तेल की बढ़ती कीमतों से शेयर बाजार धड़ाम: सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी 24150 के करीब
मुंबई. घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक संकेत कमजोर रहने और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया। दोपहर करीब 12:30 बजे सेंसेक्स 836 अंक यानी 1.07 प्रतिशत टूटकर 77680 के स्तर पर आ गया था जबकि निफ्टी भी 200 अंक गिरकर 24178 के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि, सेंसेक्स ने डे लो से करीब 500 अंक की रिकवरी की लेकिन बाजार बंद होते-होते दोबारा सेंसेक्स और निफ्टी ने गोता लगा दिया।
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रही। ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे दिन बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अटकने और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल बाजार में दबाव बना हुआ है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों के बाजार पर पड़ा।
वैश्विक बाजारों से अच्छे संकेत नहीं
वैश्विक बाजारों से भी अच्छे संकेत नहीं मिले। एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे। वहीं अमेरिकी बाजार के संकेत भी कमजोर रहे, जिससे निवेशकों का मूड और बिगड़ा।
16 में से 12 सेक्टर गिरावट में रहे
सेक्टर की बात करें तो 16 में से 12 सेक्टर गिरावट में रहे। ऑटो सेक्टर करीब 1.3 फीसदी टूट गया और सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर भी दबाव दिखा, जहां आईसीआईसीआई बैंक 1.6 फीसदी और एचडीएफसी बैंक 0.8 प्रतिशत तक फिसले। हालांकि फार्मा सेक्टर में मजबूती देखने को मिली और यह करीब 2.3 प्रतिशत चढ़ा, क्योंकि इस क्षेत्र में ग्रोथ की उम्मीद बनी हुई है।
भारतीय रुपये में भी कमजोरी जारी
रुपये में भी कमजोरी जारी रही। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार चौथे दिन गिरकर 94.12 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2078 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा है।
तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी के लिए 24500 का स्तर मजबूत रुकावट बना हुआ है जबकि नीचे की ओर 24150 से 23980 तक गिरावट की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के संकेत हैं।
(प्रियंका कुमारी)
UP Board Result 2026 जारी: 10वीं-12वीं में बेटियों का जलवा, कशिश वर्मा और शिखा बनीं टॉपर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) का रिजल्ट आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया। इस साल भी बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है और लंबे इंतजार के बाद लाखों परीक्षार्थियों को उनका परिणाम मिल गया है।
बोर्ड के अनुसार, कक्षा 10 का कुल पास प्रतिशत 90.42% दर्ज किया गया है, जबकि कक्षा 12 में 80.38% छात्र सफल रहे हैं। हाईस्कूल का रिजल्ट इस बार खासतौर पर बेहतर रहा और पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को भी पार कर गया।
छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल सुविधा के तहत DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए भी मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है।
रिजल्ट जारी करते हुए UPMSP के चेयरमैन ने कहा कि इस साल छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है और शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
UP Board Result 2026: ओवरऑल पास प्रतिशत
- कक्षा 10 का कुल पास प्रतिशत - 90.42%
- कक्षा 12 का कुल पास प्रतिशत - 80.38%
इस बार के नतीजों में खास बात यह रही कि छात्राओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप पोजिशन पर कब्जा जमाया है।
कहां देखें रिजल्ट
रिजल्ट जारी होते ही छात्र इन वेबसाइट्स पर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे:
- upmsp.edu.in
- upresults.nic.in
- results.digilocker.gov.in
- web.umang.gov.in
ऐसे करें रिजल्ट चेक
- सबसे पहले upmsp.edu.in वेबसाइट पर जाएं
- 10वीं या 12वीं रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें
- रोल नंबर और कैप्चा दर्ज करें
- सबमिट करते ही मार्कशीट स्क्रीन पर दिख जाएगी
जरूरी सलाह
रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण सर्वर स्लो हो सकता है। ऐसे में छात्र धैर्य रखें या DigiLocker/UMANG जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें।
भारी ट्रैफिक को देखते हुए बोर्ड ने इस बार सर्वर की क्षमता बढ़ाई है ताकि एक साथ लाखों छात्र बिना किसी परेशानी के अपना स्कोर देख सकें, वेबसाइट के अलावा छात्र अपने मोबाइल के माध्यम से एसएमएस भेजकर भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं, जिसकी विस्तृत जानकारी बोर्ड द्वारा पोर्टल पर साझा की गई है।
इस साल यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में 50 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जो उत्तर प्रदेश के शैक्षिक इतिहास में एक बड़ा आंकड़ा है, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार रिकॉर्ड समय में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूरा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिक्षा विभाग को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नतीजे जारी करने के निर्देश दिए थे, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भी इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि इस साल का उत्तीर्ण प्रतिशत क्या रहेगा और किस जिले के मेधावी छात्र प्रदेश की टॉपर्स लिस्ट में अपनी जगह बना पाते हैं।
रिजल्ट घोषित होने से पहले बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है, बोर्ड का कहना है कि परिणाम आने के बाद यदि वेबसाइट धीमी चलती है तो छात्र कुछ समय इंतजार करें और केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर ही भरोसा करें, छात्रों को किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या कॉल से बचने की सलाह दी गई है जो नंबर बढ़वाने का झांसा देते हैं।
रिजल्ट जारी होने के बाद जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह होगा, उन्हें स्क्रूटनी के लिए आवेदन करने का अवसर भी दिया जाएगा, फिलहाल पूरे प्रदेश में 'रिजल्ट डे' को लेकर उत्सव और तनाव का मिला-जुला माहौल बना हुआ है।
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