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'जो लोग सबसे अधिक काम करते हैं उन्हीं को बनाया जाता है निशाना', डिनर कार्यक्रम में हुई गोलीबारी पर बोले ट्रंप

Donald Trump: अमेरिकी की राजधानी वाशिंगटन के हिल्टन होटल में 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर' कार्यक्रम के दौरान हूई गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का बयान सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गोलीबारी की इस घटना के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग अधिक काम करते हैं उन्हीं को निशाना बनाया जाता है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी कहा कि वो सुरक्षित हैं. इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है. ट्रंप ने कहा, "इस गोलीबारी में एक सिक्योरिटी ऑफिसर घायल हुआ है और बुलेटप्रूफ से उसकी जान बच गई. सीक्रेट सर्विस ने बहादुरी दिखाते हुए एक हमलावर को तुरंत दबोच लिया."

ये घटनाएं उन्हें उनके मिशन से पीछे नहीं हटा सकतीं- ट्रंप

इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस तरह की कायरतापूर्ण घटनाएं उन्हें उनके मिशन से पीछे नहीं हटा सकतीं. उन्होंने ईरान का जिक्र करते हुए कहा, "यह घटना मुझे ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में जीत हासिल करने से नहीं रोक पाएगी."

गोलीबारी की घटना पर क्या बोले ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमने आज रात हुई सभी घटनाओं का जायजा लिया है, और मैं कह सकता हूं कि यह कोई खास सुरक्षित इमारत नहीं है. इसीलिए हमें व्हाइट हाउस में अपनी योजना के अनुसार सभी सुविधाओं की आवश्यकता है. यह वास्तव में एक बड़ा कमरा है, और यह कहीं अधिक सुरक्षित है. इसमें ड्रोन-प्रूफ और बुलेटप्रूफ कांच लगे हैं. हमें वॉर रूम की जरूरत है. इसीलिए सीक्रेट सर्विस और सेना इसकी मांग कर रही है. वे कई अलग-अलग कारणों से 150 वर्षों से वॉर रूम चाहते रहे हैं, लेकिन आज की स्थिति थोड़ी अलग है क्योंकि आज हमें सुरक्षा के ऐसे स्तर की जरूरत है जो शायद पहले कभी किसी ने नहीं देखी हो."

कानून प्रवर्तन एजेंसियों बहुत अच्छा काम किया- ट्रंप

ट्रंप ने कहा, "कानून प्रवर्तन एजेंसियों और डीसी पुलिस ने अभी-अभी मेयर से बात की है. आप हमलावर को अलग-अलग स्थितियों में देख सकते हैं, लेकिन आप हमलावर को पूरी तरह से काबू में और नियंत्रण में भी देख सकते हैं. पिछले कुछ वर्षों में यह पहली बार नहीं है कि हमारे गणतंत्र पर किसी हत्यारे ने हमला किया हो. दो साल से भी कम समय पहले, पेंसिल्वेनिया के बटलर में भी इसी तरह की घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई थी. और उसके कुछ महीनों बाद, फ्लोरिडा के पाम बीच में भी हम बाल-बाल बचे थे. एक बार फिर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने वाकई में बहुत अच्छा काम किया है."

ट्रंप ने अमेरिकियों से किया ये आग्रह

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "आज शाम की घटनाओं के मद्देनजर, मैं सभी अमेरिकियों से आग्रह करता हूं कि वे अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए दिल से फिर से प्रतिबद्ध हों. वहां रिपब्लिकन, डेमोक्रेट, निर्दलीय, रूढ़िवादी, उदारवादी और प्रगतिशील लोग मौजूद थे. ये शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची हो सकते हैं, शायद नहीं भी. फिर भी उस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति, एक रिकॉर्ड तोड़ भीड़. वहां अपार प्रेम और एकजुटता का भाव था. मैंने देखा और मैं इससे बहुत प्रभावित हुआ."

ट्रंप ने कहा, "लेकिन फर्स्ट लेडी और मेरा बहुत अच्छे से ख्याल रखा गया, हमें बहुत जल्दी मंच से नीचे उतारा गया. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी वहां थे; उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया गया. मार्को के साथ भी ऐसा ही हुआ. पीट भी वहां थे. पीट किसी की मदद नहीं चाहते थे. वह नहीं चाहते थे कि कोई उनकी मदद करे. मुझे लगता है कि आपने भी कहा कि यह बहुत प्रभावशाली था."

'मुझे लगा कि कोई ट्रे गिर गई...'

