रकुल प्रीत सिंह ने सिचुएशनशिप वाले बयान पर पति से मंगवाई माफी, बोलीं- 'इसको कितना बार बोला है Gen-Z बनने की जरूरत नहीं'
Jackky Bhagnani apologize to Rakul Preet Singh: एक्टर जैकी भगनानी (Jackky Bhagnani) ने हाल ही में सिचुएशनशिप को लेकर बयान दिया. जिसके बाद से ही वो सुर्खियों में हैं. इसी बीच एक्टर की पत्नी और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ( Rakul Preet Singh) का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने पति जैकी से उनके बायन को लेकर माफी मंगवाती हुई दिखाई दे रही हैं. बता दें कि हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जैकी ने अपनी शादी को मजाकिया अंदाज में ‘सिचुएशनशिप’ कह दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया इस पर बहस शुरू हो गई. लोगों ने इस पर अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए.
अब इस पूरे मामले पर रकुल ने न सिर्फ अपनी रिएक्शन दिया है बल्कि अपने पति से मजाकिया अंदाज में माफी भी मंगवाई. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस विवाद को सीरियस बनाने के बजाय हल्के-फुल्के अंदाज में लिया.
जैकी भगनानी ने क्या कहा था सिचुएशनशिप को लेकर?
आपको बता दें कि एक इंटरव्यू के दौरान जैकी भगनानी ने अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि शादी के बावजूद वह और रकुल एक तरह की ‘सिचुएशनशिप’ में हैं. उनका मतलब यह था कि दोनों के बीच अंडरस्टैंडिंग है, जहां वे हर बात खुलकर कर सकते हैं. हालांकि, इस 'जेन Z' शब्द ने सोशल मीडिया पर अलग ही बहस छेड़ दी थी.
'इसको कितना बार बोला है Gen-Z बनने की जरूरत नहीं'
इस पूरे विवाद पर रकुल प्रीत सिंह ने अपने अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने जैकी के बयान को ज्यादा सीरियस नहीं लिया. सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में वह जैकी से कहती नजर आईं कि हम मिलेनियल हैं और इसको कितनी बार समझाया है जेन-जी बनने की जरूरत नहीं है. वीडियो में जैकी कान पकड़कर माफी मांगते दिखाई देते हैं. साथ ही दोनों इस पूरे मामले पर हंसते नजर आए.
रकुल ने कॉन्टेक्स्ट पर उठाया था सवाल
रकुल ने इस मौके पर एक अहम बात भी कही थी. उन्होंने इशारों में यह बताया कि कैसे एक घंटे की बातचीत में से सिर्फ एक लाइन निकालकर उसे हेडलाइन बना दिया जाता है. उनके मुताबिक, किसी भी बयान को समझने के लिए उसका पूरा कॉन्टेक्स जरूरी होता है. बातचीत की बारीकियों को नजरअंदाज कर देना और उसे सनसनीखेज बना देना सही नहीं है. ऐसे में यह बयान कहीं न कहीं मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करता है.
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रकुल और जैकी ने कब की थी शादी
रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी एक दूसरे को काफी लंबे समय जानते हैं और शादी से पहले करीब तीन साल तक दोनों ने एक दूसरे को डेट किया. इसके बाद फरवरी 2024 में दोनों ने गोवा में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की थी. उनका रिश्ता हमेशा से दोस्ती और समझदारी पर बेस्ड रहा है जो कभी-कभी नजर आता है. जैकी का ‘सिचुएशनशिप’ वाला बयान भी इसी रिश्ते की अंडरस्टैंडिंग को दिखाने की कोशिश थी लेकिन लोगों ने उनके इस बयान को अलग तरीके से लिया.
हालांकि, जैकी भगनानी को जिस बयान को लेकर ट्रोल किया था. अब वह ठंडा पड़ता जा रहा है क्योंकि रकुल और जैकी ने हंसी-मजाक में ही इस विवाद को खत्म कर दिया.
