इधर अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरानी तेल की तस्करी से जुड़े एक और टैंकर मैजेस्टिक एक्स को जब्त किया। पेंटागन ने इस बात की पुष्टि भी कर दी। अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल की तस्करी से जुड़े एक और टैंकर को ज्त कर लिया है। जिससे ईरान के साथ तनाव और बढ़ गया। यह घटना ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोलशनरी गार्ड्स की ओर से हॉर्मोज स्टेट में दो जहाजों पर नियंत्रण करने के एक दिन बाद हुई। अमेरिकी रक्षा विभाग ने हिंद महासागर में ज्त किए गए टैंकर मैजेस्टिक एक्स के डेक पर अमेरिकी सेना का वीडियो फुटेज जारी किया है। जहाज ट्रैकिंग डाटा से पता चला कि मैजेस्टिक एक्स हिंद महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच स्थित है। लगभग उसी स्थान पर जहां अमेरिकी सेना द्वारा पहले ज्त किया गया तेल टैंकर टिफानी था। ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच इसलिए बातचीत नहीं हो पा रही क्योंकि अमेरिका की कथनी और करनी में अंतर है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेसियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से ईरानी नेतृत्व में कट्टरपंथियों और मध्यम मार्गी के बीच आंतरिक कलह के दावों को खारिज करते हुए बड़ा बयान दिया है। पेजेशियन ने ईरान की जनता को एकजुट बताया और कहा कि ईरान क्रांतिकारी है। उधर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराची ने कहा है कि इजराइल की आतंकी हत्याएं ईरान को कमजोर करने में पूरी तरह विफल रही हैं। देश के सैन्य और कूटनीतिक प्रयास एक दूसरे के साथ पूरी तरह से तालमेल से काम कर रहे हैं और ईरानी जनता पहले से ज्यादा एकजुट है। तो भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है। खासकर वो लोग जो ईरान जाने का प्लान कर रहे हैं। ईरान ना जाने की सलाह दी गई है। ईरान की यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। हवाई और जमीनी दोनों ही रास्तों से जाने से बचने के लिए कहा गयाहै और जो लोग वहां रह रहे हैं उनसे अपील की गई है कि जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें भारतीय दूतावास से समन्वय बनाकर रखें।
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा समय में युद्ध विराम लागू होने के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ऐसे में ईरान और भारत के बीच कुछ उड़ाने शुरू होने की रिपोर्ट के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वह हवाई या सड़क मार्ग से ईरान की यात्रा नहीं करें। जमीनी मार्गों के जरिए देश छोड़ें। तनाव के कारण हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। जिससे ईरान के लिए और वहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन प्रभावित हो रहा है। रूस के समारा शहर में ड्रोन अटैक में एक शख्स की मौत हो गई।
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भारत आ रहे एक जहाज एपामिस को ईरान ने अपने कब्जे में ले लिया। उसे अपने कब्जे में लेकर वो ईरान चला गया। इसको लेकर गरमा गर्मी बढ़ गई है। एपामिंडोस को ईरान ले जाए जाने पर और उस पर हुई गोलीबारी को लेकर भारत का जवाब अब सामने आया है। भारत ने इस मामले में इतनी जानकारी दी है कि इन जहाजों में जो भारतीय क्रू मेंबर सवार थे वो पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भारत का कहना है कि यह जहाज विदेशी मूल के थे। ऐसे में इस पर अभी ज्यादा रिपोर्ट भारत के पास मौजूद नहीं है। दो विदेशी जहाज पर फायरिंग हुई थी। उस पे कुछ हमारे भारतीय क्रू मेंबर्स नाविक थे। वो लोग सुरक्षित हैं। और यह दो जो जिस पे फायरिंग हुई है, विदेशी जहाज हैं। विदेशी जहाज है और लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि ईरान की सरकार से हमारा हमारा लगातार बातचीत चल रही है ताकि जो हमारे वहां पर शेष जहाज हैं वो सुरक्षित भारत आए। दरअसल ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया था कि तीन कंटेनर जहाज ईरान ने कब्जा कर लिए हैं।
इसमें लाइबेरिया के झंडे वाले एपांडोस भी शामिल था। इसके अलावा पवानामा के झंडे वाले एमएससी फ्रांसका और यूफोरिया के रूप में तीसरे जहाज की पहचान सामने आई थी। और इन सबके बीच आईआरजीसी के जवान इन जहाजों को अपने कब्जे में लेते हुए देखे गए थे। इसके बाद भारत ने प्रतिक्रिया दी है कि भारतीय क्रू मेंबर जो इस जहाज में हैं वो सुरक्षित हैं और भारत और ईरान में लगातार बातचीत चल रही है। वहीं इससे इधर अगर बात करें तो नई दिल्ली में भी इसको लेकर एक्शन तेज है। ब्रिक्स को लेकर होने वाली बैठकों से इधर अब भारत और ईरान की एक और बड़ी मुलाकात दिल्ली में हुई है। जो भारत की साउथ सेक्रेटरी डॉ. नीना मल्होत्रा हैं। उन्होंने ईरान के राजदूत से मुलाकात की है और मौजूदा हालात को लेकर उनसे एक गहन चर्चा की गई है। दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए हैं कि द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए लगातार संपर्क में रहना जरूरी है। वहीं इन सबके बीच मौजूदा परिस्थितियों को लेकर भी दोनों देशों के बीच एक गहन चर्चा हुई है। कुल मिलाकर जिस तरह से स्ट्रेट ऑफ हार्मोस में हालात बने हुए हैं उन सबके बीच भारत की कोशिश यह है कि जो जहाज भारत आ रहे हैं उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यह भी आदेश दे दिया है कि ईरान के तमाम ऐसे जहाज जो हारमूस में घूम रहे हैं और माइंस बिछाने का काम कर रहे हैं या फिर दूसरे जहाजों पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं उनको चुन-च कर अमेरिका खत्म करे। कुल मिलाकर हारमूस पर जहां एक तरफ तनातनी बरकरार है। वहीं दूसरी तरफ भारत और ईरान लगातार अपने-अपने मामलों को सुलटाने में लगे हुए हैं।
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