यूपी के इस शहर में बेसहारा बुजुर्गों को सरकार ने दिया आशियाना, मिलेंगी ये सुविधाएं
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं, महिलाओं के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए भी योजनाएं चला रही है. अब सरकार ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बेसहारा बुजुर्गों को सौगात दी है. दरअसल, सरकार ने वाराणसी में हाईटेक सुविधाओं से लैस एक वृद्धाआश्रम बनाया है. जिसमें 46 लग्जरी कमरे बनाए गए हैं. इनमें 100 बेड लगाए हैं. इस वृद्धाश्रम में बेसहारा बुजुर्गों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी. जिसमें समय पर बेहतर खाने के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप के समय बिताने का भी इंतजाम किया गया है.
समाज कल्याण विभाग ने उपलब्ध कराई जमीन
इस वृद्धाश्रम के के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा जमीन उपलब्ध कराई गई है. जिस पर नॉर्दन कोलफील्ड लिमिटेड के सीएसआर फंड से वृद्धाश्रम का निर्माण कराया है. जल्द ही पीएम मोदी इस वृद्धाश्रम का उद्घाटन करेंगे. बता दें कि ये वृद्धाश्रम वाराणसी समाज कल्याण विभाग और तारा संस्थान के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. तारा संस्थान के CEO दीपेश मित्तल का कहना है कि उदयपुर, प्रयागराज के बाद वाराणसी में ये हाईटेक वृद्ध आश्रम की शुरुआत की गई है. वृद्ध आश्रमों की चेन की शुरुआत 25 बेड से की गई थी जो अब बढ़कर करीब 500 हो गए हैं.
वृद्ध आश्रम में बेसहारा बुजुर्गों को मिलेंगे ये सुविधाएं
अगर इस वृद्ध आश्रम में मिलने वाली सुविधाओं की बात करें तो यहां बुजुर्गों को 24 घंटे नर्सिंग स्टाफ की सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही वॉशरूम में गीजर लगाया गया है. वेस्टर्न टॉयलेट के अलावा अन्य तमाम सुविधाएं भी इस वृद्ध आश्रम में दी गई है. वृद्धाश्रम के अधीक्षक भूपेंद्र सिंह का कहना है कि यह पूरी बिल्डिंग करीब 24 करोड़ रुपये में बनी है. इस वृद्धाश्र में कपल बुजुर्गों को पर्सनल रूम की भी सुविधा दी जाती है. जबकि बुजुर्गों को 24 घंटे मेडिकल फैसिलिटी भी मिल रही है. साथ ही उनकी देखभाल के लिए पर्सनल केयरटेकर भी उपलब्ध है.
हर दिन अलग होता है खाने का मेनू
इसके अलावा इस वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को हर दिन अलग-अलग प्रकार का भोजन दिया जाता है. इसके साथ ही एक दिन छोड़कर सभी बुजुर्गों का रूटीन चेकअप भी होता है. महीने के 30 दिनों के खाने का मेनू भी अलग-अलग रखा गया है. वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को सुबह 7:00 बजे चाय दी जाती है. जबकि सुबह 9:00 बजे नाश्ता भी दिया जाता है. जबकि दोपहर एक बजे लंच दिया जाता है. वहीं शाम 4:00 बजे चाय और रात 7 बजे डिनर दिया जाता है. वहीं रात 9:00 बजे बुजुर्गों को दूध भी दिया जाता है. फिलहाल इस वृद्धाश्रम में 100 बेड की क्षमता है. जिसमें 106 बुजुर्ग रहते हैं.
भजन-कीर्तन से लेकर हेल्थ चेकअप की भी सुविधा
इस वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के लिए भजन-कीर्तन, गेम्स और हेल्थ चेकअप की सुविधा मिलती है. वृद्धाश्रम में एक दिन छोड़कर अगले दिन भजन कीर्तन होता है. साथ ही उन्हें इनडोर गेम्स की सुविधा भी दी जाती है. बुजुर्गों के रूटीन चेकअप के लिए नर्सिंग स्टाफ रखा गया है. अगर किसी को कोई बड़ी समस्या आती है, तो कैंप के माध्यम से उनका चेकअप किया जाता है. वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की देखभाल के लिए 25 से ज्यादा स्टॉफ रखा गया है.
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देहरादून में वित्तीय साक्षरता शिविर का किया दौरा, लोगों को पेंशन और बीमा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया प्रोत्साहित
नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को देहरादून जिले के सहसपुर में क्रिसिल फाउंडेशन द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया। यह शिविर सेंटर फॉर फाइनेंशियल लिटरेसी (सीएफएल) में आयोजित किया गया था।
यह शिविर भोपालपानी, बड़ासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया था।
अपने इस दौरे के दौरान मल्होत्रा ने नागरिकों को सशक्त बनाने और लंबे समय की आर्थिक स्थिरता के लिए वित्तीय साक्षरता के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने लोगों को वित्तीय जानकारी बढ़ाने और भारत सरकार की विभिन्न पेंशन और बीमा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
वित्तीय सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की जरूरत बताते हुए, आरबीआई गवर्नर ने सीएफएल अधिकारियों से कहा कि वे समाज के हर वर्ग, खासकर दूरदराज और पिछड़े इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक करने के प्रयास तेज करें, ताकि वित्तीय समावेशन बढ़ सके।
उन्होंने प्रतिभागियों से यह भी अपील की कि वे ऐसे शिविरों से मिली जानकारी को अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ साझा करें, ताकि जागरूकता और ज्यादा फैले।
मल्होत्रा ने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से बातचीत की और उनके द्वारा प्रदर्शित उत्पादों में रुचि दिखाई, साथ ही उनके प्रयासों की सराहना की।
इस शिविर में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स भी शामिल हुए, जिन्होंने मौके पर ही लोगों को बुनियादी बैंकिंग सेवाएं दीं।
यहां सिक्कों और पुराने या खराब नोटों के आदान-प्रदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, साथ ही लोगों की सुविधा के लिए एक मोबाइल एटीएम वैन भी मौजूद रही।
इस कार्यक्रम में आरबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
देहरादून के आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक अरविंद कुमार और ब्लॉक विकास अधिकारी भी इस शिविर में शामिल हुए।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी बातचीत की।
शिविर में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स ने लोगों को बैंकिंग की बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराईं।
कुछ स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पाद भी प्रदर्शित किए, जिनमें आरबीआई गवर्नर ने रुचि दिखाई और उनकी सराहना की।
--आईएएनएस
डीबीपी
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