Responsive Scrollable Menu

यूएन के विशेष दूत ने हूती हमलों को लेकर दी चेतावनी, बोले-बड़े पैमाने पर संघर्ष की ओर बढ़ सकता है यमन

यमन के लिए यूएन के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने सोमवार को यमन सरकार के कब्जे वाले शहर मोचा पर हूती समूह के हालिया हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि मिलिट्री की बढ़ोतरी यमन को बड़े पैमाने पर लड़ाई की ओर धकेल सकती है. ग्रंडबर्ग ने एक बयान में कहा कि मोचा पर हुए हमलों में कथित तौर पर आम लोगों और सेना के लोगों की मौत हुई और शहर के पोर्ट पर मौजूद सुविधाओं समेत इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा.

'बड़े पैमाने पर फिर से लड़ाई का खतरा'

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने कहा कि ये हमले अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम समझौते के लागू होने के बाद से सैन्य गतिविधि में सबसे ज्यादा तेजी के बीच हुए. इससे यमन में बड़े पैमाने पर फिर से लड़ाई का खतरा तेजी से बढ़ गया है. यूएन के दूत ने पार्टियों से ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने और 2022 के युद्धविराम के बाद बनी शांति बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए ठोस उपायों पर उनके ऑफिस के साथ काम करने की अपील की.

मिसाइल और ड्रोन से किया हमला

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि रविवार को हूती समूह ने लाल सागर के बंदरगाह शहर मोचा और देश के पश्चिमी तट पर सरकार के कब्जे वाले दूसरे इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए. इन हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए. एक स्थानीय मेडिकल सोर्स ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत में सरकार के कब्जे वाले मोचा पोर्ट और आस-पास के इलाकों में हूती हमलों में चार आम नागरिक और चार सरकारी मिलिट्री के लोग मारे गए और करीब 32 लोग घायल हो गए.

आपातकालीन उपायों को मजबूत करने के निर्देश

बंदरगाह के निदेशक अब्दुल मलिक अल-शराबी ने एक प्रेस बयान में कहा कि हूती विद्रोहियों ने इस सुविधा पर दर्जनों ड्रोन दागे, जिनमें से लगभग 25 ने आर्थिक प्रतिष्ठानों, कर्मचारी आवास और एक कस्टम हैंगर को निशाना बनाया. यमन के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों से बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है. मंत्रालय ने सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों के बंदरगाहों, हवाई अड्डों और भूमि सीमा पारगमन बिंदुओं पर तैयारियां बढ़ा दी हैं और आपातकालीन उपायों को और मजबूत किया है.

2014 से संघर्ष में फंसा हुआ है यमन

यमन 2014 के अंत से संघर्ष में फंसा हुआ है. तब हूती विद्रोहियों ने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया था. संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से अप्रैल 2022 में युद्धविराम लागू हुआ था, जो उसी साल अक्टूबर में बिना औपचारिक विस्तार के समाप्त हो गया. हालांकि उसके बाद भी नाजुक संघर्षविराम काफी हद तक बना रहा और बड़े पैमाने की शत्रुता में काफी कमी आई थी, जो हाल की ताजा तनाव बढ़ने तक जारी रही.

स्रोत- आईएएनएस

Continue reading on the app

JPSC Protest: झारखंड में छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, 11 अगस्त को बीजेपी का बंद का ऐलान, जानें क्या बोले- सीएम सोरेन

JPSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है. रांची में विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है. पार्टी का कहना है कि बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा.

इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन कर रहे छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के प्रभाव में आकर अपने मूल मुद्दे से न भटकें.

11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान

छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाते हुए बीजेपी ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद बुलाया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि बंद का उद्देश्य छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध दर्ज कराना है.

पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि आम लोगों की जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा जाएगा. ऐसे में अस्पताल, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक गतिविधियों पर असर न डालने की बात कही गई है.

CM सोरेन बोले- राजनीतिक बहकावे में न आएं

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के विधानसभा मार्च और उसके बाद पैदा हुए हालात पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह छात्रों की समस्याओं और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन की भावना को समझते हैं.

हालांकि, मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक नैरेटिव के प्रभाव में न आएं और अपने मुद्दों पर केंद्रित रहें. मुख्यमंत्री की इस अपील के बाद अब आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है.

नौ दिन से अनशन पर थे देवेंद्र महतो

छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र महतो पिछले नौ दिनों से अनशन पर थे. विधानसभा मार्च में शामिल होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

उनकी तबीयत खराब होने की खबर के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच भी चिंता बढ़ गई है. छात्र भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित विवादों की जांच और प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं.

बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर बोला हमला

बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की अपील के बावजूद रात में स्ट्रीट लाइटें बंद कर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया.

मरांडी ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा. उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों की ओर से उठाई जा रही CBI जांच की मांग का समर्थन करने की भी अपील की. उन्होंने सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई को भुलाया नहीं जाएगा.

अब आंदोलन का अगला चरण क्या होगा?

JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन पहले ही कई दिनों से जारी है. विधानसभा मार्च, पुलिस कार्रवाई, नेताओं की बयानबाजी और अब बंद के आह्वान के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया है.

एक तरफ सरकार छात्रों से आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने की अपील कर रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी पुलिस कार्रवाई को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है.

अब सबकी नजर 11 अगस्त के बंद और उसके दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर रहेगी. साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या नहीं.

यह भी पढ़ें - Explainer: रांची का Gen-Z आंदोलन क्यों है दिल्ली के NEET प्रदर्शन से अलग? जानिए JPSC आंदोलन की पूरी कहानी

Continue reading on the app

  Sports

शुभमन गिल के निशाने पर WTC का बड़ा रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले बन जाएंगे पहले भारतीय, गॉल टेस्ट में सुनहरा मौका

shubman gill runs in wtc: शुभमन गिल अब तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 40 मैच खेलकर 2843 रन बना चुके हैं. श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अगर गिल 157 रन बनाने में कामयाब हो गए तो उन्होंने WTC में 3000 रन पूरे हो जाएंगे. गिल इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. अब तक कोई भी भारतीय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में ये उपलब्धि नाम नहीं कर पाया है. Wed, 12 Aug 2026 05:01:03 +0530

  Videos
See all

PoJK में अत्याचार पर भारत सख्त! विदेश मंत्रालय ने पाक को बेनकाब किया, MEA की पाकिस्तान को चेतावनी #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T00:34:23+00:00

Weather Update: 12 अगस्त तक मानसून का असली धमाल ! Heavy Rain | IMD Alert | Weather Alert | Forecast #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T00:30:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers