Mortgage Property: गिरवी संपत्ति खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, नहीं तो कानूनी पचड़े में फंस सकते
Mortgage Property: आजकल प्रॉपर्टी खरीदते समय कई लोग कम कीमत के लालच में गिरवी संपत्ति खरीदने का विकल्प चुनते। पहली नजर में यह सौदा फायदे का लग सकता लेकिन इसके साथ कई कानूनी और वित्तीय जोखिम जुड़े होते। अगर सही जांच-पड़ताल नहीं की गई, तो खरीदार को बाद में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता।
सबसे अहम कदम है ड्यू डिलिजेंस। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी गिरवी संपत्ति को खरीदने से पहले कम से कम 15-30 साल का इनकंबरेंस सर्टिफिकेट जरूर निकलवाना चाहिए। इससे पता चलता है कि प्रॉपर्टी पर कोई लोन या कानूनी देनदारी तो नहीं है। हालांकि, केवल ईसी ही काफी नहीं होता।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार बैंक इक्विटेबल मॉर्गेज बनाते हैं, जिसमें वे प्रॉपर्टी के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट अपने पास रखते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे रजिस्टर नहीं करते। ऐसे मामलों में सेंट्रल रजिस्ट्री ऑफ सिक्योरिटाइजेशन एंड सिक्योरिटी इंटरेस्ट ऑफ इंडिया की जांच बेहद जरूरी हो जाती, ताकि छिपी हुई देनदारियों का पता चल सके। इसके अलावा, खरीदार को फोरक्लोजर स्टेटमेंट भी लेना चाहिए, जिससे यह साफ हो सके कि प्रॉपर्टी पर कितना बकाया लोन है। साथ ही, रेवेन्यू रिकॉर्ड, टैक्स रसीदें, सोसाइटी की मंजूरी और बैंक के दस्तावेज भी ध्यान से चेक करने चाहिए।
अगर विक्रेता कोई कंपनी है, तो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में दर्ज चार्ज भी देखना जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी और लेंडर का दावा तो नहीं है। एक और अहम दस्तावेज है एनओसी, जिसे लेंडर से लेना जरूरी होता है। इसमें यह स्पष्ट होता है कि लोन चुकाने के बाद बैंक मॉर्गेज हटा देगा।
होम लोन का क्या होता है?
भारत में प्रॉपर्टी बेचने पर होम लोन अपने आप ट्रांसफर नहीं होता। इसे पहले चुकाना पड़ता है। आमतौर पर खरीदार सीधे बैंक को भुगतान करता है और लोन क्लोज होने के बाद ही बाकी रकम विक्रेता को दी जाती है।
लोन सेटलमेंट कैसे होता है?
सबसे पहले फोरक्लोजर स्टेटमेंट के आधार पर बैंक को पूरा भुगतान किया जाता है। इसके बाद बैंक से न्यू ड्यूज सर्टिफिकेट लिया जाता है और अगर मॉर्गेज रजिस्टर है, तो रिलीज डीड भी बनवाना जरूरी होता है। तभी प्रॉपर्टी का ट्रांसफर सुरक्षित माना जाता है।
गिरवी संपत्ति खरीदना आसान सौदा नहीं है। इसमें कानूनी जांच, बैंक की मंजूरी और सही भुगतान प्रक्रिया तीनों का संतुलन जरूरी है। अगर हर कदम सावधानी से उठाया जाए, तो जोखिम से बचते हुए अच्छा निवेश किया जा सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
Gold-Silver Rate: सोने की कीमत में फिर उछाल, ₹1,52,155 पर पहुंचा 10 ग्राम; चांदी हुई ₹612 सस्ती
Gold-Silver Rate Today (21 April 2026): सोना-चांदी के दामों में आज यानी 21 अप्रैल को हलचल देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 59 रुपए की बढ़ोतरी हुई है और यह अब 1,52,155 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले 20 अप्रैल को सोने का भाव 1,52,096 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
वहीं दूसरी ओर चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी 612 रुपए सस्ती होकर 2,50,063 रुपए पर आ गई है। इससे पहले सोमवार को चांदी का भाव 2,50,675 रुपए प्रति किलो था। आइए अब देश के अन्य बडे़ शहरों में सोने के ताजा भाव जानें।
भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के रेट
| शहर | कीमत (₹ प्रति 10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,55,440 |
| मुंबई | ₹1,55,290 |
| चेन्नई | ₹1,56,000 |
| भोपाल | ₹1,55,340 |
| कोलकाता | ₹1,55,290 |
| लखनऊ | ₹1,55,440 |
| रायपुर | ₹1,55,290 |
| जयपुर | ₹1,55,440 |
| अहमदाबाद | ₹1,55,340 |
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें:
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड सोना ही खरीदें। हॉलमार्क पर एक अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है, जिससे सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है। इससे आपको यह भरोसा मिलता है कि सोना असली और प्रमाणित है।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें:
सोना खरीदने से पहले उसका सही वजन और उस दिन का भाव अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें, जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है, इसलिए सही जानकारी जरूरी है।
असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान तरीके
1. मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक (मैग्नेट) से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो वह नकली हो सकती है।
2. आइस टेस्ट: असली चांदी पर बर्फ रखने से वह जल्दी पिघलने लगती है, क्योंकि इसमें अच्छी ताप चालकता होती है।
3. स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली में कॉपर जैसी हल्की गंध आ सकती है।
4. क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए तो वह असली चांदी हो सकती है।
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