Bank Stock: सरकारी बैंक में हिस्सेदारी बेचने पर वित्त मंत्री का बड़ा बयान, 72 का शेयर 8% उछला
IDBI Bank share price: आईडीबीआई बैंक के शेयरों में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के यह कहने के बाद कि सरकार बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया जारी रखेगी, निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। कारोबार के दौरान बैंक का शेयर करीब 8 प्रतिशत चढ़कर एक महीने के उच्च स्तर 79.90 रुपये तक पहुंच गया।
दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर आईडीबीआई बैंक का शेयर 2.6 फीसदी बढ़कर 75.65 रुपये पर कारोबार कर रहा था। बाजार में बैंक के करीब 3.6 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ, जो पिछले कारोबारी दिन इसी समय के मुकाबले लगभग 14 गुना ज्यादा रहा। इससे साफ है कि निवेशकों की रुचि अचानक बढ़ी है।
वित्त मंत्री के बयान से चढ़ा आईडीबीआई बैंक का शेयर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पुणे में भारतीय स्टेट बैंक के एक स्थानीय प्रधान कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंची थीं। वहीं उन्होंने कहा कि हिस्सेदारी बिक्री में देरी के कारण पहले ही सार्वजनिक किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार इस विनिवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
सरकार बैंक में 30 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी
सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम भी अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। यानी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी रणनीतिक बिक्री के तहत बेची जानी है।
फिलहाल आईडीबीआई बैंक में सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम की संयुक्त हिस्सेदारी 94.71 प्रतिशत है। इसमें सरकार के पास 45.48 प्रतिशत और बीमा निगम के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मांग सकती है। बताया जा रहा है कि पहले मिले प्रस्ताव आरक्षित मूल्य से कम थे। रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया अभी तकनीकी मूल्यांकन चरण में है। संभावित खरीदारों में प्रेम वत्सा समूह की फेयरफैक्स और अमीरात एनबीडी के नाम सामने आए हैं। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत अक्टूबर 2022 में हुई थी, जब सरकार और बीमा निगम ने हिस्सेदारी बिक्री के लिए रुचि पत्र आमंत्रित किए थे। जनवरी 2023 में सरकार ने बताया था कि कई प्रारंभिक बोलियां मिली हैं। इसके बाद गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी और भारतीय रिजर्व बैंक से उपयुक्तता जांच की प्रक्रिया पूरी की गई।
जिन बोलीदाताओं को मंजूरी मिली, उन्हें बैंक की जांच-पड़ताल का अवसर दिया गया। इसके बाद जनवरी में वित्तीय बोलियां आमंत्रित की गईं और फरवरी में सरकार ने वित्तीय प्रस्ताव मिलने की पुष्टि की थी।
वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों के एकीकरण पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति इस विषय पर चर्चा करेगी। साथ ही बैंकों द्वारा बीमा उत्पाद बेचने के खुले ढांचे पर भी विचार किया जाएगा। पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सरकार विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण से संसाधन जुटाने पर जोर दे रही है।
(प्रियंका कुमारी)
शेयर बाजार में फिर गिरावट: सेंसेक्स 1100 अंक टूटा; निफ्टी भी 23900 से नीचे फिसला; क्यों बाजार में आई बिकवाली?
Stock Market Today: घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को तेज बिकवाली देखने को मिली। 2 दिनों से जारी गिरावट के बीच बाजार ने दोपहर तक और कमजोरी दिखायी। बढ़ते कच्चे तेल के दाम, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, आईटी शेयरों में भारी दबाव और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।
दोपहर 2 बजे सेंसेक्स करीब 1200 अंक यानी 1.54 फीसदी टूटकर 76,430 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 335 अंक गिरकर 23836 पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों से हिला बाजार
भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतें मानी जा रही। ब्रेंट कच्चा तेल करीब 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ। पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में आपूर्ति बाधित होने की आशंका से तेल बाजार में चिंता बनी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितता भी कीमतों को प्रभावित कर रही।
एफआईआई की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बिकवाली की और 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। इससे बड़े शेयरों पर दबाव और बढ़ गया।
निफ्टी आईटी 5 फीसदी टूटा
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी दिखी। बड़ी कंपनियों के नरम कारोबारी संकेतों के बाद निवेशकों ने इस क्षेत्र से दूरी बनाई। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा में तेज गिरावट आई। निफ्टी सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक करीब 5 प्रतिशत टूट गया, जिससे यह दिन का सबसे कमजोर क्षेत्र रहा।
वैश्विक संकेत भी अच्छे नहीं
वैश्विक संकेत भी बाजार के पक्ष में नहीं रहे। अमेरिकी बाजार पिछली रात गिरावट के साथ बंद हुए थे। हालांकि बाद में इजरायल-लेबनान संघर्षविराम बढ़ने की खबर से कुछ राहत मिली, लेकिन तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम लेने की धारणा कमजोर रखी।
बाजार में डर का सूचकांक भी बढ़ा। इंडिया वीआईएक्स करीब 4 प्रतिशत चढ़कर 19.3 के आसपास पहुंच गया, जो निवेशकों की सतर्कता दिखाता है। विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी अब 24000 के नीचे फिसल चुका और 23800 के पास अगला सहारा माना जा रहा।
सभी सेक्टर लाल निशान में रहे
लगभग सभी प्रमुख क्षेत्र लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सूचना प्रौद्योगिकी, दवा, उपभोक्ता वस्तु और रियल्टी शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही। हालांकि कोल इंडिया में करीब 1 प्रतिशत तेजी रही। बजाज ऑटो, आयशर मोटर्स, ग्रासिम, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक में हल्की मजबूती दिखी।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। 2752 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 965 शेयर बढ़त में रहे। इससे साफ है कि बिकवाली सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार में दबाव बना रहा।
(प्रियंका कुमारी)
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