क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान, ओमान और रूस दौरे पर निकले ईरानी विदेश मंत्री
तेहरान, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शुक्रवार रात को पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा के लिए रवाना हुए। इस दौरे का मकसद साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्र में चल रहे हालात पर चर्चा करना है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को की यात्रा पर निकल रहा हूं। मेरी इन यात्राओं का उद्देश्य हमारे साझेदारों के साथ द्विपक्षीय मामलों पर निकट समन्वय स्थापित करना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर परामर्श करना है। हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, अराघची की इस यात्रा का मकसद क्षेत्र में चल रही ताजा घटनाओं और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर दोनों देशों के बीच बातचीत करना है।
इससे पहले दिन में अराघची ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार से फोन पर बात की। इस बातचीत में क्षेत्रीय हालात और सीजफायर (युद्धविराम) पर चर्चा हुई।
अराघची की पाकिस्तान यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर बातचीत नाकाम रहती है, तो अमेरिका फिर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है।
ट्रंप ने कहा, “मैं अभी तुरंत समझौता कर सकता हूं… लेकिन मैं एक स्थायी समझौता चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान नहीं माना, तो वे बाकी बचे 25 प्रतिशत लक्ष्यों पर सैन्य कार्रवाई करके इसे खत्म कर देंगे।
उनके ये बयान उस समय आए हैं जब हाल ही में हुई झड़पों के बाद हालात थोड़े शांत जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने कुछ ही हफ्तों में ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि हमने अपने करीब 75 प्रतिशत लक्ष्यों को निशाना बना लिया है, और यह भी बताया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान की हरकतों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में खतरा बढ़ा : हेगसेथ
वॉशिंगटन, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है, हालांकि सीमित स्तर पर आवाजाही जारी है।
अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ ने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते से जहाज अभी भी गुजर रहे हैं, लेकिन हालात पहले से ज्यादा खतरनाक हो गए हैं।
उन्होंने पेंटागन में हुई एक ब्रीफिंग में कहा कि यातायात हो रहा है, लेकिन यह उतना नहीं है जितना लोग चाहते हैं और इसमें पहले से ज्यादा जोखिम है।
हेगसेथ ने कहा कि यह खतरा ईरान की गतिविधियों की वजह से बढ़ा है, जिसमें तेज रफ्तार वाली छोटी नावों का इस्तेमाल और व्यापारिक जहाजों को धमकाना शामिल है। ये सिर्फ कमर्शियल जहाज हैं इन्हें धमकाया जा रहा है।
अमेरिका ने संभावित खतरों के खिलाफ सख्त जवाबी कार्रवाई की अनुमति दी है। खासकर अगर समुद्र में नौसैनिक बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं।
हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान पानी में माइन्स बिछाता है, तो हम बिना हिचकिचाहट उन्हें नष्ट कर देंगे।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इन खतरों पर नजर रखने और उन्हें रोकने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि किसी भी माइन्स को हटाने में कितना समय लगेगा।
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान पहले भी इस क्षेत्र में व्यापारी जहाजों पर हमला कर चुका है। ईरान ने पांच व्यापारी जहाजों पर हमला किया है और उनमें से दो को जब्त भी किया है।
पेंटागन ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ईरान से जुड़े बंदरगाहों वाले जहाजों पर सख्त रोक बनाए हुए है, जबकि बाकी जहाजों को नियंत्रित हालात में गुजरने दिया जा रहा है।
हेगसेथ ने कहा कि इस कार्रवाई से आगे और हमलों की कोशिशें रुक गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे एक साफ संदेश गया है कि यह कोई दिखावटी नाकाबंदी नहीं है।
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एवाई/एबीएम
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