Responsive Scrollable Menu

CINTAA के 8 सदस्यों ने दिया इस्तीफा: पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर लगे बड़े आरोप; जानिए क्या है पूरा विवाद

CINTAA controversy: सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी के 8 निर्वाचित सदस्यों ने अपने पदों के साथ-साथ समिति से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने मौजूदा कामकाज के तरीके पर भरोसा खत्म होने का हवाला दिया है और संगठन में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।

इन इस्तीफों के बाद CINTAA के कामकाज और नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। CINTAA की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने ANI से बातचीत में इस्तीफों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कुल 11 सदस्यों ने अपने पद छोड़े हैं और इनमें 8 निर्वाचित एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्य हैं।

उपासना सिंह के मुताबिक, इन आठ सदस्यों ने इस्तीफे के साथ अपनी शिकायतें भी जमा की हैं। उन्होंने दावा किया कि शिकायतों में पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर अपने पदों के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।

इन 8 सदस्यों ने दिया इस्तीफा
जिन निर्वाचित सदस्यों ने इस्तीफा दिया है, उनमें हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, साहिला चड्ढा, हेता परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पाराशर शामिल हैं। इन सदस्यों ने अपना इस्तीफा CINTAA की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह को सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने अपनी आपत्तियों और शिकायतों का विस्तृत विवरण भी दिया है।

सामूहिक फैसलों की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आठों सदस्यों की ओर से जारी संयुक्त पत्र में संगठन के कामकाज को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि CINTAA में सामूहिक निर्णय लेने, सदस्यों से सलाह-मशविरा करने और संगठन के संविधान के अनुरूप काम करने की प्रक्रिया कमजोर हुई है।

सदस्यों का आरोप है कि संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में CINTAA की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे की भूमिका बढ़ गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अन्य एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्य भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं।

हालांकि, ये सभी आरोप इस्तीफा देने वाले सदस्यों की ओर से लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्षों का जवाब इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

CINTAA की आधिकारिक बातचीत को लेकर भी विवाद
संयुक्त पत्र में संगठन की ओर से होने वाली आधिकारिक बातचीत और प्रतिनिधित्व के तरीके पर भी सवाल उठाए गए हैं।

सदस्यों का आरोप है कि पूनम ढिल्लों ने कुछ मामलों में एग्जीक्यूटिव कमेटी की मंजूरी के बिना स्वतंत्र रूप से फैसले लिए। उनका दावा है कि सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए ढिल्लों ने अपनी व्यक्तिगत ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया और इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों के साथ होने वाले संवाद को लेकर भी निर्णय लिए गए।

सरकारी बैठकों में वकीलों की मौजूदगी पर भी सवाल
विवाद का एक अन्य मुद्दा सरकारी अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में वकीलों की कथित भूमिका है।

सदस्यों ने आरोप लगाया कि पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे कुछ सरकारी कार्यालयों में निजी तौर पर नियुक्त वकीलों के साथ गईं। उनका दावा है कि इन वकीलों को CINTAA के वकील के तौर पर पेश किया गया, जबकि एग्जीक्यूटिव कमेटी की ओर से उनकी नियुक्ति या इसके लिए कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई थी।

इन आरोपों को लेकर भी संगठन के भीतर पारदर्शिता और अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।

8 निर्वाचित सदस्यों के इस्तीफे के बाद CINTAA के भीतर संगठनात्मक संकट गहरा गया है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने मौजूदा व्यवस्था पर अविश्वास जताते हुए नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।

Continue reading on the app

MG Hector खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! मिलेगा ₹60 हजार तक का फायदा, देखें पूरी डिटेल

JSW MG Motor India ने Hector के लिए एक एनिवर्सरी ऑफर लॉन्च किया है। इस ऑफर के तहत, अगस्त 2026 तक बुकिंग करने वाले खरीदारों को 60,000 रुपये तक का फायदा मिलेगा। यह ऑफर भारत में SUV लॉन्च के सात साल पूरे होने के मौके पर दिया जा रहा है।

Continue reading on the app

  Sports

Mohammed Shami का खुलासा: Yuvraj Singh के सामने कांपने लगी थी आवाज, Dressing Room का वो अनसुना किस्सा

भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन जब कोई युवा खिलाड़ी पहली बार उस ड्रेसिंग रूम में पहुंचता है, जहां उसके बचपन के पसंदीदा सितारे मौजूद हों, तो वह पल बेहद खास बन जाता है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का ऐसा ही किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पहली बार पहुंचने पर वह इतने घबरा गए थे कि टीम के सामने अपना परिचय देने के अलावा कुछ बोल ही नहीं पाए थे।

मोहम्मद शमी ने बताया कि भारतीय टीम में पहली बार शामिल होने से पहले उन्हें अंदाजा नहीं था कि अंदर का माहौल कैसा होगा। मैच से एक दिन पहले टीम की बैठक हो रही थी। जैसे ही वह कमरे के अंदर पहुंचे और आसपास बैठे खिलाड़ियों को देखा, उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके बचपन के लगभग सभी पसंदीदा खिलाड़ी उनके सामने बैठे हों। इस वजह से वह चुपचाप जाकर बैठ गए और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर पाए।

इसी दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने शमी से कुर्सी पर खड़े होने के लिए कहा और टीम के सामने कुछ बोलने को कहा। शमी ने बताया कि उस समय उनके दिमाग में कुछ भी नहीं आ रहा था। बड़े खिलाड़ियों को सामने देखकर वह इतना नर्वस हो गए थे कि उन्हें अपना भाषण तक याद नहीं रहा। आखिर में उन्होंने सिर्फ अपना नाम और अपने शहर के बारे में बताया और वहीं रुक गए।

गौरतलब है कि यह घटना शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के दौर की है। उन्होंने छह जनवरी 2013 को दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उसी साल नवंबर में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्हें टेस्ट पदार्पण का मौका मिला। इसके बाद 21 मार्च 2014 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पदार्पण किया।

उस शुरुआती झिझक के बाद शमी ने भारतीय तेज गेंदबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले हैं और 229 विकेट लिए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। एकदिवसीय क्रिकेट में शमी ने 108 मुकाबलों में 206 विकेट हासिल किए हैं, जबकि इस प्रारूप में भी उन्होंने छह बार पांच विकेट लिए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 25 मैच खेलकर 27 विकेट अपने नाम किए हैं।

शमी ने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी बताया। उनसे जब टीम के सबसे मजाकिया खिलाड़ी का नाम पूछा गया तो उन्होंने पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को चुना। शमी के मुताबिक, धवन मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम का माहौल हल्का रखने की कोशिश करते थे।

उन्होंने बताया कि अगर भारत कोई मुकाबला हार जाता था और सभी खिलाड़ी चुपचाप बैठते थे, तब धवन अचानक जोर से हंसने लगते थे। पूछने पर वह मजाक में कहते थे कि मैच हार गए हैं, इसलिए हंसी आ रही है। शमी के मुताबिक, धवन कभी-कभी पंजाबी गाने बजने पर मेज पर खड़े होकर नाचने भी लगते थे। ऐसी हरकतों से हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल ज्यादा भारी नहीं होता था।

बता दें कि शिखर धवन ने भारत के लिए 34 टेस्ट, 167 एकदिवसीय और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। उन्होंने 2024 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। शमी के मुताबिक, पूरे साल क्रिकेट खेलने के दौरान जीत और हार दोनों आती रहती हैं, इसलिए खिलाड़ियों के लिए मुश्किल समय में भी माहौल को सामान्य रखना जरूरी होता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नौ मार्च 2025 को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। भारत ने यह मुकाबला चार विकेट से जीतकर खिताब अपने नाम किया था। शमी के करियर की शुरुआत में जिस खिलाड़ी के सामने वह कुछ बोल नहीं पाए थे, उसी टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में उनका नाम आज शामिल है।
Mon, 10 Aug 2026 21:43:21 +0530

  Videos
See all

Black And White With Anjana Om Kashyap: Air India की Flight में क्या हुआ था? | Turbulence Incident #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-10T16:42:26+00:00

Jharkhand Vidhan Sabha में Lathi Charge के बाद छात्र की CM Hemant Soren को सीधी चेतावनी #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-10T16:41:18+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers