीमतों और सुरक्षा के बीच संतुलन का मुद्दा फिर चर्चा में आ सकता है। यह फैसला केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक भी है। कुल मिलाकर, यूएई का यह कदम वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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