IND vs SL : श्रीलंका के खिलाफ किस भारतीय खिलाड़ी ने पकड़े हैं सबसे ज्यादा कैच, टॉप 10 में कई दिग्गज शामिल
IND vs SL: श्रीलंका में टीम इंडिया 15 अगस्त से 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने वाली है. भारत और श्रीलंका के बीच 15-19 अगस्त तक गाले के गाले अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम मुकाबला सुबह 10 बजे से खेला जाएगा. इस सीरीज में भारत के स्टार बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल के अलावा यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, मानव सुथार, रविंद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज पर नजरें रहेंगी. भारत ने श्रीलंका इलेवन के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में शानदार जीत दर्ज और बेहतरीन फील्डिंग करते हुए कई अद्भुत कैच पकड़े.
इस सीरीज में टीम इंडिया का फील्डिंग पर भी नजर रहेगी. भारतीय क्रिकेट टीम से पूर्व फील्डिंग टी दिलीप की विदाई और नए फील्डिंग कोच शुभदीप घोष के आने के बाद अब नजरें भारतीय खिलाड़ियों पर रहने वाली हैं कि वो इस सीरीज में किस तरह से फील्डिंग करते हैं. इस सीरीज से पहले आज हम आपको उन 10 भारतीय खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जिन्होंने श्रीलंका के टेस्ट क्रिकेट में अब तक सबसे ज्यादा कैच पकड़े हैं.
1 - मोहम्मद अजहरुद्दीन
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और तूफानी बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा कैच पकड़े हैं. अजहरुद्दीन ने श्रीलंका के खिलाफ खेले गए कुल 17 टेस्ट मैचों में 27 कैच पकड़े हैं. इस लिस्ट में अजहरुद्दीन नंबर 1 पर मौजूद हैं.
Cricket is a visual sport & you remember the players by their playing style rather than the records...Yet very few players have that magic which you just can't forget if you've watched it live...
— Abhishek AB (@ABsay_ek) April 7, 2024
One such player batted with White Helmet, Amulet(taveez) around the neck, raised… pic.twitter.com/qurD2E2eUY
2 - अजिंक्य रहाणे
भारत के दाएं हाथ के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया. वो भारत की ओर से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं. उन्होंने अपने करियर में श्रीलंका के खिलाफ खेले 9 टेस्ट मुकाबलों में कुल 23 कैच पकड़े हैं. रहाणे ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 9 टेस्ट मैचों में 424 रन बनाए हैं.
3 - राहुल द्रविड़
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं. द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए 20 मुकाबलों में कुल 16 कैच पकड़े.
4 - अनिल कुंबले
टीम इंडिया के दिग्गज लेग स्पिनर और पूर्व कोच अनिल कुंबले भी भारत की ओर से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी की लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं. अनिल कुंबले ने भारत की ओर से श्रीलंका के खिलाफ 18 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 13 कैच पकड़े हैं.
5 - केएल राहुल
भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल भारत और श्रीलंका टेस्ट मैचों में भारत की ओर से सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में पांचवें स्थान पर मौजूद हैं. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 7 मुकाबलों में कुल 12 कैच पकड़े हैं.
A half-century stand ✅
— BCCI (@BCCI) August 8, 2026
KL Rahul ???? Devdutt Padikkal
Updates ▶️ https://t.co/g7rdlUUjY2#TeamIndia pic.twitter.com/ENvUGTvBK2
6 - सचिन तेंदुलकर
भारत के दिग्गज खिलाड़ी और क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी इस लिस्ट में शुमार हैं. सचिन भारत की ओर से सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में छठवें स्थान पर मौजूद हैं. सचिन ने 25 मैचों में कुल 12 कैच पकड़े हैं.
7 - वीवीएस लक्ष्मण
भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण भी इस लिस्ट में मौजूद हैं. वीवीएस लक्ष्मण भारत श्रीलंका टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों की लिस्ट में 7वें स्थान पर बने हुए हैं. उन्होंने 13 मुकाबलों में 11 विकेट हासिल किए हैं.
8 - विराट कोहली
भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर विराट कोहली भी इस सूची में मौजूद हैं. भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले इंडियन क्रिकेटर्स की लिस्ट में विराट नंबर 8 पर मौजूद हैं. कोहली ने 11 मैचों कुल 10 कैच पकड़े हैं.
12 years in test cricket today. Forever grateful ????????????♂️ pic.twitter.com/oYiB1jyC1A
— Virat Kohli (@imVkohli) June 20, 2023
9 - राजेश चौहान
पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान भारत और श्रीलंका के बीच खेलने गए टेस्ट में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय क्रिकेटर्स में शुमार हैं. भारत की ओर से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा कैच लेने के मामले में राजेश चौहान 9वें स्थान पर हैं. उन्होंने अब तक 10 मैचों में 9 कैच पकड़े हैं.
10 - रोहित शर्मा
इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व टेस्ट कप्तान और दाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा भारत-श्रीलंका टेस्ट में सबसे ज्यादा कैच लेने वालों की सूची में 10वें स्थान पर मौजूद हैं. वो भारत के 10वें खिलाड़ी हैं, जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लिए हैं. रोहित शर्मा ने 7 मैचों में कुल 8 कैच पकड़े हैं.
