उत्तर कोरिया में किम जोंग-उन और रूसी स्पीकर की मुलाकात, सैनिकों की याद में बने संग्रहालय का उद्घाटन
मॉस्को, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने रविवार को प्योंगयांग में रूस की संसद (निचले सदन) के स्पीकर से मुलाकात की। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में दी गई।
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, किम ने स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोडिन से मुलाकात की। वोलोडिन यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध में रूस की तरफ से लड़ते हुए मारे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों के सम्मान में बने एक स्मारक संग्रहालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए देश के दौरे पर आए थे।
इस मुलाकात के दौरान वोलोडिन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तरफ से शुभकामना और बधाई दी। उन्होंने किम जोंग-उन के दोबारा राज्य मामलों के प्रमुख चुने जाने पर भी बधाई दी।
वोलोडिन ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत सम्मान की बात है कि हम इन दिनों प्योंगयांग में हैं। हम उस स्मारक परिसर और संग्रहालय के उद्घाटन में शामिल हुए, जो विदेश में हुए सैन्य अभियान के हीरोज की याद में बनाया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि रूसी लोग उन उत्तर कोरियाई सैनिकों की बहादुरी को कभी नहीं भूलेंगे।
तास के अनुसार, वोलोडिन ने उत्तर कोरिया के भाईचारे वाले समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन खासकर उस समय मिला जब कोरियाई सैनिकों ने रूसी सैनिकों के साथ मिलकर कुर्स्क इलाके को आजाद कराने में मदद की।
उन्होंने कहा कि हम साथ मिलकर उन सभी वीरों को याद करते हैं, जिन्होंने अपनी जान देकर हमारे देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। यह सच में एक दोस्त की तरफ से किया गया काम है।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने जून 2024 में किम और राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक रणनीतिक साझेदारी समझौते के बाद रूस की मदद के लिए लगभग 15,000 सैनिक भेजे थे।
बताया गया कि 26 अप्रैल पिछले साल रूस ने कहा था कि उसने यूक्रेनी सेना से कुर्स्क क्षेत्र वापस ले लिया है, और इसमें उत्तर कोरियाई सैनिकों की भी भूमिका रही थी।
इसी बीच, रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव रविवार को उत्तर कोरिया पहुंचे, जहां उन्हें एयरपोर्ट पर उत्तर कोरिया के सैन्य विभाग के प्रमुख जनरल नो ग्वांग-चोल ने रिसीव किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अपनी इस यात्रा के दौरान रूसी रक्षा मंत्री उत्तर कोरिया के शीर्ष नेताओं और सैन्य कमांडरों से मिलेंगे और कई स्मारक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
--आईएएनएस
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सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा, हाईकोर्ट के फैसले से बढ़ीं मुश्किलें, जानिए क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरअसल असम के मुख्यमंत्री हिमन्त बिश्व शर्मा की पत्नी पर दिए बयान को लेकर दर्ज केस में कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है। वहीं अब इस केस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आगे की दिशा तय करेगा। बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी। दरअसल पवन खेड़ा ने हिमन्त बिश्व शर्मा की पत्नी पर कई देशों के पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्ति होने के आरोप लगाए थे।
वहीं इसके बाद असम में उनके खिलाफ जालसाजी और मानहानि के तहत केस दर्ज किया गया। वहीं हाईकोर्ट ने इस बयान को सिर्फ राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि गंभीर साजिश के तौर पर देखा, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
हाईकोर्ट का रुख सख्त
दरअसल गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि यह सिर्फ बयानबाजी का मामला नहीं है बल्कि इसमें सुनियोजित साजिश के संकेत मिलते हैं। यही वजह है कि अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया है। वहीं इससे पहले उन्हें तेलंगाना हाईकोर्ट से ट्रांजिट बेल मिली थी लेकिन उस पर भी रोक लग गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका पर फैसला तय करेगा कि उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिलती है या नहीं। अगर सुप्रीम कोर्ट भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो गिरफ्तारी की संभावना बढ़ सकती है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल यह विवाद उस समय बढ़ा जब पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमन्त बिश्व शर्मा की पत्नी के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशों में बड़ी संपत्ति भी है। वहीं इन आरोपों को गंभीर मानते हुए हिमन्त बिश्व शर्मा और उनके परिवार की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर बहस छेड़ दी है। एक तरफ कांग्रेस पार्टी अपने नेता के समर्थन में खड़ी है और इसे राजनीतिक दबाव बता रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्तारूढ़ पक्ष इसे झूठे आरोप और बदनाम करने की कोशिश बता रहा है।
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