तंबाकू बोर्ड ने एफसीवी तंबाकू गांठ के वर्गीकरण के लिए कोन्सटेम्स एआई से हाथ मिलाया
तंबाकू बोर्ड ने एफसीवी तंबाकू गांठ के वर्गीकरण के लिए कोन्सटेम्स एआई से हाथ मिलायाएयर इंडिया फ्लाइट का हाइड्रोलिक सिस्टम 3 बार फेल हुआ:ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया था; 300 फीट नीचे आया था विमान, 17 घायल हुए थे
एयर इंडिया के ए320 विमान में पिछले हफ्ते फुकेत से दिल्ली आते समय कई तकनीकी खराबियां आईं। विमान की ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट घट गई और हाइड्रोलिक सिस्टम तीन बार फेल हुआ। इस दौरान विमान को हवा में झटके भी लगे। यह घटना 4 अगस्त की है। विमान में सवार कम से कम 17 लोग घायल हुए थे। मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) कर रहा है। फ्रांस की एजेंसी और एयरबस की टीम जांच में मदद करेगी एएआईबी ने 4 अगस्त की इस गंभीर घटना की जांच शुरू कर दी है। यह जांच इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (आईसीएओ) के एनेक्सचर 13 के तहत की जा रही है। यह नियम विमान हादसों और घटनाओं की जांच से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, फ्रांस की एजेंसी बीईए और एयरबस की टीमें मंगलवार को भारत पहुंच सकती हैं। एयरबस का ए320 विमान फ्रांस में बनता है, इसलिए बीईए भी जांच में शामिल हो रही है। एयरबस के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि विशेषज्ञों की टीम जांच में मदद के लिए भेजी जा रही है। उन्होंने बयान में कहा, “आईसीएओ एनेक्सचर 13 के मुताबिक, एयरबस संबंधित जांच एजेंसियों को तकनीकी मदद दे रही है। हम एयरलाइन की लगातार मदद कर रहे हैं और जानकारी उपलब्ध होने पर आगे की जानकारी देंगे। विशेषज्ञों की एक टीम जांच में मदद के लिए भेजी जा रही है।” ऑटोपायलट बंद हुआ, कॉकपिट में कई संकेतक भी बंद हुए सूत्रों ने बताया कि 4 अगस्त की उड़ान के दौरान विमान का ऑटोपायलट मोड डिस्कनेक्ट हो गया था। इसके तुरंत बाद सह-पायलट ने मैनुअल तरीके से विमान का कंट्रोल संभाला। इसके बाद विमान में फ्लाइट कंट्रोल स्टॉल का संदेश आया। कई इंडिकेटर स्विच कुछ समय के लिए बंद हो गए और विमान में कई तकनीकी और मैकेनिकल खराबियां भी आईं। सूत्रों के मुताबिक, विमान को हवा में झटके भी लगे थे। इन समस्याओं को संभालने के बाद विमान दिल्ली के लिए रवाना हुआ और सुरक्षित लैंडिंग की। 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर विमान में थे फुकेत-दिल्ली उड़ान एआई2379 में ए320 विमान वीटी-ईएक्सओ का इस्तेमाल किया गया था। क्रूज के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट घट गई थी, जिसके बाद विमान स्थिर हुआ और दिल्ली में सुरक्षित उतरा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 9 अगस्त को बताया था कि इस घटना में कुछ यात्रियों और केबिन क्रू मेंबर्स के घायल होने की जानकारी मिली थी। विमान में 137 यात्री सवार थे, जिनमें 3 शिशु शामिल थे। इसके अलावा विमान में 8 क्रू मेंबर थे। हाइड्रोलिक सिस्टम दबाव वाले तरल पदार्थ की मदद से मशीनरी या मैकेनिकल हिस्सों को चलाता है। स्काईब्रेरी वेबसाइट के मुताबिक, लगभग सभी विमानों में हाइड्रोलिक सिस्टम से चलने वाले हिस्से होते हैं। विमान के फ्लाइट कंट्रोल और सामान्य कामकाज में इन सिस्टम की अहम भूमिका होती है। पायलट की दोबारा जांच का रिजल्ट बाकी मंत्रालय ने बताया था कि विमान के पायलट-इन-कमांड की कन्फर्मेटरी टेस्टिंग कराई गई है। शुरुआती साइकोएक्टिव पदार्थ स्क्रीनिंग में ऐसा रिजल्ट आया था, जिसके लिए आगे की जांच जरूरी थी। कन्फर्मेटरी टेस्टिंग का रिजल्ट अभी आना बाकी है। इसी बीच, पायलटों के संगठन एएलपीए इंडिया ने कहा कि आमतौर पर बिना पर्ची मिलने वाली दवाएं भी पायलटों की साइकोएक्टिव पदार्थ जांच में “नॉन-नेगेटिव” रिजल्ट दे सकती हैं।
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