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नई नेपाल सरकार ने चीन के साथ हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर समझौतों की जांच शुरू की
काठमांडू, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन ने हमेशा नेपाल के साथ अपने आर्थिक संबंधों का इस्तेमाल हिमालयी देश में राजनीतिक हस्तक्षेप के लिए एक सीढ़ी के रूप में किया है, लेकिन अब नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ किए गए कई समझौतों की जांच की जा रही है।
दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट रिसर्च एंड रिजोल्यूशन (आईसीआरआर) द्वारा प्रकाशित एक लेख के अनुसार, हाल के वर्षों में, नेपाल में चीन की बढ़ती भूमिका आर्थिक सहयोग से परे जाकर रणनीतिक और राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में सामने आई है, जिसमें तिब्बत और ताइवान से संबंधित मुद्दों पर राजनयिक दबाव से लेकर आंतरिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों तक शामिल हैं।
लेख में कहा गया कि के.पी शर्मा ओली के कार्यकाल के दौरान नेपाल ने चीन के साथ कई समझौते किए, जिन्हें आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में क्रांतिकारी कदम के रूप में पेश किया गया था।
हालांकि, अब देश की नई सरकार इन समझौतों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ओली काल में शुरू की गई चीन से जुड़ी कई परियोजनाएं बिना किसी स्पष्ट कारण के क्यों रुक गईं, उनमें देरी हुई या वे प्रभावी रूप से बंद हो गई हैं।
नई सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इन परियोजनाओं की पूरी समीक्षा होने तक चीन के साथ किसी भी नए समझौते पर विचार नहीं किया जाएगा।
नेपाल-चीन संबंधों में निर्णायक मोड़ 2016 और 2018 के बीच आया, जब बेल्ट एंड रोड पहल के तहत नेपाल बीजिंग के करीब आया। ओली सरकार ने इन समझौतों को नेपाल को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी केंद्र में बदलने के ऐतिहासिक अवसर के रूप में प्रस्तुत किया। हालांकि, इन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हमेशा व्यावहारिक योजना या वित्तीय स्पष्टता का समर्थन नहीं मिला।
लेख में अटकी हुई कई परियोजनाओं का जिक्र किया गया है, जिसमें बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना शामिल है, जिसका ठेका मई 2017 में चीन के गेझोउबा समूह को दिया गया था, जिसे नवंबर 2017 में रद्द कर दिया गया था, 2018 में बहाल किया गया था और 2022 से बिना किसी मजबूत प्रगति के प्रभावी रूप से रुका हुआ है।
लगभग 2016-2017 में घोषित प्रस्तावित केरंग-काठमांडू रेलवे परियोजना, तकनीकी चुनौतियों और वित्तीय समाधानों की कमी के कारण 2026 में भी अटकी हुई है।
इसी प्रकार, 2017 और 2018 के बीच बीआरआई के तहत शुरू किया गया ट्रांस-हिमालयी बहुआयामी कनेक्टिविटी नेटवर्क भी सैद्धांतिक चर्चाओं से आगे नहीं बढ़ पाया है। 2018 और 2020 के बीच जिन सीमा पार ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं पर चर्चा हुई थी, वे अभी तक कार्यान्वित नहीं हुई हैं।
इसी तरह, 2017 और 2020 के बीच शुरू की गई रसुवागढ़ी-केरंग सीमा पर बुनियादी ढांचे का विकास भी आंशिक और धीमी गति से ही हुआ है। 2016 और 2018 के बीच शुरू की गई उत्तरी राजमार्ग कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी अधूरी हैं, जबकि 2018-2019 के दौरान पहचानी गई बीआरआई से जुड़ी अधिकांश पहलें 2026 तक भी लागू नहीं हो पाई हैं।
लेख में बताया गया है कि 2017 से हुआवेई और जेडटीई से जुड़े डिजिटल विस्तार के प्रयास भी असमान रूप से आगे बढ़े हैं, जिससे कार्यान्वयन और रणनीतिक निहितार्थों दोनों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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