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि ऐसा कुछ हुआ. मेरे साथ भी ऐसा हो चुका है. यह कभी नहीं बदलता. दरअसल, मैं और फर्स्ट लेडी एक-दूसरे के बिल्कुल बगल में बैठे थे. मैंने एक आवाज़ सुनी और. मुझे लगा कि कोई ट्रे गिर गई है. मैंने ऐसी आवाज़ कई बार सुनी है, और यह काफी तेज़ आवाज़ थी. यह काफी दूर से आई थी. उसने उस क्षेत्र में बिल्कुल भी घुसपैठ नहीं की थी. उन्होंने उसे गोली मार दी. लेकिन यह काफी दूर से आई थी, और यह बंदूक की आवाज़ थी. कुछ लोग इसे तुरंत समझ गए; कुछ लोग नहीं समझ पाए. मेलानिया को इस घटना की पूरी जानकारी थी. मुझे लगता है कि उन्हें तुरंत पता चल गया था कि क्या हुआ है. वह कह रही थीं, 'यह एक बुरी आवाज़ है." 

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क्या ग्रह सच में तारों का चक्कर लगाते हैं? जानिए बेरीसेंटर का विज्ञान

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। हम अक्सर पढ़ते हैं कि ग्रह अपने तारों का चक्कर लगाते हैं, लेकिन विज्ञान की नजर में यह पूरी तरह सही नहीं है। असल में ग्रह और तारे दोनों एक साझा बिंदु के चारों ओर घूमते हैं, जिसे “बेरीसेंटर” कहा जाता है। यही अवधारणा स्पेस साइंस को समझने और नए ग्रहों की खोज में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बेरीसेंटर को सरल भाषा में समझें तो यह किसी भी दो या उससे अधिक वस्तुओं का संयुक्त द्रव्यमान केंद्र यानी सेंटर ऑफ मास होता है। हर वस्तु का अपना द्रव्यमान केंद्र होता है- वह बिंदु जहां उसका पूरा भार संतुलित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक साधारण रूलर को उंगली पर संतुलित करने से उसका द्रव्यमान केंद्र आसानी से पता चल जाता है।

हालांकि, सभी वस्तुओं का द्रव्यमान केंद्र उनके ठीक बीच में नहीं होता। यदि किसी वस्तु का एक हिस्सा ज्यादा भारी है, तो उसका द्रव्यमान केंद्र उसी दिशा में खिसक जाता है। यही सिद्धांत अंतरिक्ष में भी लागू होता है।

अंतरिक्ष में जब दो खगोलीय पिंड- जैसे कोई ग्रह और तारा एक-दूसरे के गुरुत्वाकर्षण से बंधे होते हैं, तो वे किसी एक के चारों ओर नहीं, बल्कि अपने साझा द्रव्यमान केंद्र यानी बेरीसेंटर के चारों ओर घूमते हैं। आमतौर पर यह बिंदु उस पिंड के ज्यादा करीब होता है जिसका द्रव्यमान अधिक होता है।

उदाहरण के तौर पर सूर्य और पृथ्वी को लें। सूर्य का द्रव्यमान पृथ्वी की तुलना में बहुत ज्यादा है, इसलिए इन दोनों का बेरीसेंटर सूर्य के केंद्र के बेहद करीब होता है। इसी कारण हमें लगता है कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगा रही है। लेकिन मामला तब दिलचस्प हो जाता है जब हम बृहस्पति को देखते हैं। बृहस्पति का द्रव्यमान बहुत अधिक है, जिसके कारण उसका और सूर्य का बेरीसेंटर सूर्य के बाहर स्थित हो सकता है। ऐसे में सूर्य खुद भी हल्का-सा “डगमगाता” हुआ दिखाई देता है।

दरअसल, हमारे पूरे सौरमंडल का भी एक सामूहिक बेरीसेंटर होता है, जिसके चारों ओर सभी ग्रह और सूर्य घूमते हैं। यह बिंदु स्थिर नहीं रहता, बल्कि ग्रहों की स्थिति के अनुसार बदलता रहता है। कभी यह सूर्य के अंदर होता है, तो कभी उसकी सतह के बाहर।

बेरीसेंटर की यही अवधारणा खगोलविदों को सौरमंडल के बाहर के ग्रहों जिन्हें एक्सोप्लैनेट कहा जाता है को खोजने में मदद करती है। दूर स्थित तारों के चारों ओर घूमने वाले ग्रहों को सीधे देख पाना बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि उनकी चमक अपने तारे की रोशनी में छिप जाती है। ऐसे में वैज्ञानिक उस तारे की हल्की “डगमगाहट” को मापते हैं। यह डगमगाहट इस बात का संकेत होती है कि तारे के चारों ओर कोई ग्रह मौजूद है और दोनों एक साझा बेरीसेंटर के चारों ओर घूम रहे हैं। इसी तकनीक की मदद से अब तक हजारों एक्सोप्लैनेट की खोज की जा चुकी है।

इस तरह, बेरीसेंटर न केवल हमारे सौर मंडल की गति को समझने में मदद करता है, बल्कि यह ब्रह्मांड में नए ग्रहों की खोज का एक अहम आधार भी बन चुका है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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