Uttarakhand News: बाबा केदार के दरबार में उमड़ा भक्तों का सैलाब, अफवाहों पर न दें ध्यान; सुरक्षा के इंतजाम कड़े
Uttarakhand News: उत्तराखंड की पावन वादियों में बाबा केदारनाथ के जयकारों की गूंज के साथ चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं का एक बड़ा सैलाब उमड़ पड़ा है. इस बार की यात्रा में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. केदार सभा के पदाधिकारियों के अनुसार, यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या ने पुराने कई रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं.
रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं की आमद
केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि केदारनाथ भगवान के कपाट खुले अभी मात्र तीन दिन ही हुए हैं और अब तक लगभग 1 लाख 10 हजार श्रद्धालु बाबा के चरणों में शीश नवा चुके हैं. इसी के साथ भगवान भैरवनाथ जी के कपाट भी विधि विधान से खोल दिए गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद धाम में व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी पर हैं. प्रशासन का दावा है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल रहा है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
अफवाहों पर न दें ध्यान... pic.twitter.com/sfyQLB7pi3
— Yashodhan Sharma (@YashodhanSharm1) April 25, 2026
भ्रामक खबरों का खंडन और अपील
यात्रा के बीच सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी खबरें भी तैर रही हैं जिनमें अव्यवस्थाओं की बात कही जा रही है. केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य उमेश चंद्र पोस्ती ने इन खबरों को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व जानबूझकर धाम की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि बेहद निंदनीय है. उन्होंने देश और विदेश से आने वाले तमाम श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और पूरी तरह निश्चिंत होकर बाबा केदार के दर्शन के लिए आएं. मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन दिन रात यात्रियों की सेवा और सुरक्षा में जुटा हुआ है.
दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था की पहल
भीड़ को व्यवस्थित करने और यात्रियों का समय बचाने के लिए इस बार मंदिर प्रशासन ने टोकन व्यवस्था लागू की है. केदार सभा के सदस्यों का कहना है कि टोकन सिस्टम की वजह से यात्रियों को लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने से राहत मिली है और दर्शन की प्रक्रिया काफी तेज हुई है. स्थानीय प्रशासन ने पैदल मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक सफाई और पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था की है. जगह जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
ठहरने और खाने के पुख्ता इंतजाम
केदार सभा के सदस्य संजय तिवारी ने सभी भक्तों का स्वागत करते हुए बताया कि भौगोलिक परिस्थितियों की चुनौतियों के बावजूद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं की हैं. यात्रियों के ठहरने के लिए रैन बसेरों और टेंट सिटी का विस्तार किया गया है, साथ ही खाने पीने की चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ों की दुर्गम चढ़ाई और मौसम के उतार चढ़ाव को देखते हुए शासन द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय हैं. भक्त बाबा भैरवनाथ और केदारनाथ के दर्शन कर आत्मिक शांति महसूस कर रहे हैं.
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा घेरा
बीकेटीसी और जिला प्रशासन के नेतृत्व में पूरी यात्रा मार्ग पर नजर रखी जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी यात्रा मार्ग पर जगह जगह तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े खच्चरों और डंडी कंडी की दरें भी तय रहें ताकि किसी भी यात्री का शोषण न हो.
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अमेरिका से बिना बातचीत के इस्लामाबाद से लौटे ईरानी विदेश मंत्री अराघची, अभी भी होर्मुज पर संकट बरकरार
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्था के प्रयास शनिवार को भी किए गए. इस बीच नई उम्मीद की किरण दिखाई दी कि सब कुछ ठीक होता है तो आगे दोनों देशों के बीच शांति का रास्ता बन जाएगा. मगर अब यह उम्मीद टूटती दिखाई दे रही है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपनी एक बड़ी टीम के साथ पाकिस्तानी की राजधानी इस्लामाबाद में पहुंचे थे. पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका अदा की थी. मगर ईरान का डेलिगेशन अमेरिकी नेतृत्व के इस्लामाबाद में इंतजार करने की बजाए यहां से रवाना हो गया.
तेहरान का प्रतिनिधत्व पाकिस्तान से निकल गया
इस मध्यस्था में ईरान सीधे तौर पर अमेरिका से बातचीत करने को तैयार नहीं है. ऐसे में पाकिस्तान दोनों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है. अमेरिका से स्पेशल दूत इस्लामाबाद आने की तैयारी कर रहे थे. मगर ईरानी प्रतिनिधित्व चले गए. इस पर अभी फिलहाल किसी तरह की जानकारी सामने नहीं आई है. अराघची और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मुलाकात सामने आई है. इस मुलाकात के बाद तेहरान का प्रतिनिधत्व पाकिस्तान से निकल गया. मीडिया रिपोर्ट की माने तो शनिवार को अब्बास अराघची एक बड़ी टीम के संग पाकिस्तान पहुंचे. यहां पर उनकी मुलाकात पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से हुई. इस बैठक में पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर भी उपस्थित थे.
Was pleased to meet H.E. Seyed Abbas Araghchi, Foreign Minister of Iran, and his delegation in Islamabad today. Had a most warm, cordial exchange of views on the current regional situation. We also discussed matters of mutual interest, including the further strengthening of… pic.twitter.com/ZGLQNuGOK6
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 25, 2026
ईरान ने सीधी बात से किया इनकार
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने साफ किया कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं होगी. ईरान पाकिस्तान के जरिए अपनी बात और चिंताएं अमेरिका तक पहुंचाएगा. उन्होंने अमेरिका के इस फैसले को 'अमेरिका का थोपा हुआ हमलावर युद्ध' बताया. इस मामले में पाकिस्तान शांति बहाल करने के प्रयास में जुटा हुआ है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट की. उन्होंने कहा कि ये मुलाकात को काफी सकारात्मक रही है. दोनों नेताओं के बीच मौजूद क्षेत्रीय हालातों पर खुलकर चर्चा हुई. इसके साथ ही पाकिस्तान और ईरान के आपसी संबंधों को मजबूत करने की बात हुई. दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने के मामले पर चर्चा भी हुई.
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