राजगढ़ हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी तरह राजगढ़ जिले में रविवार रात से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। जिले के कई कस्बे और शहर जलमग्न हो गए हैं। वहीं जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर भारी बारिश के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है। जिसने कई लोगों की जिंदगियां छीन ली हैं। सीएम मोहन यादव ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है और मुआवजे की घोषणा की है।
जानकारी अनुसार, सारंगपुर ब्लाक के पड़ाना में एक सवारियों से भरी ईको वैन नाले में गिर गई। वैन में ड्राइवर समेत कुल 11 लोग सवार थे। जो पानी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल ही पुलिस को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हादसे में 9 लोगों की मौत की खबर आ रही है वहीं दो लोगों को बचा लिया गया है। रेस्क्यू टीम ने सभी मृतकों के शवों को बाहर निकाल लिया है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
जानकारी अनुसार, रविवार को जिले के सारंगपुर ब्लाक के पड़ाना में एक परिवार ईको कार में सवार होकर नए बाईपास से होकर देवास जिले के सतवास से सारंगपुर के कड़लावद जा रहा था। इस दौरान बाईपास पर बने पुल पर बारिश का पानी भर गया था। इसके अलावा उन्हें यह भी अंदाजा नहीं था कि पुल की स्थिति क्या है? कार जैसे ही पुल पर उतरी तो पुल पर पानी का बहाव तेज होने के कारण वह असंतुलित होकर बह गई।
वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि बाईपास के पुल पर काफी ज्यादा पानी भरा हुआ था। उन्होंने वैन चालक को पुल पार करने से मना भी किया था। लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं मानी और जोखिम उठाते हुए वाहन को आगे ले गए। और पानी के तेज बहाव के कारण सवारियों से भरी वैन बह गई।
सीएम मोहन यादव ने हादसे पर जताया दुख
इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख व्यक्त किया है एवं मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर बारिश के कारण हुई दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना में लापता नागरिकों की खोजबीन जारी है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर बारिश के कारण हुई दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं।
मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना में लापता नागरिकों की खोजबीन…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 10, 2026
‘विश्व आदिवासी दिवस पर MP सरकार ने की आदिवासी समाज की उपेक्षा’ उमंग सिंघार का आरोप, कहा- सिर्फ चुनाव में याद आते हैं आदिवासी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा भगवान राम की भक्त शबरी के आदिवासी समाज के सम्मान को भूल जाती है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में आदिवासी समाज याद आता है, लेकिन सम्मान के दिन नहीं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज दया या राजनीतिक दिखावे की मांग नहीं करता बल्कि सम्मान, अधिकार और संविधान प्रदत्त हक की गारंटी चाहता है।
विश्व आदिवासी दिवस
हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1994 में 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए इस दिवस की घोषणा की थी। यह दिन दुनिया भर के आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, भाषाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य आदिवासी समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों, उनकी जमीन एवं प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। साथ ही यह दिन आदिवासी समुदायों के सामने मौजूद भेदभाव और चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर भी देता है।
उमंग सिंघार ने बीजेपी पर लगाया आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप
उमंग सिंघार ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार और भाजपा संगठन की बेरुखी ने उनकी आदिवासी विरोधी सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर न तो कोई बड़ा आयोजन किया गया और न ही आदिवासी समाज के सम्मान में कोई विशेष संदेश सामने आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन की ओर से भी इस अवसर पर कोई पोस्ट नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज सब देख रहा है और सब समझ रहा है। उन्होंने कहा कि अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आदिवासी समाज एकजुट होकर आवाज उठाएगा।
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