सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला; आईटी सेक्टर, महंगा कच्चा तेल जैसे कारणों से तीन सत्रों से लगातार हो रही बिकवाली
मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों से बिकवाली देखी जा रही है। शुक्रवार को दोपहर 12:50 बजे सेंसेक्स 1,007 अंक या 1.30 तिशत की गिरावट के साथ 76,656 और निफ्टी 278 अंक या 1.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,895 पर था।
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी कमजोर बने हुए थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 728.65 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,219 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 200 अंक या 1.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,520 पर था।
बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह आईटी सेक्टर का कमजोर प्रदर्शन करना है। इन्फोसिस और एसीएल टेक जैसी कंपनियों के कमजोर नतीजों के कारण पूरे आईटी सेक्टर में बिकवाली है और इस कारण से आईटी इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक फिसल गया है।
कच्चे तेल की कीमतों का उच्च स्तर पर होना, बाजार में निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इसके साथ ही निकट अवधि में महंगाई भी बढ़ने का खतरा है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली भी बाजार को निचले स्तर पर धकेल रही है। गुरुवार को लगातार चौथ दिन विदेशी निवेशक शुद्ध विक्रेता थे और इस दौरान उन्होंने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की इक्विटी में बिकवाली की।
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता पर अनिश्चितता के कारण मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है। वहीं, अमेरिका ने भी हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई और भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली देखी जा रही है।
भारत में अस्थिरता दर्शाने वाले इंडिया विक्स में भी तेजी देखी जा रही है। इंडिया विक्स 3.50 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19.24 पर था, जब भी इसमें तेजी देखने को मिलती है, तो आमतौर पर बाजार में गिरावट आती है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बिहार में धड़ल्ले से संचालित हो रहे अवैध अस्पताल, 16 दिन के नवजात शिशु को गंवानी पड़ी जान
सीवान, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के सीवान में अवैध रूप से ऐसे अस्पताल और निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां न तो प्रशिक्षित डॉक्टर हैं और न ही अस्पताल संचालकों के पास वैध लाइसेंस। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये अस्पताल कैसे संचालित हो रहे हैं।
जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों का मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब 16 दिन से डॉ उमेश के क्लीनिक में भर्ती एक नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में पहुंचकर अपना रोष जताया।
परिजनों का आरोप है कि इस अस्पताल को फर्जी तरीके से संचालित किया जा रहा है। यहां न ही प्रशिक्षित डॉक्टर हैं न ही और कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी है। इसके बावजूद भी यहां पर आने वाले मरीजों से हजारों रुपये फीस के नाम पर वसूले जाते हैं।
बताया जा रहा है कि जिलेभर में इस तरह के एक नहीं बल्कि कई तरह के अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न ही वैध दस्तावेज हैं और न ही प्रशिक्षित डॉक्टर। कई बार अस्पताल में अप्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को सूई लगा देते हैं। इसके बाद मरीजों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
साथ ही, कहा जा रहा है कि कई बार इस संबंध में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि अब तक इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से इस तरह के अस्पतालों और अन्य क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और वो इसे धडल्ले से संचालित कर रहे हैं।
अब स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की है और मांग की है कि सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जो लोग भी इन अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं है ? जो कि अभी तक इस तरह के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। अब इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
--आईएएनएस
पीएम
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