नेहा पेंडसे को सड़क पर शख्स ने पकड़ लिया था:एक्ट्रेस ने डर के मारे चाबी शख्स की गाड़ी पर फेंक दी थी
टीवी एक्ट्रेस नेहा पेंडसे ने हाल ही में बताया कि मुंबई में सुबह जॉगिंग के दौरान एक बार एक शख्स ने रास्ता पूछने के बहाने गाड़ी रोकी और अचानक उनको पकड़ लिया था। नेहा पेंडसे ने 'हॉट्टरफ्लाई' को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वह एक सुबह मुंबई में जॉगिंग के लिए निकली थीं। जब एक आदमी ने अपनी कार उनके पास रोकी और धीमी आवाज में रास्ता पूछा, तो उन्हें समझ नहीं आया कि वह क्या कह रहा है। जब उन्हें ठीक से समझ नहीं आया, तो वह पास गईं और उसकी बात सुनने की कोशिश की। एक्ट्रेस ने कहा, ‘जैसे ही मैं उसके पास गई, उसने अचानक मुझे पकड़ लिया और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, वह गाड़ी चलाकर चला गया।’ नेहा ने गुस्से में चाबी फेंकी थी नेहा ने कहा कि उस समय उनके हाथ में उनकी कार की चाबी थी, जिसमें बड़ा रिमोट ब्लॉक लगा हुआ था। उन्होंने तुरंत गुस्से और डर में वह चाबी उस व्यक्ति की गाड़ी पर फेंक दी, जो जाकर उसकी गाड़ी के पीछे के शीशे पर लगी। उन्होंने आगे बताया, ‘शख्स ने जब जोर से ब्रेक मारा, उस वक्त मेरी हालत खराब हो गई थी। एक सेकंड के लिए वह रुक गया। मुझे लगा कि अगर उसने गाड़ी रिवर्स ले ली तो मैं क्या करती?’ नेहा के अनुसार, वह व्यक्ति यह देखने के लिए रुका था कि उसकी गाड़ी को कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वह उनकी जिंदगी का सबसे डरावना एक सेकंड था, जिसे वह कभी नहीं भूल सकतीं। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत की थी नेहा पेंडसे ने 1995 में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। उनका पहला शो कैप्टन हाउस था, जिसे एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया था। उस समय वह सिर्फ 10 साल की थीं। इसके बाद उन्होंने 'हसरतें' और 'पड़ोसन' जैसे कई टीवी शो में काम किया। फिल्मों में उन्होंने 1999 में फिल्म दाग: द फायर से डेब्यू किया। इसके बाद वह फिल्म प्यार कोई खेल नहीं में भी दिखीं। नेहा ने तमिल और मराठी फिल्मों में भी काम किया है। नेहा 'मे आई कम इन मैडम?' और 'भाबीजी घर पर हैं!' जैसे टीवी शो में नजर आ चुकी हैं। वह आखिरी बार 2024 में टीवी शो 'मे आई कम इन मैडम 2' में दिखी थीं। उसी साल वह मराठी फिल्म 'तिघी' में भी दिखीं, जिसे उन्होंने अपने पति शार्दुल सिंह ब्यास के साथ प्रोड्यूस किया था।
रतलाम में बड़ा एक्शन! नरवाई जलाते पकड़े गए तो 15 हजार जुर्माना, सैटेलाइट से 150 केस ट्रैक
रतलाम नरवाई जलाना अब सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि बड़ा खतरा बन गया है। हर साल रबी फसल कटने के बाद खेतों में बची फसल के अवशेष को जलाना आम बात होती है, लेकिन यही आग अब पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब रतलाम नरवाई जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह फैसला सिर्फ नियम बनाने के लिए नहीं, बल्कि आने वाले खतरों को रोकने के लिए लिया गया है।
सैटेलाइट से सामने आए 150 मामले
रतलाम नरवाई जलाना पर रोक लगाने के पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है। हाल ही में सैटेलाइट के जरिए करीब 150 घटनाएं दर्ज की गईं, जहां खेतों में आग लगाई गई थी।
यह आंकड़ा प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया। जब इतनी बड़ी संख्या में मामले सामने आए, तो साफ हो गया कि अब सख्त कदम उठाना जरूरी है। सैटेलाइट तकनीक के जरिए इन घटनाओं की निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी उल्लंघन को तुरंत पकड़ा जा सके। अब रतलाम नरवाई जलाना सिर्फ स्थानीय स्तर का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसे तकनीक के जरिए भी कंट्रोल किया जा रहा है।
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
रतलाम नरवाई जलाना बैन के तहत प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं। अगर कोई किसान या व्यक्ति खेत में नरवाई जलाता हुआ पाया जाता है, तो उस पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। यानी यह सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानूनी परेशानी भी खड़ी हो सकती है। यह सख्ती इसलिए जरूरी मानी जा रही है, ताकि लोग नियमों का पालन करें और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर
रतलाम नरवाई जलाना का सबसे बड़ा नुकसान पर्यावरण को होता है। जब खेतों में आग लगाई जाती है, तो उससे निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित करता है। इससे न सिर्फ आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा खेत की मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब होती है। आग से जमीन में मौजूद पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं, जिससे अगली फसल पर असर पड़ता है।
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