योगी सरकार ने यूपी में पुराने वाहनों को खरीदने-बेचने के लिए बनाया नया नियम, जानें कब से होगा लागू
UP News: अगर आप अपनी पूरानी कार या बाइक बेचना चाहते हैं या पुरानी कार या बाइक खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए ये जरूरी खबर है. क्योंकि योगी सरकार ने यूपी में पुराने वाहनों को बेचने के लिए नया नियम बना दिया है. क्योंकि राज्य में अब पुराने वाहन ऑनलाइन ही खरीदे और बेचे जा सकेंगे. इसके लिए योगी सरकार नई व्यवस्था लागू कर दी है. जिसे लेकर परिवहन राज्य मंत्री ने विस्तार से जानकारी दी.
कब लागू होगा पुराने वाहनों को बेचने-खरीदने का नया नियम?
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह का कहना है कि प्रयोग में लाए गए या पूर्व में पंजीकृत मोटर वाहनों की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए नया नियम बनाया गया है. जिसके तहत पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त डिजिटल माध्यम से सुव्यवस्थित बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियम में संशोधन किए हैं. ये नए नियम राज्य में 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं.
कैसे दी गई मान्यता?
योगी सरकार के नए नियमों के तहत पंजीकृत वाहन के अधिकृत व्यापारी (ADRV) की व्यवस्था को विधिक मान्यता प्रदान की गई है. नई व्यवस्था के अनुसार प्रयोग में लिए गए वाहनों की खरीद-फरोख्त से संबंधित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी की जाएंगी. इससे वाहन मालिक, अधिकृत डीलर और परिवहन प्रशासन के बीच उत्तरदायित्व भी सनिश्चित किया जा सकेगा.
ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य
इसके साथ ही परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पंजीकृत वाहनों की खरीद फरोख्त से जुड़े डीलरों को संबंधित पंजीकरण प्राधिकारी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य होगा. उन्होंन बताया कि ये प्रमाण पत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के बाद उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रमाण पत्र सामान्यतः पांच वर्ष के लिए वैध होगा, साथ ही वाहन मालिक को भी वाहन के कब्जे और उत्तरदायित्व से संबंधित प्रमाणिक अभिलेख पोर्टल के माध्यम से प्राप्त करने होंगे.
वाहनों का मिलेगा पूरा विवरण
इसके साथ ही परिवहन मंत्री ने बताया कि नए प्रावधान के तहत अधिकृत डीलर को अपने कब्जे में उपलब्ध वाहनों के संबंध में पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र का नवीनीकरण, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना. जबकि एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना और वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने की सुविधा भी मिलेगी.
परिवहन मंत्री ने कहा कि रजिस्टर्ड डीलर को अपने पास उपलब्ध वाहनों का विवरण एक इलेक्ट्रॉनिक इन्वेंटरी रजिस्टर में रखना होगा. इसके साथ ही उन्हें वाहनों के उपयोग से संबंधित सभी विवरण पोर्टल पर अपडेट करने होंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस प्रणाली का सफल प्रतिपादन हो चुका है और अब विकसित प्रणाली को वाहन पोर्टल पर लाइव करने की प्रक्रिया जारी है. जल्द ही इसे भी सक्रिय कर दिया जाएगा.
क्या होगा नए नियमों का फायदा?
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि नए नियम के लागू होने से से प्रयोग में लाए गए वाहनों को खरीदना और बेचना आसान हो जाएगा. साथ ही खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बन जाएगी. इसके साथ ही वाहन स्वामित्व हंस्तांतरण की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी. जिससे खरीद-बिक्री और अधिक सरल, त्वरित एवं विश्वसनीय बन जाएगी.
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