दवा खाते समय कर रहे हैं ये बड़ी गलती! जान लें नार्मल पानी से खानी है या गुनगुने पानी से...
दवा खाना जितना जरूरी है, उसे सही तरीके से लेना भी उतना ही अहम है. कई लोग बिना सोचे दवा ठंडे पानी, गर्म पानी या किसी भी ड्रिंक के साथ खा लेते हैं, लेकिन इससे दवा के असर पर फर्क पड़ सकता है. इसलिए जानिए दवा लेने का सही तरीका क्या है.
LPG Gas Cylinders Booking: मई की पहली तारीख से बदल जाएंगे रसोई गैस के नियम, क्या जेब पर पड़ेगा असर?
LPG Gas Cylinders Booking: मई का महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और आम आदमी की रसोई से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अगर आप भी घर में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. 1 मई 2026 से गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर इसकी बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध के हालातों और ऊर्जा संकट ने भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है.
ग्लोबल मार्केट में उथल पुथल का असर
दुनिया भर में इस समय ऊर्जा का संकट गहराया हुआ है. फरवरी के आखिर से ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जो तनाव शुरू हुआ, उसने कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है. सप्लाई में कमी आने की वजह से न केवल डिलीवरी में देरी हो रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें भी आसमान छू रही हैं. भारत अपनी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए वहां होने वाली छोटी सी हलचल भी यहां की रसोई तक पहुंच जाती है. इसी स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार और तेल कंपनियां अब कुछ कड़े कदम उठाने की तैयारी में हैं.
बढ़ सकती हैं गैस सिलेंडर की कीमतें
मई की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस के नए दाम जारी करती हैं. आशंका जताई जा रही है कि इस बार कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. पिछले कुछ समय के आंकड़ों को देखें तो तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के दाम पहले ही बढ़ाए हैं. वहीं कमर्शियल सिलेंडर यानी 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों में तो एक महीने के भीतर ही तीन बार इजाफा किया जा चुका है. अप्रैल के महीने में ही अलग अलग शहरों में कमर्शियल सिलेंडर करीब 200 रुपये तक महंगे हुए हैं. ऐसे में उम्मीद है कि मई में भी उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लग सकता है.
बुकिंग और डिलीवरी के नए नियम
कीमतों के अलावा बुकिंग की प्रक्रिया में भी बदलाव की चर्चा जोरों पर है. इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियां अब रिफिल बुकिंग के बीच एक निश्चित समय सीमा तय कर सकती हैं. नए नियमों के मुताबिक, एक बार सिलेंडर लेने के बाद आप अगला सिलेंडर कम से कम 25 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह नियम और भी सख्त हो सकता है, जहां उन्हें अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है. इसका मुख्य उद्देश्य गैस की कालाबाजारी को रोकना और जरूरत मंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंचाना है.
बिना कोड के नहीं मिलेगी डिलीवरी
अब सिलेंडर की डिलीवरी लेना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी डीएसी व्यवस्था को अनिवार्य बनाया जा रहा है. जब आप सिलेंडर बुक करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा. जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपको वह कोड उसे बताना होगा. बिना इस कोड के आपकी डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सिलेंडर उसी व्यक्ति को मिला है जिसने इसकी बुकिंग की थी.
ई-केवाईसी और सब्सिडी का गणित
गैस कंपनियों ने अब बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पर भी जोर देना शुरू कर दिया है. सभी उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी केवाईसी अपडेट करा लें. अगर आपकी केवाईसी अधूरी रहती है, तो आपकी गैस बुकिंग रुक सकती है या फिर आपके खाते में आने वाली सब्सिडी बंद की जा सकती है. उपभोक्ता अपनी कंपनी के मोबाइल ऐप जैसे हेलो बीपीसीएल या इंडियन ऑयल वन के जरिए घर बैठे भी यह काम पूरा कर सकते हैं. सरकार का लक्ष्य है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिले और फर्जी कनेक्शनों को सिस्टम से बाहर किया जा सके.
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