Friday Gold Rate : फिर कम हुए सोने के रेट, जानिए 24 अप्रैल को कहां पहुंची 10 ग्राम की कीमत
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू मांग में कमी के चलते कीमतों में नरमी देखी गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी डॉलर की स्थिति मजबूत होने से कीमती धातुओं पर सीधा असर पड़ा है। 24 अप्रैल 2026 को भारतीय सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव 153,100 रुपये दर्ज किया गया है। वहीं, 22 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 140,350 रुपये चल रही है।इससे पहले गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को सोने का भाव 1,53,700 रुपए पर बंद हुआ था। चांदी 2.60,000 लाख रुपए के आसपास ट्रेंड कारोबार कर रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और महंगाई बढ़ने की आशंका है जिसके चलते बाजार में अनिश्चितताओं का माहौल बना हुआ है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास जंग जारी रखने के लिए सिर्फ 7 दिन है क्योंकि अमेरिकी संविधान के अनुसार, किसी भी युद्ध को 60 दिन में संसद की मंजूरी लेनी पड़ती है। आमतौर पर युद्ध के हालात में सोना महंगा होता है, लेकिन इस बार मामला उल्टा है। कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से 106 डॉलर प्रति औंस के पार जा चुकी है। जब तक तनाव खत्म नहीं होता है तब तक कच्चे तेल की कीमतों में सुधार होना थोड़ा मुश्किल है।
अगर महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकते हैं, जो सोने के लिए अच्छे संकेत नहीं होंगे। बाजार का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की 28-29 अप्रैल, 2026 को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक पर है जो आगे की दिशा तय करने में एक प्रमुख कारक साबित होगी। निवेशक भी सोने-चांदी की कीमतों और शेयर बाजार की दिशा तय करने के लिए इस बैठक पर नजर रखे हुए हैं। वहीं चीन जैसे कई देश भी डॉलर पर निर्भरता को कम करने के लिए गोल्ड खरीदारी ज्यादा कर रहे हैं।
भारत में शादियों का सीजन चल रहा है, ऐसे में गहनों और सिक्कों की खरीदारी में इजाफा देखने को मिलता है, लेकिन कीमतों के उतार-चढ़ाव के चलते बाजार में भी हलचल बनी हुई है। हालांकि कीमतें कम होने से मिडिल क्लास वालों को राहत मिल सकती है। अगर आप शादी फंक्शन या किसी विशेष मौके के लिए सोना खरीदने जा रहे है, तो ध्यान रखें 24 कैरेट (99.9%) सोना सबसे शुद्ध होता है। 22 कैरेट में 91.6 % और 18 कैरेट में 75% शुद्धता होती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए, अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं।
सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच अवश्य करें। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में 92% से ज्यादा वोटिंग पर CJI सूर्यकांत ने जताई खुशी, कहा “लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत”
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए भारी मतदान ने देशभर का ध्यान आकर्षित किया है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी यह मुद्दा गूंजा जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 92 प्रतिशत से अधिक मतदान पर खुशी जताई। उन्होंने मतदान प्रतिशत पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।
पहले चरण के तहत राज्य के विभिन्न जिलों की कई विधानसभा सीटों पर मतदान कराया गया। गुरुवार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से मतदान को लेकर अधिक उत्साह देखा गया, जहां लोगों ने शुरुआती घंटों से ही अपने मताधिकार का उपयोग किया। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी गई थी।
CJI ने वोटिंग प्रतिशत पर जताई खुशी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई अभूतपूर्व वोटिंग ने न सिर्फ राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा है, बल्कि न्यायपालिका के सर्वोच्च स्तर पर भी इसकी गूंज सुनाई दी है। सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े मामले की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण में अभूतपूर्व मतदान पर खुशी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि एक जागरूक नागरिक के रूप में लोगों को बढ़-चढ़कर मतदान करते देखना उत्साहजनक है और यह लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।
अदालत में एसआईआर से जुड़े मामलों पर सुनवाई
यह टिप्पणी उस समय आई जब सर्वोच्च न्यायालय 71 ऐसे याचिकाकर्ताओं की अपील पर विचार कर रहा था, जिनके नाम विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया, जबकि उनका मामला अब अपीलीय ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ कर रही है, जिसमें सूर्यकांत के साथ न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचौली शामिल हैं। पीठ के समक्ष यह भी बताया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद लोग अपील की प्रक्रिया में हैं।
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