भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन जब कोई युवा खिलाड़ी पहली बार उस ड्रेसिंग रूम में पहुंचता है, जहां उसके बचपन के पसंदीदा सितारे मौजूद हों, तो वह पल बेहद खास बन जाता है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का ऐसा ही किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पहली बार पहुंचने पर वह इतने घबरा गए थे कि टीम के सामने अपना परिचय देने के अलावा कुछ बोल ही नहीं पाए थे।
मोहम्मद शमी ने बताया कि भारतीय टीम में पहली बार शामिल होने से पहले उन्हें अंदाजा नहीं था कि अंदर का माहौल कैसा होगा। मैच से एक दिन पहले टीम की बैठक हो रही थी। जैसे ही वह कमरे के अंदर पहुंचे और आसपास बैठे खिलाड़ियों को देखा, उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके बचपन के लगभग सभी पसंदीदा खिलाड़ी उनके सामने बैठे हों। इस वजह से वह चुपचाप जाकर बैठ गए और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाए।
इसी दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने शमी से कुर्सी पर खड़े होने के लिए कहा और टीम के सामने कुछ बोलने को कहा। शमी ने बताया कि उस समय उनके दिमाग में कुछ भी नहीं आ रहा था। बड़े खिलाड़ियों को सामने देखकर वह इतना नर्वस हो गए थे कि उन्हें अपना भाषण तक याद नहीं रहा। आखिर में उन्होंने सिर्फ अपना नाम और अपने शहर के बारे में बताया और वहीं रुक गए।
गौरतलब है कि यह घटना शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के दौर की है। उन्होंने छह जनवरी 2013 को दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उसी साल नवंबर में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्हें टेस्ट पदार्पण का मौका मिला। इसके बाद 21 मार्च 2014 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पदार्पण किया।
उस शुरुआती झिझक के बाद शमी ने भारतीय तेज गेंदबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले हैं और 229 विकेट लिए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। एकदिवसीय क्रिकेट में शमी ने 108 मुकाबलों में 206 विकेट हासिल किए हैं, जबकि इस प्रारूप में भी उन्होंने छह बार पांच विकेट लिए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 25 मैच खेलकर 27 विकेट अपने नाम किए हैं।
शमी ने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी बताया। उनसे जब टीम के सबसे मजाकिया खिलाड़ी का नाम पूछा गया तो उन्होंने पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को चुना। शमी के मुताबिक, धवन मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम का माहौल हल्का रखने की कोशिश करते थे।
उन्होंने बताया कि अगर भारत कोई मुकाबला हार जाता था और सभी खिलाड़ी चुपचाप बैठते थे, तब धवन अचानक जोर से हंसने लगते थे। पूछने पर वह मजाक में कहते थे कि मैच हार गए हैं, इसलिए हंसी आ रही है। शमी के मुताबिक, धवन कभी-कभी पंजाबी गाने बजने पर मेज पर खड़े होकर नाचने भी लगते थे। ऐसी हरकतों से हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल ज्यादा भारी नहीं होता था।
बता दें कि शिखर धवन ने भारत के लिए 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। शमी के मुताबिक, पूरे साल क्रिकेट खेलने के दौरान जीत और हार दोनों आती रहती हैं, इसलिए खिलाड़ियों के लिए मुश्किल समय में भी माहौल को सामान्य रखना जरूरी होता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नौ मार्च 2025 को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। भारत ने यह मुकाबला चार विकेट से जीतकर खिताब अपने नाम किया था। शमी के करियर की शुरुआत में जिस खिलाड़ी के सामने वह कुछ बोल नहीं पाए थे, उसी टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में उनका नाम आज शामिल है।
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गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों के विकल्प तलाश रही भारतीय टीम को अब एक युवा गेंदबाज ने खास उम्मीद दी है। पंजाब के 26 वर्षीय तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को लेकर भारत के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान ने बड़ा भरोसा जताया है। जहीर ने उन्हें भारत के उभरते तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला खिलाड़ी बताया है।
गौरतलब है कि करीब 6 फीट 5 इंच लंबे गुरनूर बराड़ को जून में भारतीय टेस्ट टीम में जगह दी गई थी। खास बात यह रही कि उस समय उनके पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं था और शीर्ष स्तर के घरेलू सीमित ओवर क्रिकेट में भी उनका अनुभव काफी कम था। इसके बावजूद टीम प्रबंधन ने उनकी गति, कद और गेंद से मिलने वाली अतिरिक्त उछाल को देखते हुए उन्हें तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया था।
इसके बाद बराड़ को अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। अब तक वह छह मुकाबलों में 11 विकेट हासिल कर चुके हैं। भारत की ओर से मिले इस शुरुआती मौके के बाद उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। हाल ही में भारत-ए के श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया और गाले में खेले गए मुकाबले में 10 विकेट अपने नाम किए थे।
जहीर खान ने पत्रकार से बातचीत में कहा कि भारत में तेज गेंदबाजों की नई पीढ़ी सामने आ रही है, जो अच्छी गति से गेंदबाजी कर रही है। उनके मुताबिक, बराड़ में लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की क्षमता दिखाई देती है। जहीर ने यह भी कहा कि उन्हें इतनी जल्दी आगे बढ़ाया जाना अच्छी बात है और बराड़ के साथ कुछ समय बिताने के दौरान उन्हें उनकी क्षमता काफी रोमांचक लगी थी।
मौजूदा समय में बराड़ श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ भारत के तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले में भी अपना दावा मजबूत कर चुके हैं। उन्होंने दोनों पारियों में कुल तीन विकेट लिए। गेंद के साथ-साथ उन्होंने बल्ले से भी उपयोगी योगदान दिया और महज 18 गेंदों पर चार छक्कों की मदद से नाबाद 36 रन बनाए हैं। इस प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन के सामने उनकी उपयोगिता को और मजबूत किया है।
बुमराह की गैरमौजूदगी में बराड़ को अगर अंतिम ग्यारह में जगह मिलती है, तो उनके लिए यह अपने करियर का बड़ा पड़ाव होगा। हालांकि, अंतिम फैसला पिच की स्थिति, टीम संयोजन और मुकाबले से पहले की रणनीति पर निर्भर करेगा। फिलहाल उनके हालिया प्रदर्शन और जहीर खान के भरोसे ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के उभरते तेज गेंदबाजों में जरूर शामिल कर दिया है।
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