आसमान में सुरक्षा पर संकट? ATC के निजीकरण के खिलाफ AAI Engineers, मंत्री को लिखी चिट्ठी
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के निकाय एटीसेपा ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) सेवाओं के प्रस्तावित निजीकरण पर चिंता जताई की है। निकाय का कहना है कि एक स्वायत्त नियामक संस्था स्थापित किए बिना प्राधिकरण से नियंत्रण हटाना एक ऐसा नीतिगत निर्णय माना जा सकता है, जो भारत की राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करता है। नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू को 23 अप्रैल को लिखे पत्र में, एयर ट्रैफिक सेफ्टी इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल एसोसिएशन (इंडिया) के महासचिव वाई पी गौतम ने कहा कि इस मामले पर उच्चतम नीतिगत स्तर पर तत्काल पुनर्विचार की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, एक स्वतंत्र एयर नेविगेशन सर्विसेज (एएनएस) संरचना को लागू किए बिना हवाई यातायात नियंत्रण सेवाओं में निजी भागीदारी शुरू करने के प्रस्ताव को गंभीर चिंता के साथ देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, एक स्वायत्त एएनएस इकाई की अनुपस्थिति में निजीकरण के साथ आगे बढ़ना एक ऐसे नीतिगत निर्णय के रूप में देखा जाएगा, जो मौजूदा राष्ट्रीय क्षमता को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करता है।
एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी प्रणाली बनाना, जहां एएनएस एक निर्भर आंतरिक इकाई बनी रहे और निजी संस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करे, जानबूझकर पैदा किया गया एक संस्थागत नुकसान माना जाएगा। इसमें आगे कहा गया कि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में एटीसी सेवाओं का विखंडन जवाबदेही, एकरूपता और परिचालन अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Heatwave का प्रचंड असर, AC-Cooler ने बढ़ाया Load, बिजली की मांग 252 GW के नए शिखर पर
भीषण गर्मी के बीच कूलिंग उपकरणों, जैसे एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण देश में बिजली की अधिकतम मांग शुक्रवार को रिकॉर्ड स्तर 252.07 गीगावाट पर पहुंच गई, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। बिजली मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले मई 2024 में अधिकतम बिजली मांग 250 गीगावाट दर्ज की गई थी। मंत्रालय के अनुसार, 24 अप्रैल को देश की अधिकतम बिजली मांग 252.07 गीगावाट रही, जबकि 23 अप्रैल को यह 240.12 गीगावाट और 22 अप्रैल को 239.70 गीगावाट दर्ज की गई थी।
सरकार ने इस गर्मी के मौसम में अधिकतम बिजली मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया था, हालांकि अब तक वास्तविक मांग इस अनुमान से कम रही है। पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अधिकतम बिजली मांग जून 2025 में 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जबकि अप्रैल 2025 में यह 235.32 गीगावाट रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश में गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग आगे और बढ़ सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में इस सप्ताहांत तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है।
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