कपूर खानदान की लाडली राहा नहीं बनेंगी एक्ट्रेस? आलिया भट्ट ने बेटी के करियर को लेकर किया खुलासा
Alia Bhatt-Raha Kapoor: बॉलीवुड और फिल्म लवर्स हमेशा शोबिज से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर को जानने के लिए एक्साइटेडट रहते हैं कि कौन सी ताजा खबर आई है. वैसे अभी सिनेमाघरों में अक्षय कुमार की भूत बंगला और रणवीर सिंह की धुरंधर 2 का बज बना हुआ. हालांकि भूत बंगला कहीं न कहीं रणवीर सिंह की फिल्म की जगह लेती हुई दिखाई दे रही है. बहरहाल ये तो एक अलग बात हो गई. यहां पर हम आपको बॉलीवुड की दुनिया से जुड़ी एक और ऐसी बड़ी खबर बताएंगे जिसके बारे में जानने के लिए आपने कभी न कभी चाह होगा.
दरअसल, एक राय लोगों के बीच बहुत आम होती है कि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनेगा और पायलट का बेटा पायलट बनेगा. इसी तरह फिल्म स्टार के बच्चों को लेकर भी यही सोचा जाता है कि वो भी अपनी तरह उन्हें भी फिल्मी दुनिया का हिस्सा बनाएंगे लेकिन ये बात पूरी तरह सच नहीं है. अभी हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने अपनी बेटी राहा कूपर (Raha Kapoor) को लेकर बात की और ये भी बताया कि वो उसे किस करियर में आगे बढ़ता देखना चाहती हैं. आइए जानते हैं.
आलिया नहीं चाहती बेटी राहा बने एक्ट्रेस?
आलिया भट्ट ने फेमिना को दिए इंटरव्यू में अपनी बेटी राहा के करियर को लेकर बात की. उनके मुताबिक वह राहा को एक्टिंग के फील्ड में नहीं स्पोर्ट्स में कुछ करते देखना चाहती हैं. उन्होंने इस बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें टीमवर्क बहुत अच्छा लगता है कि अगर वह खुद एथलीट होतीं तो स्पोर्ट्स जरूर खेलती. इसी सोच के चलते वह राहा को भी एथलीट बनता देखना चाहती हैं. यानी आलिया की बातों से यह तय है कि राहा कपूर अपनी मां की तरह फिल्मों में एक्टिंग करती हुई नहीं दिखेंगी.
क्यों चाहती हैं आलिया बेटी एथलीट बने?
आलिया ने अपनी बेटी राहा को एथलीट बनाने के पीछे की दूसरी वजह बताई कि उनकी बेटी राहा इतनी कम उम्र में ही बहुत ज्यादा एक्टिव और एनर्जेटिक है. वह हर समय खेलती-कूदती रहती है. उसमें एक तरह का कॉम्पिटिव नेचर भी नजर आता है.
आलिया ने कुछ समय पहले सदगुरु से पेरेंटिंग को लेकर कुछ सवाल किए थे. उन्होंने पूछा था कि क्या वह अच्छी मां हैं? इस पर सदगुरु ने सीधा जवाब न देते हुए कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि जो पैरेंट्स बच्चे की ज्यादा चिंता कर रहे हो, वो खुद ही अच्छे परेंट्स न हो. ऐसे पेरेंट्स बच्चों को लेकर ज्यादा चिंतित रहते हैं, उन्हें खुद बच्चों से सीखना चाहिए क्योंकि वो जिंदगी ज्यादा करीब होते हैं.
बता दें कि आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की मुलाकात ब्रह्मास्त्र फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी. इसके बाद दोनों ने एक दूसरे को कुछ समय के लिए डेट किया और इसके बाद 14 अप्रैल 2022 को शादी कर ली. वहीं, 6 नवंबर 2022 को राहा का जन्म हुआ था.
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Operation सर्प विनाश के हीरो ताहिर फजल चौधरी का निधन, सैनिक सम्मान के साथ मिली आखिरी विदाई
Operation Sarp Vinash Hero: आज से 23 साल पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों के खिलाफ हुए सबसे बड़े ऑपरेशन 'सर्पविनाश' के हीरो रहे ताहिर फजल चौधरी अब इस दुनिया में नहीं रहे. भारतीय सेना ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ देर रात उन्हें अंतिम विदाई दी. इस मौके पर बड़ी तादाद में इलाके के लोग भी मौजूद रहे. सेना ने फजल हुसैन की बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा.
2003 में मिली जानकारी से शुरू हुआ था ऑपरेशन
वर्ष 2003 में पूंछ के हिल काका ऑपरेशन से पहले ताहिर वही शख्स थे, जिन्होंने सरकार तक खबर पहुंचाई कि इस इलाके में आतंकी कमांडर उमर मुस्सा ने पूरी तरह कब्जा कर रखा है. इसी रास्ते का इस्तेमाल POK से आतंकियों को घाटी में लाने और वापस ले जाने के लिए किया जा रहा था. ताहिर की इस जानकारी के बाद तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने सेना को इसकी पुष्टि करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद जांच में सामने आया कि हिल काका में आतंकियों ने स्थायी बेस बना रखा है और वहां ट्रेनिंग भी दी जा रही है. इसके बाद सरकार ने पुंछ के हिल काका में ऑपरेशन सर्पविनाश शुरू किया.
अवाम और सेना की साझी लड़ाई
इस ऑपरेशन की खास बात यह थी कि इसे अवाम और सेना ने मिलकर अंजाम दिया. ताहिर फजल ने सेना के साथ मिलकर पूरे इलाके की रेकी की और यह पता लगाया कि आतंकियों ने कहां-कहां अंडरग्राउंड बंकर बना रखे हैं. इसके बावजूद ऑपरेशन चलाना आसान नहीं था, क्योंकि हिल काका तक पहुंचने के लिए घने जंगलों और पहाड़ियों से गुजरना पड़ता था. इस दौरान फजल और उनकी टीम ने सेना की पूरी मदद की और खुद भी कंधे से कंधा मिलाकर आतंकियों के साथ हुए एनकाउंटर में हिस्सा लिया. बताया जाता है कि फजल ने आतंकी कमांडर उमर मुस्सा को मार गिराया और उसकी AK-47 राइफल भी अपने पास रखी, जो उनकी मृत्यु से पहले तक उनके पास रही.
गांव को बनाया आतंक के खिलाफ दीवार
ऑपरेशन के बाद भी ताहिर फजल ने आतंकियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी. उन्होंने अपनी पत्नी और गांव की महिलाओं को भी आत्मरक्षा और आतंकियों से मुकाबले के लिए तैयार किया और उन्हें हथियार दिलवाए. इस दौरान आतंकियों ने फजल और उनके गांव पर कई हमले किए, जिनमें कई लोग मारे गए, लेकिन गांव के लोग आतंक के खिलाफ दीवार बनकर खड़े रहे. इस ऑपरेशन के बाद सेना ने उस इलाके में एक स्मारक भी बनाया, जिसमें शहीद जवानों के साथ-साथ शहीद नागरिकों के नाम भी दर्ज हैं. यही वजह है कि आज न केवल सेना बल्कि पुंछ और पूरे जम्मू-कश्मीर का हर नागरिक ताहिर फजल की बहादुरी को सलाम कर रहा है.
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