AAP कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के घरों की दीवारों पर लिखा 'गद्दार'
राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद, आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी गुस्सा है. उनके घरों और यहां तक कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी उन्हें "गद्दार" कहने वाले नारे लिखे गए हैं, जो लोगों के गुस्से का स्तर को दिखाते हैं.
कोई राजनीतिक जमीन नहीं बचेगी
कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने “पंजाब के गद्दार” के नारे लगाए. लोगों में गहरे गुस्से और विश्वासघात की भावना का संकेत देते है. लोगों ने पंजाब के जनादेश के साथ इस धोखे पर निराशा जताई है और कुछ ने तो विरोध में अपने बच्चों को एलपीयू में एडमिशन न करवाने की भी घोषणा कर दी है. जालंधर में आप के सीनियर नेता पवन कुमार टीनू ने कहा कि आप सरकार 2027 में पंजाब में सत्ता में वापस आएगी और भाजपा के पास खड़े होने के लिए कोई राजनीतिक जमीन नहीं बचेगी. हताशा में, भाजपा ने आप के राज्यसभा सदस्यों को अपनी तरफ करने का सहारा लिया है. कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने आप के खिलाफ एक नापाक गठबंधन बनाया है, जिसके कारण उनके नेता आप विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बारे में एक जैसे बयान दे रहे हैं.
साजिशों के जरिए आप को अस्थिर करने की कोशिश
इस बीच आप पंजाब यूथ विंग के कार्यकारी प्रधान परमिंदर गोल्डी ने राजिंदर गुप्ता के घर के बाहर एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने “पंजाब दे गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस धोखे को कभी माफ नहीं करेंगे. भाजपा अरविंद केजरीवाल की विकास और शासन की राजनीति से बुरी तरह घबराई हुई है और साजिशों के जरिए आप को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है. लेकिन, ये कोशिशें नाकाम होंगी क्योंकि आप का हर कार्यकर्ता पार्टी लीडरशिप और उसके विजन के साथ मजबूती से खड़ा है. आप नेताओं ने दोहराया कि पार्टी एकजुट है और पंजाब के लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब के भरोसे तो तोड़ने वालों को अंत में राज्य के लोगों के सामने जवाबदेह होना पड़ेगा.
चीन ने सात यूरोपीय संघ संस्थाओं को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा
बीजिंग, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने 24 अप्रैल को घोषणा जारी करते हुए बताया कि वह सात यूरोपीय संघ की संस्थाओं को अपनी निर्यात नियंत्रण सूची में शामिल करेगा।
मंत्रालय के एक प्रवक्ता के अनुसार, “चीन के निर्यात नियंत्रण कानून” और “दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात नियंत्रण संबंधी विनियमों” के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत यह निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में हर्स्टल सहित छह अन्य यूरोपीय संघ संस्थाओं को सूची में जोड़ा गया है।
इस निर्णय के तहत, निर्यातकों को इन संस्थाओं को दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं का निर्यात करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, विदेशी संगठनों और व्यक्तियों को भी चीन में निर्मित ऐसी वस्तुओं को इन संस्थाओं को हस्तांतरित या उपलब्ध कराने से रोका गया है। संबंधित सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करना होगा।
प्रवक्ता ने कहा कि इन उपायों की घोषणा से पहले चीन ने द्विपक्षीय निर्यात नियंत्रण वार्ता तंत्र के माध्यम से यूरोपीय संघ को स्थिति से अवगत करा दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये उपाय केवल उन यूरोपीय संघ संस्थाओं पर लक्षित हैं जो सैन्य गतिविधियों में शामिल हैं, थाईवान को हथियारों की बिक्री से जुड़ी हैं या थाईवान के साथ मिलीभगत करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रतिबंध केवल दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं तक सीमित हैं और इससे चीन तथा यूरोपीय संघ के बीच सामान्य व्यापार और आर्थिक आदान-प्रदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कानून का पालन करने वाली यूरोपीय संघ की संस्थाओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि चीन सरकार विश्व शांति और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करती रहेगी और वैश्विक औद्योगिक तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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