माकोसो फिर बने कांगो के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति न्गुएसो ने नई सरकार के गठन का किया ऐलान
ब्राजाविल, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। कांगो गणराज्य के राष्ट्रपति डेनिस सासो न्गुएसो ने देश की नई सरकार की घोषणा करते हुए नेशनल टेलीविजन पर एक बयान जारी किया है। प्रधानमंत्री अनातोले कोलिनेट माकोसो की फिर से नियुक्ति के बाद राष्ट्रपति न्गुएसो ने फिर से सरकार का गठन कर लिया है।
बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री अनातोले कोलिनेट माकोसो के अलावा नई सरकार में एक डिप्टी प्रधानमंत्री, तीन राज्य मंत्री और 37 मंत्री शामिल हैं। इससे पहले पीएम माकोसो को राष्ट्रपति डेनिस सासू न्गुएसो ने फिर से नियुक्त किया था।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से क्षेत्रीय योजना और बड़े कामों के पूर्व राज्य मंत्री जीन-जैक्स बौया को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और टेरिटोरियल प्लानिंग का इंचार्ज उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।
माइंस और जियोलॉजी के पूर्व राज्य मंत्री पियरे ओबा को प्रेसिडेंसी में पॉलिटिकल मामलों का इंचार्ज राज्य मंत्री बनाया गया। व्यापार, सप्लाई और कंजम्पशन के पूर्व राज्य मंत्री क्लाउड अल्फोंस न्सिलौ को कंस्ट्रक्शन, अर्बन प्लानिंग और हाउसिंग का राज्य मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा, जमीन के मामलों और स्टेट प्रॉपर्टी मैनेजमेंट के पूर्व राज्य मंत्री पियरे माबियाला को सिविल सेवा, श्रम और सामाजिक संवाद का राज्य मंत्री बनाया गया है।
कांगो में 15 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव हुआ था, जिसमें डेनिस सासौ न्गुएसो 94.9 फीसदी वोट के साथ दोबारा चुनाव जीते। संविधान के अनुसार, सरकार बनाने के लिए राष्ट्रपति को नया प्रधानमंत्री नियुक्त करना जरूरी है।
कुल 3,167,099 वोटर रजिस्टर्ड थे, जिसमें 84.65 फीसदी वोटिंग हुई। सात उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
देश के चुनावी कानून के तहत राष्ट्रपति को सीधे वोटिंग से चुना जाता है और अगर पहले राउंड में किसी भी उम्मीदवार को क्लियर बहुमत नहीं मिलता है तो दो राउंड का बहुमत सिस्टम लागू होता है।
इससे पहले कांगो के प्रधानमंत्री माकोसो और उनकी सरकार ने 17 अप्रैल को अपना इस्तीफा दे दिया था। 23 अप्रैल को राष्ट्रपति ने माकोसो को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का ऐलान किया और उन्हें नई सरकार बनाने का काम सौंपा।
राष्ट्रपति चुनाव के दौरान दो बड़ी पार्टियों ने गलत चुनावी तरीकों का आरोप लगाया और इलेक्शन को बॉयकॉट किया था। विरोध करने वालों में विपक्ष के दो सबसे जाने-माने नेता, जनरल जीन-मैरी मिशेल मोकोको और आंद्रे ओकोम्बी सालिसा भी शामिल रहे, जिन्हें लगभग 10 साल जेल में रहना पड़ा था।
चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान हमेशा की तरह इंटरनेट बंद कर दिया गया था और पूरी राजधानी में ट्रैफिक पर रोक लगा दी गई थी।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अजरबैजान में पुतिन से मिलने को तैयार हैं जेलेंस्की
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की अजरबैजान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बातचीत की। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दक्षिण कॉकेशस के अपने पहले दौरे पर कहा कि वह अजरबैजान में व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं।
बता दें कि बीते कुछ समय से रूस और यूक्रेन के बीच सुलह कराने के लिए अमेरिकी की मध्यस्थता में बातचीत हो रही थी, लेकिन हाल फिलहाल में ईरान के साथ तनाव के बीच यह रुकी हुई है। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका की अगुवाई वाली डिप्लोमैटिक बातचीत रुकने के बाद जेलेंस्की का यह बयान सामने आया है।
प्रेसिडेंट वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन के लिए यह बहुत जरूरी है कि रूस इस गलत युद्ध को खत्म करने की ताकत पाए। बाकू मॉस्को के बड़े पैमाने पर युद्ध को खत्म करने के लिए डिप्लोमैटिक प्रोसेस में बीच-बचाव कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा, “हमने अजरबैजान के राष्ट्रपति को बता दिया है कि हम तीन तरफा बातचीत के लिए तैयार हैं। कीव पहले ही तुर्किए और स्विट्जरलैंड में ऐसी बातचीत कर चुका है।”
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, “हम निश्चित रूप से अजरबैजान में होने वाली बातचीत के लिए तैयार हैं, बशर्ते रूस डिप्लोमेसी के लिए तैयार हो।” उन्होंने युद्ध शुरू होने के बाद से दक्षिण कॉकेशस की अपनी पहली यात्रा की अहमियत बताई।
हालांकि, क्रेमलिन रूस के अलावा किसी दूसरी जगह यूक्रेन के साथ बातचीत से मना कर रहा था। रूस यूक्रेन पर लगातार बमबारी और सैन्य हमले जारी रखे हुए है। इसके साथ ही क्रेमलिन अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
वहीं, अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन और अजरबैजान ने दोनों देशों की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और करते रहेंगे। उन्होंने यूक्रेन में युद्ध के प्रति बाकू के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराया।
अलीयेव ने कहा, “हमने विचारों का आदान-प्रदान किया और संक्षेप में वर्तमान में हमारे बीच काफी सहयोग है, जिसकी आज फिर से पुष्टि की गई है।”
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