ट्रिब्यूनल्स के लिए बनेगा नया ‘बॉस’! National Tribunals Commission के प्रस्ताव से क्या बदलेगा?
National Tribunals Commission: देश की ट्रिब्यूनल्स को नया बॉस मिल सकता है. इसके लिए केंद्र सरकार ने एक अहम प्रस्ताव रखा है. अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 के तहत राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (NTC) बनाने की योजना है. इसके जरिए ट्रिब्यूनलों में नियुक्तियों और प्रशासन से जुड़ी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और स्वतंत्र बनाने की कोशिश की जाएगी.
दरअसल, ट्रिब्यूनलों की स्वतंत्रता को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी चिंता जता चुका है. मद्रास बार एसोसिएशन समेत कई मामलों में अदालत ने कहा है कि ट्रिब्यूनल न्यायिक काम करते हैं, इसलिए उनकी स्वायत्तता बनाए रखना जरूरी है. कोर्ट ने यह भी माना है कि इन संस्थानों के कामकाज में सरकार का जरूरत से ज्यादा नियंत्रण नहीं होना चाहिए.
यह भी पढ़ें: संसद में आज पेश होंगे 4 अहम बिल, एक राज्य का नाम बदलने का आएगा प्रस्ताव
क्यों लाया गया कमिशन का प्रस्ताव?
देश के ट्रिब्यूनलों में खाली पद और नियुक्तियों से जुड़ी दिक्कतें लंबे समय से मामलों के निपटारे में देरी की वजह बनती रही हैं. NGT, CAT और SAT समेत 16 प्रमुख ट्रिब्यूनलों में बड़ी संख्या में पद खाली होने से कामकाज प्रभावित होता है. वहीं, सदस्यों की नियुक्ति और उनकी सेवा शर्तों में सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. ऐसे में प्रस्तावित राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (NTC) के जरिए नियुक्ति और प्रशासन की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित और स्वतंत्र बनाने की कोशिश की जा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि खाली पदों की समस्या दूर हो, कामकाज में तेजी आए और ट्रिब्यूनल मामलों का निपटारा अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें.
क्या है अधिकरण सुधार विधेयक, 2026?
अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 के जरिए केंद्र सरकार देश के अलग-अलग ट्रिब्यूनलों के कामकाज को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रही है. विधेयक में राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (NTC) बनाने का प्रस्ताव है, जो देश के 16 प्रमुख ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति और प्रशासन से जुड़े काम देखेगा.
प्रस्तावित आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होंगे. अध्यक्ष के पद पर सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करने का प्रावधान है. चार सदस्यों में दो न्यायिक और दो तकनीकी सदस्य होंगे. ट्रिब्यूनलों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटियों के जरिए चयन प्रक्रिया चलाने का प्रस्ताव है.
विधेयक में कार्यकाल को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है. ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष का कार्यकाल 5 साल या 70 साल की उम्र तक होगा, जबकि सदस्यों का कार्यकाल 5 साल या 67 साल की उम्र तक प्रस्तावित है। इनमें जो भी पहले पूरा होगा, वही लागू होगा.
इसके अलावा, ट्रिब्यूनलों से जुड़ी जानकारी को एक जगह लाने और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय न्यायाधिकरण डेटा ग्रिड बनाने का भी प्रस्ताव है. इस व्यवस्था के जरिए ट्रिब्यूनलों से जुड़े मामलों और उनके कामकाज की जानकारी को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड और मॉनिटर करने की कोशिश की जाएगी.
यह भी पढ़ें: रांची से दिल्ली तक छात्र आंदोलन की गूंज, संसद में चर्चा को तैयार सरकार; अमित शाह देंगे जवाब
NTC बनने से क्या फायदा होगा?
राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (NTC) के गठन का प्रस्ताव लागू होने पर ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति और कामकाज की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो सकता है. प्रस्ताव के मुताबिक, नई दिल्ली में बनने वाले आयोग में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को अध्यक्ष और दो न्यायिक व दो तकनीकी सदस्यों को शामिल किया जाएगा.
आयोग 16 प्रमुख न्यायाधिकरणों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने के साथ उनके कामकाज की समीक्षा, शिकायतों की जांच और नेशनल ट्रिब्यूनल्स डेटा ग्रिड के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगा. अध्यक्ष का कार्यकाल 5 साल या 70 वर्ष और सदस्यों का 5 साल या 67 वर्ष की उम्र तक प्रस्तावित है. इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी दखल कम करना और ट्रिब्यूनलों को अधिक स्वतंत्र व जवाबदेह बनाना है.
साप्ताहिक टैरो राशिफल 10 से 16 अगस्त 2026: मेष से मीन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा ये सप्ताह?
Weekly Tarot Horoscope 10 to 16 August 2026: 10 से 16 अगस्त 2026 का साप्ताहिक टैरो राशिफल मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए। करियर में नए अवसर, रिश्तों में सुधार और आर्थिक स्थिरता के संकेत जानें। टैरो कार्ड्स बता रहे हैं इस सप्ताह कैसे लें सही फैसले।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Hindustan









