UP News: डीएम की कुर्सी पर बैठकर वायरल हुआ लंगूर ‘मटरू’ कलेक्ट्रेट से रेस्क्यू, मंकी कैचर ने पकड़ा, अब जंगल में छोड़ा जाएगा
UP News: उत्तर प्रदेश के बागपत डीएम ऑफिस में घुसा ‘मटरू’ नाम का लंगूर कई दिनों से चर्चा में बना हुआ है. कलेक्टर ऑफिस में ‘मटरू’ का आना इतना आम चुका था कि लोग उसे पहचानने लगे थे. उसे देखते ही लोगों में कौतुहल पैदा हो जाता. इसका वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रहा था. एक वीडियो में देखने को मिला जब डीएम अस्मिता लाल किसानों के साथ बैठक कर रही थीं, तभी उनका खास दोस्त लंगूर मटरू अचानक बैठक के बीच पहुंच गया. इसके बाद डीएम ने मटरू को दुलाकर करके बैठक स्थल से बाहर भिजवा दिया.
बाद में ‘मटरू’ कलेक्ट्रेट ऑफिस के काम में बाधा डालने लगा. इस पर वन विभाग को आखिरकार एक्शन लेना पड़ा और उसे पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. रिपोर्ट के अनुसार, वन विभाग की टीम ने ‘मटरू’ लंगूर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. वन विभाग के अनुसार, लंगूर कभी भी आक्रामक हो जाते हैं. किसी पर भी हमला बोल सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए मटरू को रेस्क्यू किया गया है.
राजनीतिक गलियारों में भी ‘मटरू’ की चर्चा
‘मटरू’ की चर्चा सिफ बागपत तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी फैलने लगी थी. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसते हुए सरकार को घेरा, जिसके बाद यह लंगूर चर्चा में आ गया था. सोशल मीडिया पर ‘मटरू’ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. लोग इसे ऑफिस का सदस्य कहकर बुला रहे थे.
कैसे चर्चा में आया ‘मटरू’
आपको बता दें कि ‘मटरू’ की चर्चा तब से शुरू हुई, जब किसान समाधान दिवस के दिन नजर आया. दरअसल इस दिन जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज राय उस समय मौजूद थे. सभागार के अंदर किसान अपनी समस्या के बारे में बात कर रहे थे. तभी अचानक ‘मटरू’ ने एंट्री मारी. लंगूर पहले किसानों के बीच टेबलों पर घूमता रहा. इसके बाद सीधे डीएम के पास पहुंच गया. इस पर डीएम डरने के बजाय हंस पड़ीं. उन्होंने अपनी सीट छोड़ दी और मटरू को इशारा किया कि इधर बैठ जाओ. तभी से मटरू का वीडियो वायरल हो गया था.
रूस-यूक्रेन संघर्ष में संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता, दोनों पक्षों से 193-193 कैदियों को मिली रिहाई
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात ने रूस और यूक्रेन के बीच एक और सफल मध्यस्थता की घोषणा की। इसके तहत दोनों पक्षों ने 193-193 कैदियों की रिहाई की।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने रूसी संघ और यूक्रेन गणराज्य के बीच नई मध्यस्थता कोशिशों की सफलता की घोषणा की है। इसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों से 193-193 कैदियों को रिहा किया गया है, जिससे यूएई की मध्यस्थता के जरिए दोनों देशों के बीच अदला-बदली किए गए कैदियों की कुल संख्या बढ़कर 6,691 हो गई है।
संयुक्त अरब अमीरात विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने यूएई की मध्यस्थता कोशिशों में सहयोग के लिए दोनों देशों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। यह संकट को हल करने के सभी प्रयासों में सहायता देने में यूएई की भूमिका पर दोनों देशों के भरोसे और सराहना को दर्शाता है।
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि यह मध्यस्थता की सफलता, यूएई, रूसी संघ और यूक्रेन के बीच विशिष्ट संबंधों को दर्शाती है। इसके अलावा, मंत्रालय ने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने और इस संकट के मानवीय प्रभाव को कम करने (जिसमें शरणार्थी और कैदी भी शामिल हैं) के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों की सफलता सुनिश्चित करने के प्रति यूएई की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इससे पहले सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी यूक्रेन के मुद्दे को लेकर चर्चा हो चुकी है। बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के स्थायी उप-प्रतिनिधि सुन लेई ने जल्द से जल्द स्थिति को शांत करने और शीघ्र युद्धविराम सुनिश्चित करने की बात कही थी।
सुन लेई ने कहा कि यूक्रेन संकट लंबे समय से जारी है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की साझा अपेक्षा है कि जल्द से जल्द युद्ध समाप्त हो और राजनीतिक समाधान निकाला जाए। सभी पक्षों को वार्ता जारी रखनी चाहिए और सहमति बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। सभी संबंधित पक्ष वार्ता प्रक्रिया में शामिल हों, संवाद बनाए रखें और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के तहत एक व्यापक, स्थायी और बाध्यकारी शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ें।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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