होर्मुज पर नहीं बदले हालात तो तेल की कीमतें बढ़ना तय: रक्षा विशेषज्ञ
नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति नहीं हो पाई है। बातचीत की कोशिशें जारी है। इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दुनिया फिक्रमंद है। भारतीय थल सेना के पूर्व मेजर जनरल और रक्षा विशेषज्ञ ध्रुव कटोच के अनुसार अगर स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में तेल की कीमत बढ़ जाएगी, जिसे रोकना किसी भी देश के बूते की बात नहीं होगी। आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि होर्मुज को लेकर जिद बरकरार रही तो क्या नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
पूर्व सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि वर्तमान हालात संकेत दे रहे हैं कि ईरान को वार्ता के लिए आगे आना ही होगा। उन्होंने तकनीकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा, होर्मुज की बात करें, तो अमेरिका ने नाकेबंदी कर ली है। इसका असर ज्यादा पड़ेगा। ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाता रहा है। नाकेबंदी का असर ये होगा कि ईरान जिस तेल का उत्पादन कर रहा है वो बेच नहीं पा रहा। शिप बाहर जा नहीं पा रहीं। उसके तेल का भंडारण बढ़ रहा है। 10-15 या फिर एक महीना बाद भंडारण क्षमता से अधिक बढ़ जाएगा तो तेल के कुएं बंद करने की नौबत आ जाएगी। लेकिन अगर ये हुआ तो दोबारा चालू करने में तकनीकी वजहों से काफी दिक्कत पेश आ सकती है।
एक्सपर्ट के अनुसार, जो स्थिति है उसमें ईरान को टॉक्स के राह पर आना ही होगा। अमेरिका की नाकाबंदी काम कर सकती है। हालांकि हम ये भी जानते हैं कि इसका त्वरित हल नहीं निकलने वाला। इसमें एक महीना या फिर तीन महीना भी लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बदलेगी। यकीन मानें, होर्मुज से दबाव बढ़ेगा।
रक्षा विशेषज्ञ ने आगे चेताया कि आने वाले समय में भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। बोले, हम फिलहाल रूस से क्रूड ले रहे हैं, लेकिन उस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया है। ट्रेडिंग सिस्टम पर अमेरिका का ही नियंत्रण है क्योंकि व्यापार की करेंसी तो डॉलर है। ऐसे में अगर भविष्य में प्रतिबंध के बावजूद रूस से तेल लेने की कोशिश की, तो डॉलर से ट्रेड नहीं कर पाएंगे। इसका पूरा असर पूरी दुनिया से हमारे ट्रेड पर पड़ सकता है। फिलहाल हम रूस से तेल ले रहे हैं, लेकिन भविष्य में संकट पैदा हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा, भारत, चीन, जापान, कोरिया समेत पूरे ग्लोबल साउथ में ऊर्जा की कीमतें बढ़ेंगी तो अमेरिका और यूरोप पर भी पड़ेगा। इसका तो पूरी दुनिया पर असर पड़ेगा और कोई भी सरकार इसे रोक नहीं पाएगी। तेल की कीमतों में भी इजाफा होगा।
--आईएएनएस
केआर/
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Kal Ka Mausam: महाराष्ट्र में लू से किसान की मौत, उत्तराखंड में ट्रटा 17 साल का रिकॉर्ड; जानें IMD अपडेट
Kal Ka Mausam: देशभर में मौसम की लुका-छिपी का खेल जारी है. एक तरफ जहां कई राज्यों में सूरज की तपिश लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आंधी और बारिश की आहट ने राहत की उम्मीद जगाई है. वर्तमान में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भीषण लू का असर देखा जा रहा है.
लू के कहर से किसान की मौत
महाराष्ट्र के लातूर में गर्मी का सितम इतना बढ़ गया कि लू लगने से एक किसान की मौत की दुखद खबर सामने आई है. राजस्थान का बाड़मेर इलाका भट्टी की तरह तप रहा है, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया है. पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की स्थिति भी अलग नहीं है, वहां की राजधानी देहरादून में गर्मी ने पिछले 17 सालों के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. प्रशासन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है.
नोएडा में स्कूल टाइमिंग बदलीं
उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट ने बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए नोएडा के सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया है. यह फैसला छात्रों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखने और स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए लिया गया है. यह आदेश जिले के सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा, जिनमें सरकारी, निजी तथा CBSE, ICSE, IB और यूपी बोर्ड से संबद्ध स्कूल शामिल हैं. नए निर्देश के अनुसार, अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे. ये नए समय 27 अप्रैल 2026 से अगले आदेश तक लागू रहेंगे.
???? Observed Heatwave condition in Maharashtra !
— India Meteorological Department (@Indiametdept) April 27, 2026
????️Akola sizzles at a scorching 46.9°C on 26 April 2026 among the highest temperatures recorded!
☀️⚠️ Severe heatwave conditions reported. Stay alert and take precautions.
???? Stay hydrated
???? Wear light & loose clothing
???? Avoid… pic.twitter.com/o7mEM7GSxJ
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में कई चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं. निचले क्षोभमंडल स्तरों में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और असम के मध्य भागों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा, मध्य प्रदेश से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक एक ट्रफ लाइन फैली हुई है. इन भौगोलिक बदलावों के कारण ही आने वाले 48 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम पलटी मार सकता है.
उत्तर भारत और दिल्ली में राहत की उम्मीद
दिल्ली एनसीआर के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है. मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में कल सुबह आसमान में हल्के बादल रहेंगे. दोपहर के बाद मौसम में बदलाव आएगा और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. हालांकि, तापमान अभी भी सामान्य से कुछ डिग्री ऊपर बना रहेगा, लेकिन बारिश और हवाओं से उमस और गर्मी में थोड़ी कमी जरूर महसूस होगी.
उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी-बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मौसम में 28 अप्रैल से बड़ी हलचल होने वाली है. नोएडा, आगरा और मेरठ जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बिजली कड़कने के साथ मध्यम बारिश की संभावना है. यह सिलसिला 2 मई तक जारी रह सकता है. जहां एक ओर नोएडा और आसपास के इलाकों में बारिश होगी, वहीं दूसरी ओर लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी समेत करीब 40 जिलों में भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है.
बिहार की बात करें तो वहां भी मौसम काफी अस्थिर है. किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जैसे उत्तर बिहार के जिलों में अगले 48 घंटों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. दक्षिण बिहार में फिलहाल गर्मी का प्रकोप कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं, वहां लू का असर बरकरार रहेगा.
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का हाल
राजस्थान में 29 अप्रैल से 1 मई के बीच तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की उम्मीद है. पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं. वहीं, पंजाब और हरियाणा में 28 से 30 अप्रैल के बीच मौसम काफी उग्र हो सकता है. यहां 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इस बदलाव को देखते हुए अपनी फसलों का ध्यान रखें.
दक्षिण भारत में भारी बारिश
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है. उत्तराखंड और हिमाचल के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका है. दक्षिण भारत की बात करें तो पश्चिमी तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. नीलगिरि और कोयंबटूर जैसे इलाकों में अगले तीन दिनों तक व्यापक वर्षा होने की उम्मीद है, जिससे वहां के तापमान में काफी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.
हीटवेव और सावधानी की जरूरत
भले ही कई राज्यों में बारिश का अलर्ट है, लेकिन विदर्भ, गुजरात, ओडिशा और रायलसीमा जैसे क्षेत्रों में लू का प्रकोप बना रहेगा. मौसम विभाग ने इन इलाकों के लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है. छत्तीसगढ़ में भी रात के समय गर्मी का अहसास ज्यादा होगा.
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