Upcoming SUVs: 5 साल में आएंगी मारुति की 7 नई कारें, मैन्युफैक्चरिंग केपेसिटी बढ़ेगी
Upcoming SUVs: भारत की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी आने वाले वर्षों में अपने SUV पोर्टफोलियो को तेजी से विस्तार देने की तैयारी कर रही है। कंपनी की एनुअल इंटीग्रेडेट रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, मारुति सुजुकी अगले पांच वर्षों में भारतीय बाजार में 7 नई SUV पेश करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान करीब 5 लाख यूनिट की अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इससे आने वाले वर्षों में भारतीय ग्राहकों को कंपनी की ओर से कई नए मॉडल देखने को मिल सकते हैं।
2030-31 तक 63 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है कार बाजार
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030-31 तक भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार बढ़कर 61 लाख से 63 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। इस संभावित ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए कंपनी SUV सेगमेंट को मजबूत करने के साथ-साथ छोटी कारों, मल्टी-पावरट्रेन और स्वच्छ ईंधन पर भी फोकस कर रही है।
कंपनी पेट्रोल, CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ अपने मॉडल पोर्टफोलियो को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
5 साल में 7 नई SUV लाने की तैयारी
मारुति सुजुकी के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची के अनुसार, भारतीय ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। इसी बदलती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपने SUV पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी ने 24.22 लाख वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की। इसमें 4.47 लाख वाहनों का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट भी शामिल रहा। कंपनी लगातार तीसरे साल 20 लाख से ज्यादा वाहन बेचने में सफल रही है।
मारुति का मानना है कि आने वाले पांच वर्षों में भारतीय बाजार में छोटी कारों की मांग भी दोबारा मजबूत हो सकती है। ऐसे में कंपनी SUV के साथ छोटे वाहनों के सेगमेंट पर भी फोकस बनाए रखेगी।
5 लाख यूनिट की नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 5 लाख यूनिट की नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इससे कंपनी को घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
नई उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी के प्लांट्स और सप्लायर नेटवर्क में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
बायोगैस पर ₹561 करोड़ का निवेश
वाहनों के उत्पादन और बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ मारुति सुजुकी स्वच्छ ईंधन के क्षेत्र में भी निवेश कर रही है। कंपनी के बोर्ड ने पहले चरण में करीब 561 करोड़ रुपये की लागत से चार बायोगैस प्लांट लगाने की योजना बनाई है।
कंपनी के मुताबिक, स्थानीय संसाधनों से बड़े पैमाने पर बायोगैस का उत्पादन किया जा सकता है। भविष्य में इस ईंधन का इस्तेमाल आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है। शुरुआती परियोजनाओं के अनुभव के आधार पर कंपनी आगे बायोगैस के उत्पादन और वितरण में अतिरिक्त निवेश करने की योजना बना सकती है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
मारुति सुजुकी की इस रणनीति का सीधा असर भारतीय कार बाजार और ग्राहकों पर देखने को मिल सकता है। अगले पांच वर्षों में 7 नई SUV आने से ग्राहकों को कॉम्पैक्ट, मिड-साइज और प्रीमियम SUV सेगमेंट में ज्यादा विकल्प मिलेंगे। कंपनी नए मॉडलों में बेहतर सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और अलग-अलग पावरट्रेन विकल्प देने पर भी जोर दे सकती है।
वहीं, अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ने से वाहनों की उपलब्धता बेहतर होने और ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन में रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। बायोगैस परियोजनाओं से स्वच्छ और घरेलू ईंधन के विकल्प को बढ़ावा देने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
Maruti Suzuki की बड़ी तैयारी
कुल मिलाकर, मारुति सुजुकी अगले पांच वर्षों में SUV सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। 7 नई SUV, 5 लाख यूनिट की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और 561 करोड़ रुपये का बायोगैस निवेश कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति को दिखाता है। हालांकि, आने वाली SUV के नाम, फीचर्स, कीमत और लॉन्च टाइमलाइन से जुड़ी अंतिम जानकारी कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
