यूपी में प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को बड़ी राहत, 762 निकायों में लागू होगी OTS योजना
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राज्य सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स के पुराने बकाये को निपटाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना यानी OTS लागू करने का फैसला किया है. यह योजना प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू होगी. इसके दायरे में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत शामिल हैं.
इस योजना का उद्देश्य एक तरफ बकायेदारों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देना है, वहीं दूसरी तरफ नगर निकायों के लंबे समय से अटके राजस्व की वसूली करना है.
15 अगस्त से 15 दिसंबर तक मिलेगा मौका
OTS योजना 15 अगस्त 2026 से शुरू होकर 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी. इस दौरान पात्र संपत्ति मालिक अपने पुराने कर बकाये का निपटारा कर सकेंगे.
योजना के तहत 1 अप्रैल 2026 तक लंबित गृहकर, जलकर और सीवर कर के बकाये को शामिल किया गया है. इसमें आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां भी दायरे में आएंगी.
ब्याज और सरचार्ज पर 100 फीसदी छूट
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पात्र बकायेदारों को पुराने कर पर जमा हुए ब्याज और सरचार्ज से पूरी राहत दी जाएगी. यानी लाभार्थी को निर्धारित शर्तों के अनुसार केवल मूल बकाया राशि का भुगतान करना होगा.
इससे उन लोगों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है जिनका मूल टैक्स कम था, लेकिन लंबे समय तक भुगतान नहीं होने के कारण ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ते-जुड़ते बकाया काफी बढ़ गया है.
तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे रकम
सरकार ने बकायेदारों पर एक साथ पूरा भुगतान करने का दबाव नहीं रखा है. OTS के तहत मूल बकाया राशि को अधिकतम तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है.
योजना का लाभ लेने के लिए पहली किस्त के तौर पर बकाये की एक-तिहाई राशि निर्धारित समय के भीतर जमा करनी होगी. इसके बाद बची रकम दो मासिक किस्तों में चुकाई जा सकती है. हालांकि, OTS का लाभ बनाए रखने के लिए पूरी राशि निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा करना जरूरी होगा.
762 नगरीय निकाय आएंगे दायरे में
यह योजना प्रदेश के सभी नगरीय निकायों पर लागू होगी. इनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें शामिल हैं. इस तरह छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक संपत्ति कर के बकायेदार इस योजना का लाभ उठा सकेंगे.
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
बकायेदारों की सुविधा के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी. नगर निकायों में सहायता केंद्र बनाए जाने और योजना के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी व्यवस्था है.
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन मिलने के बाद मामलों का निर्धारित समय में निस्तारण किया जाए. लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए SMS, ई-मेल, समाचार पत्र, होर्डिंग और जागरूकता शिविरों का सहारा लिया जाएगा.
सरकार को भी मिलेगा राजस्व का फायदा
OTS योजना से सिर्फ बकायेदारों को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि नगर निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की भी उम्मीद है. लंबे समय से अटके संपत्ति कर की वसूली होने से स्थानीय निकायों के पास विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे.
सड़क, स्ट्रीट लाइट, सफाई, जल निकासी और पेयजल जैसी नागरिक सुविधाओं के लिए नगर निकायों की आय महत्वपूर्ण होती है. अधिकारियों को उम्मीद है कि इस अभियान से बड़ी मात्रा में लंबित राजस्व की वसूली हो सकती है.
यह भी पढ़ें - अतीक के बेटे उमर के काफिले की 30 गाड़ियों पर FIR दर्ज, टोलकर्मियों पर की गाड़ी चढ़ाने की कोशिश
जयपुर की शान, राजपूत वास्तुकला और शाही इतिहास का शानदार संगम
जयपुर की शान, राजपूत वास्तुकला और शाही इतिहास का शानदार संगम
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Samacharnama









