केजरीवाल बोले- जस्टिस स्वर्ण कांता से न्याय की उम्मीद खत्म:एक्साइज केस में HC में पेश नहीं होंगे; सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का फैसला
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में हाईकोर्ट में पेश होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे जस्टिस स्वर्ण कांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है। इसलिए मैंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। अपने अंदर की आवाज पर यह निर्णय लिया है। 20 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट ने जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा को मामले से अलग करने की मांग वाली केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस स्वर्ण कांता ने कहा था कि मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज हटा सकते हैं। दरअसल, केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता पर पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जज RSS से जुड़े संगठन के कार्यक्रम में कई बार गई हैं। उनके बच्चे केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। केजरीवाल ने कहा था- जज के बच्चे SG मेहता के साथ काम करते हैं केजरीवाल ने 15 अप्रैल को कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसके अनुसार, जस्टिस कांता के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि जस्टिस शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें केस से हटाया जाए। केजरीवाल ने कहा- 9 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पहली नजर में गलत बता दिया। ट्रायल कोर्ट ने पूरे दिन सुनवाई कर फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 5 मिनट की सुनवाई में उसे गलत बता दिया। तब मुझे लगा कि मामला पक्षपात की तरफ जा रहा है। मैंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, लेकिन वह खारिज हो गया। इसके बाद मैंने यह आवेदन दिया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शिमला पहुंचेंगी:अगले 6 दिन यहीं रुकेंगी, अटल टनल रोहतांग और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर भी जाएंगी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (सोमवार) हिमाचल प्रदेश के छह दिन के दौरे पर शिमला पहुंच रही हैं। वह शिमला से लगभग 13 किलोमीटर दूर छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति भवन रिट्रीट में ठहरेंगी। शिमला शहर में उनकी मूवमेंट के दौरान कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका जाएगा। अपर शिमला से राजधानी आने वाली गाड़ियां छराबड़ा के पास रोकी जाएंगी, जबकि करसोग-सुन्नी साइड से आने वाले वाहन ढली और मशोबरा बाइफरकेशन से पीछे रोके जाएंगे। इसी तरह, शिमला शहर में भी अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की आवाजाही कुछ देर के लिए रोकी जाएगी। शिमला पुलिस ने राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शिमला शहर से लेकर छराबड़ा तक 1000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए दो दिन से शिमला में रिहर्सल भी की जा रही है। राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर शिमला के अन्नाडेल में उतर सकता है। यहां से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से छराबड़ा के लिए रवाना होंगी। उनके काफिले में करीब 30 गाड़ियां शामिल होंगी। परसों अटल टनल जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अगले छह दिन हिमाचल में रुकेंगी। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, वे शिमला, अटल टनल और पालमपुर विश्वविद्यालय जाएंगी। 28 अप्रैल की सुबह वे राष्ट्रपति निवास में आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी। 29 अप्रैल को राष्ट्रपति शिमला से अटल टनल रोहतांग जाएंगी, जहां वे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद शाम को वे वापस छराबड़ा स्थित रिट्रीट लौटेंगी। 30 अप्रैल को पालमपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल 30 अप्रैल को राष्ट्रपति पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और उसी शाम शिमला वापस लौटेंगी। 1 मई को शिमला में “एट होम” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। 2 मई को राष्ट्रपति मुर्मू दिल्ली लौट जाएंगी। हर साल गर्मियों में शिमला आते रहे हैं राष्ट्रपति बता दें कि शिमला के छराबड़ा में राष्ट्रपति निवास रिट्रीट है। परंपरागत रूप से राष्ट्रपति यहां ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ठहरते हैं। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी दो बार शिमला का दौरा कर चुकी हैं। राष्ट्रपति के दौरे की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
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