अदाणी टोटल गैस का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में मुनाफा 9 प्रतिशत बढ़ा, रेवेन्यू में 17 प्रतिशत की उछाल
अहमदाबाद, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (क्यू4) यानी मार्च 31, 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की।
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि एटीजीएल ने इस तिमाही में 168.34 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 154.59 करोड़ रुपए से अधिक है।
तिमाही आधार पर देखें तो दिसंबर तिमाही के 157.22 करोड़ रुपए के मुकाबले मुनाफा 8 प्रतिशत बढ़ा है।
कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली आय इस तिमाही में 1,694.61 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल के 1,453.37 करोड़ रुपए से 16.62 प्रतिशत ज्यादा है। यह बढ़ोतरी गैस की खपत बढ़ने और बिजनेस के विस्तार के कारण हुई।
ऑपरेशनल स्तर पर भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया। चौथी तिमाही में कुल गैस वॉल्यूम 297 एमएमएससीएम रहा, जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत ज्यादा है।
ईबीआईटीडीए 310 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का गैस वॉल्यूम 14 प्रतिशत बढ़कर 1,133 एमएमएससीएम हो गया, जबकि सालाना ईबीआईटीडीए 5 प्रतिशत बढ़कर 1,225 करोड़ रुपए पहुंच गया।
अदाणी ग्रुप की कंपनी ने इस दौरान अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखा। सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़कर 705 हो गई, जिसमें 25 नए स्टेशन जोड़े गए। वहीं, पीएनजी कनेक्शन लगभग 11 लाख तक पहुंच गए, जिसमें करीब 49,500 नए घर जुड़े।
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों की संख्या भी बढ़कर 9,965 हो गई, जिसमें 214 नए ग्राहक जुड़े।
कंपनी ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया है। करीब 15,572 इंच-किलोमीटर स्टील पाइपलाइन नेटवर्क पूरा किया गया और 9 नए सिटी गेट स्टेशन (सीजीएस) और एक एलसीएनजी प्लांट शुरू किया गया, जिससे नए क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति संभव हुई।
क्लीन मोबिलिटी के लक्ष्य के तहत कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल नेटवर्क का भी विस्तार किया। ईवी चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या 5,100 से ज्यादा हो गई है।
साथ ही, कंपनी ने पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ईएसजी) के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसे केयरएज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) से बेहतर रेटिंग मिली है।
कंपनी के सीईओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुरेश पी. मंगलानी ने कहा कि कंपनी ने ऑपरेशनल मजबूती और डिजिटल तकनीक के कारण वॉल्यूम और रेवेन्यू में दोहरे अंकों की मजबूत वृद्धि हासिल की है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जॉर्डन ने भारत की अगुवाई वाली वैश्विक पहलों आईएसए, सीडीआरआई और जीबीए में सदस्यता की पुष्टि की
नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। जॉर्डन ने भारत के नेतृत्व में चल रही प्रमुख वैश्विक पहलों—इंटरनेशनल सोलर अलायंस यानी अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए)—की सदस्यता की औपचारिक पुष्टि की है।
भारत में जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्देलगनी ने सोमवार को इन पहलों में जॉर्डन की सदस्यता से संबंधित दस्तावेज विदेश मंत्रालय में सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा को सौंपे।
यह कदम भारत और जॉर्डन के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है, खासकर ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में। आईएएसए के माध्यम से सौर ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सीडीआरआई ढांचागत परियोजनाओं को आपदा-रोधी बनाने में सहयोग प्रदान करेगा। वहीं, जीबीए स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के रूप में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच उपलब्ध कराता है।
जॉर्डन का इन पहलों में शामिल होना भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करता है और विकासशील देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देता है। यह साझेदारी जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और सतत विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
भारत लंबे समय से इन बहुपक्षीय पहलों के जरिए वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है, और जॉर्डन की सदस्यता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।
दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा और जल संसाधन प्रबंधन पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों देशों ने आगामी 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा। बता दें कि भारत, जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है।
--आईएएनएस
केआर/
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