???????????????? ???? ???????????????????????? ????????????. ???????? pic.twitter.com/W8IMCdI57o
— Rohit Sharma (@ImRo45) February 26, 2024
श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा कैच लेने वाले टॉप 10 भारतीय खिलाड़ी
| क्रम | खिलाड़ी | मैच | कैच |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद अजहरुद्दीन | 17 | 27 |
| 2 | अजिंक्य रहाणे | 9 | 23 |
| 3 | राहुल द्रविड़ | 20 | 16 |
| 4 | अनिल कुंबले | 18 | 13 |
| 5 | केएल राहुल | 7 | 12 |
| 6 | सचिन तेंदुलकर | 25 | 12 |
| 7 | वीवीएस लक्ष्मण | 13 | 11 |
| 8 | विराट कोहली | 11 | 10 |
| 9 | राजेश चौहान | 10 | 9 |
| 10 | रोहित शर्मा | 7 | 8 |
इन टॉप 10 खिलाड़ियों में से सिर्फ 1 ही एक्टिव प्लेयर है, जो भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से लेकर 27 अगस्त तक होने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने वाली हैं. ऐसे में केएल राहुल के पास और ज्यादा से ज्यादा कैच लेकर टॉप स्थान की ओर आगे बढ़ने का मौका होगा. राहुल के पास अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ने का आराम से मौका होगा.
ये भी पढ़ें : IND vs SL : भारत और श्रीलंका का टेस्ट क्रिकेट में कैसा है हेड टू हेड रिकॉर्ड, जानिए किस टीम ने जीते कितने मैच?
UP के 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव-2026, किसानों को मिलेंगी योजनाओं और आधुनिक पशुपालन की जानकारी
उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया. दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों, दुग्ध समितियों और स्वयं सहायता समूहों को डेयरी से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई.
डेयरी क्षेत्र को नई तकनीक से जोड़ने पर जोर
कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से डेयरी व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहित करना भी रहा. कार्यक्रम में आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुओं के लिए बेहतर चारा व्यवस्था, पशु स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की.
सरकार का जोर इस बात पर है कि पशुपालक पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक को अपनाएं, ताकि दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा सके.
इन योजनाओं से जुड़ेंगे किसान
डेयरी कॉन्क्लेव के दौरान किसानों और पशुपालकों को विभाग की प्रमुख योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई. इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना प्रमुख हैं.
कार्यक्रम में चयनित लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के चयन और अनुमति पत्र भी वितरित किए गए. इससे पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने और डेयरी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
पशु रोगों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान
डेयरी व्यवसाय में पशुओं का स्वस्थ रहना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए कॉन्क्लेव में पशु रोगों की पहचान, उनकी रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण और टीकाकरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई.
कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों से जुड़े विशेषज्ञों तथा वैज्ञानिकों ने पशुपालकों के साथ अपने अनुभव साझा किए. इससे किसानों को पशुओं की देखभाल और बीमारी की स्थिति में समय पर जरूरी कदम उठाने की जानकारी मिलने की संभावना है.
चारा प्रबंधन से बढ़ सकती है पशुपालन की क्षमता
कार्यक्रम में चारा प्रबंधन को भी प्रमुख विषय बनाया गया. पशुओं को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने से उनकी सेहत के साथ दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
विशेषज्ञों ने पशुपालकों को बेहतर पशु पोषण और वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीकों के बारे में जानकारी दी. सरकार की कोशिश है कि डेयरी को केवल पारंपरिक आजीविका के बजाय व्यवस्थित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाए.
गांवों में रोजगार और आय बढ़ाने की कोशिश
डेयरी क्षेत्र ग्रामीण परिवारों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत है. ऐसे में सरकार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा पात्र पशुपालकों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है. डेयरी कॉन्क्लेव के माध्यम से किसानों को एक ही मंच पर योजनाओं, तकनीक, पशु स्वास्थ्य और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश की गई.
स्वयं सहायता समूहों और दुग्ध समितियों की भागीदारी से स्थानीय स्तर पर डेयरी गतिविधियों को और संगठित करने की उम्मीद है.
75 जिलों में एक साथ पहुंचा संदेश
डेयरी कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रदेशव्यापी स्वरूप रहा. सभी 75 जिलों में जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि मुख्यालय से भी कार्यक्रम का प्रसारण किया गया. इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जुड़े किसानों और पशुपालकों तक एक समान जानकारी पहुंचाने में मदद मिली.
कुल मिलाकर डेयरी कॉन्क्लेव-2026 को उत्तर प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आधुनिक दिशा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने, वैज्ञानिक पशुपालन को प्रोत्साहित करने और तकनीक के इस्तेमाल से डेयरी कारोबार को मजबूत करने पर इसका मुख्य फोकस रहा.
यह भी पढ़ें - पाकिस्तान में सड़कों पर क्यों उतरे किसान? प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर जलाई 500 किलो फसल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