(मंजू कुमारी)
Car Selling Tips: पुरानी कार बेचने जा रहे हैं? इन 5 बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बेहतर दाम
Car Selling Tips: आज के समय में नई कार खरीदना हर किसी के बजट में नहीं होता। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग यूज्ड कार खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, जब अपनी पुरानी कार बेचने की बारी आती है, तो कई बार मालिक को उम्मीद के मुताबिक कीमत नहीं मिल पाती। किसी भी कार की रीसेल वैल्यू उसकी उम्र, मॉडल, कंडीशन, माइलेज और बाजार में उसकी मांग जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है।
हालांकि, कार बेचने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां करने से उसे खरीदार के सामने बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता है। कार की सफाई से लेकर सर्विस, दस्तावेज और सही बिक्री प्लेटफॉर्म चुनने तक कुछ आसान कदम बेहतर डील मिलने की संभावना बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं पुरानी कार बेचने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. कार की अच्छी तरह सफाई करवाएं
कार बेचने से पहले उसकी अंदर और बाहर अच्छी तरह सफाई करवाना जरूरी है। कार की बॉडी से धूल, मिट्टी और दाग हटवाने के साथ जरूरत पड़ने पर पॉलिश या वैक्सिंग भी कराई जा सकती है।
इसी तरह कार के इंटीरियर में सीट, डैशबोर्ड, फ्लोर और अन्य हिस्सों की सफाई करवाएं। साफ और अच्छी तरह मेंटेन की गई कार खरीदार पर पहली नजर में बेहतर प्रभाव डाल सकती है।
2. जरूरी सर्विस और रिपेयर करा लें
कार बेचने से पहले उसकी मौजूदा स्थिति की जांच जरूर करवाएं। इंजन ऑयल, ब्रेक, टायर और बैटरी जैसी जरूरी चीजों को चेक कराना बेहतर रहेगा। अगर कार में कोई छोटी खराबी है और उसे कम खर्च में ठीक कराया जा सकता है, तो बिक्री से पहले रिपेयर करवाना फायदेमंद हो सकता है।
इसके अलावा कार की सर्विस हिस्ट्री और सर्विस रिकॉर्ड संभालकर रखें। नियमित सर्विस का रिकॉर्ड खरीदार को यह भरोसा दिलाता है कि कार की समय-समय पर सही देखभाल की गई है।
3. सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
पुरानी कार बेचते समय सभी जरूरी दस्तावेजों का अपडेटेड होना बेहद जरूरी है। बिक्री से पहले RC, इंश्योरेंस, PUC और सर्विस बुक जैसे कागजात तैयार रखें।
अगर किसी दस्तावेज में कमी या जानकारी अपडेट नहीं है, तो खरीदार इसका हवाला देकर कीमत कम करने की कोशिश कर सकता है। वहीं, सभी कागजात पूरे और सही होने पर बिक्री की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है।
4. अच्छी एक्सेसरीज की जानकारी दें
अगर कार में पहले से अच्छा म्यूजिक सिस्टम, सीट कवर या अन्य उपयोगी एक्सेसरीज लगी हैं, तो खरीदार को इनके बारे में जरूर बताएं। इससे कार की खूबियों को बेहतर तरीके से सामने रखा जा सकता है।
हालांकि, सिर्फ कार बेचने के लिए महंगे मॉडिफिकेशन करवाने से बचना चाहिए। कई खरीदार पुरानी कार को उसके ओरिजिनल या स्टॉक रूप में खरीदना पसंद करते हैं। इसलिए मौजूदा उपयोगी एक्सेसरीज को दिखाएं, लेकिन गैर-जरूरी बदलावों पर अतिरिक्त पैसा खर्च न करें।
5. सही समय और प्लेटफॉर्म चुनें
कार बेचने के लिए सही समय और सही प्लेटफॉर्म चुनना भी महत्वपूर्ण है। त्योहारों के दौरान कारों की मांग बढ़ सकती है। वहीं, नए मॉडल के लॉन्च या अपडेट से पहले भी पुरानी कार बेचने पर विचार किया जा सकता है।
सिर्फ एक ऑफर पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग ऑनलाइन कार सेलिंग प्लेटफॉर्म और स्थानीय डीलर्स से कीमत का पता लगाएं। मिलने वाले ऑफर्स की तुलना करने के बाद ही बेहतर विकल्प चुनें।
अगर ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए कार बेच रहे हैं, तो उसकी साफ और अच्छी क्वालिटी की तस्वीरें लगाएं। साथ ही कार की उम्र, माइलेज, कंडीशन, सर्विस हिस्ट्री और किसी खराबी की जानकारी ईमानदारी से दें। पारदर्शिता रखने से खरीदार का भरोसा बढ़ सकता है।
बाजार की मांग पर भी निर्भर करती है कार की कीमत
इन तैयारियों से कार को बेहतर स्थिति में पेश करने और बिक्री प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इससे कार की कीमत बढ़ना तय नहीं है।
पुरानी कार की वास्तविक कीमत मॉडल, उम्र, माइलेज, कंडीशन, सर्विस हिस्ट्री, बाजार की मांग और उपलब्ध विकल्पों पर निर्भर करती है। इसलिए कार बेचने से पहले अलग-अलग प्लेटफॉर्म और डीलर्स से मिलने वाले ऑफर्स की तुलना करना समझदारी होगी। सही तैयारी और पारदर्शी जानकारी के साथ बेहतर डील मिलने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
(मंजू कुमारी)
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