Gujarat Govt: सूरत में 1-2 मई को होगा वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस, 16 जिलों के विकास पर होगा फोकस
Gujarat Govt: वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के तहत 1 और 2 मई को सूरत में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. कॉन्फ्रेंस में साउथ और सेंट्रल गुजरात के विकास को नई दिशा देने पर चर्चा की जाएगी. खास बात है कि आयोजन की शुरुआत एक मई को गुजरात स्टेटहुड डे के खास मौके पर होगी.
कॉन्फ्रेंस में गुजरात के 16 जिलों को कवर किया जाएगा
इस कॉन्फ्रेंस में साउथ गुजरात और सेंट्रल गुजरात के कुल 16 जिलों को कवर किया जाएगा, जिसमें सूरत, भरूच, वडोदरा, नवसारी, गांधीनगर और अहमदाबाद जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं. इस कॉन्फ्रेंस के जरिए केमिकल्स, टेक्सटाइल्स, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते सेक्टर्स पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है. इस पहल से निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा. रोजगार के नए अवसर पैदा करने और क्षेत्रीय संतुलित विकास को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई जाएगी.
વાઈબ્રન્ટ ગુજરાત રીજનલ કોન્ફરન્સ (VGRC) દક્ષિણ ગુજરાત અને મધ્ય ગુજરાત; તા. 1 અને 2 મે, 2026 ના રોજ સુરત ખાતે ભવ્ય આયોજન...
— Gujarat Information (@InfoGujarat) April 1, 2026
તા. 1 મે, ગુજરાત સ્થાપના દિવસના રોજ યોજાનાર VGRCમાં દક્ષિણ ગુજરાત અને મધ્ય ગુજરાતના 16 જિલ્લાઓને આવરી લેવાશે કે જેમાં રસાયણ, પેટ્રોકેમિકલ્સ, કાપડ, જેમ્સ અને…
स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर दिलाते हैं पहचान
प्रदेश में उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए गजुरात सरकार लगातार काम कर रही है. वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस जैसे आयोजन सिर्फ निवेशकों को ही आकर्षित नहीं करते बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाते हैं.
वाइब्रेंट गुजरात की पहचान को बनाएगा मजबूत
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस गुजरात की विकास यात्रा को नई गति देने के साथ-साथ वाइब्रेंट गुजरात की पहचान को और मजबूत बनाएगा. वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में अहम योगदान देगा.
भारतीय कंपनियों की आय वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 8.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान: रिपोर्ट
मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय कंपनियों की आय वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 8-8.5 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में दी गई।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में आय वृद्धि सालाना आधार पर 8.5-9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इसकी वजह जीएसटी में कटौती के कारण ऑटोमोबाइल और व्हाइट गुड्स की मजबूत वॉल्यूम होना है।
रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही की अपेक्षा वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में आय में अनुमानित कमी की वजह पश्चिम एशिया में तनाव होना है, जिससे कीमत बढ़ने के कारण मांग पर असर हो सकता है।
क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान इस क्षेत्र से सीधे जुड़े सेक्टर्स में संघर्ष का प्रभाव पहले से ही दिखाई दे रहा था।
इस संघर्ष का प्रभाव आने वाली तिमाही विशेषकर वित्त वर्ष 27 की पहली दो तिमाही में और अधिक देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लिए, ऊर्जा, व्यापार और रेमिटेंस चैनलों के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है, जिससे अर्थव्यवस्था लंबे समय तक चलने वाले व्यवधानों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हो जाती है।
भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 89 प्रतिशत आवश्यकताओं का आयात करता है, जिसमें से लगभग 46 प्रतिशत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है।
देश अपनी लगभग आधी जरूरतों के लिए एलपीजी के आयात पर भी निर्भर है, जिसमें से आधे से अधिक इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के मामले में संवेदनशीलता और भी अधिक है, जहां आयात घरेलू मांग का लगभग दो-तिहाई हिस्सा पूरा करता है और अधिकांश खेप होर्मुज से होकर गुजरती है।
ऊर्जा के अलावा, पश्चिम एशिया भारत के लिए एक प्रमुख आर्थिक गलियारा है, जो वस्तुओं के निर्यात का लगभग 13 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रत्न और आभूषण जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्र, साथ ही चावल और मांस जैसी प्रसंस्कृत खाद्य श्रेणियां, इस क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation






















