Responsive Scrollable Menu

मजबूत डॉलर से सोने और चांदी में गिरावट जारी, करीब आधा प्रतिशत घटे दाम

मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। सोने और चांदी की शुरुआत शुक्रवार को गिरावट के साथ हुई। दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब आधा प्रतिशत तक फिसल गए।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की शुरुआत अपने पिछले सत्र के बंद 1,51,761 रुपए के मुकाबले 1,51,167 रुपए पर हुई।

सुबह 9:40 पर सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.47 प्रतिशत या 718 रुपए की कमजोरी के साथ 1,51,043 रुपए पर था।

अब तक के कारोबार में सोने ने 1,51,039 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,51,457 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।

वहीं, सत्र में चांदी की शुरुआत पिछले सत्र के बंद 2,41,513 रुपए के मुकाबले 2,39,200 रुपए पर हुई थी। चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.35 प्रतिशत या 842 रुपए की गिरावट के साथ 2,40,671 रुपए पर थी।

अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,39,200 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,41,382 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में बिकवाली देखने को मिल रही है। खबर खिले जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,684 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74.81 डॉलर प्रति औंस पर थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, यील्ड के बढ़ने और मध्य पूर्व में तनाव को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल के दोबारा से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल जाने से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते भी सोने और चांदी पर दबाव देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका के उम्मीद से बेहतर प्रारंभिक पीएमआई डेटा ने आर्थिक मजबूती को पुष्ट करते हुए और तत्काल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कम करते हुए सोने पर दबाव बढ़ाया।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Baglamukhi Jayanti 2026: आज है मां पीतांबरा का पावन दिन, जानें बगलामुखी जयंती का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Baglamukhi Jayanti 2026: सनातन धर्म के अनुसार, हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर बगलामुखी जयंती मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां बगलामुखी प्रकट हुईं थी. 10 महाविद्याओं में से एक मां बगलामुखी को आठवां स्थान प्राप्त है. इन्हें पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, बगलामुखी जयंती के दिन शास्त्र विधि से मां बगलामुखी का अभिषेक और पूजा करनी चाहिए. इनकी पूजा करने से वाणी सिद्ध हो जाती है. शत्रु और विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है. हर तरह का दुख और रोग समाप्त हो जाते हैं. 

मां बगलामुखी की पूजा क्यों करनी चाहिए?

मां बगलामुखी की कृपा से किसी तरह का भय नहीं रहता है. मां बगलामुखी तंत्र विद्या की देवी हैं. इन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या भी कहा जाता है. मां बगलामुखी ने ही ब्रह्मा जी की बनाई हुई सृष्टि को अपने बल से स्तभन ( रोकना ) कर रखा है. ज्योतिष शास्त्र में इन्हें नवग्रह की अधिष्ठात्री देवी बताया गया है. इनकी पूजा करने से कुंडली के सभी अशुभ ग्रह शुभ फल देने लगते हैं. आइए जानते हैं पूजा मुहूर्त और विधि.

बगलामुखी जयंती पूजा मुहूर्त

  • आज लाभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 24 मिनट से सुबह 09 बजकर 02 मिनट तक रहेगा.
  • अमृत मुहूर्त सुबह 09 बजकर 03 मिनट से सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगा.
  • शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगा.
  • प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06 बजकर 06 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहेगा.
  • लाभ मुहूर्त रात 09 बजकर 37 मिनट से रात 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

इन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होगा.

ये भी पढ़ें- Kedarnath Registration: करीब 180 दिन बाद फिर खुले बाबा केदार के कपाट, CM धामी ने किए दर्शन, रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी यहां मिलेगी

बगलामुखी की पूजा विधि

24 अप्रैल को बगलामुखी जयंती के दिन आपको सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत संकल्प लेना है. इसके बाद स्वच्छ, शुद्ध पीले वस्त्र पहनकर पूजा करें. पीले रंग के आसन पर बैठकर पूजा करने बेहद शुभ होता है. मां बगलामुखी की पूजा में शुद्धि का विशेष ध्यान रखना चाहिए. पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें. उत्तर-पूर्व दिशा में एक चौकी बिछाएं, चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. चौकी पर मां बगलामुखी की मूर्ति या चित्र की स्थापना करें. अब गंगाजल से उनका अभिषेक करें. हल्दी से तिलक लगाएं. पीले फूलों की माला पहनाएं. पीले फल, पपीता और बेसन के लड्डूओं का भोग लगाएं. अंत में श्रद्धा भक्ति के साथ आरती करें. आरती के बाद बगलामुखी चालीसा और उनके स्तोत्र का पाठ करें. मां बगलामुखी के मंत्रों का जाप करें. आज के दिन ब्राह्मण और गरीबों को दान जरूर करें. पूरा दिन शांत भाव से व्यतीत करें. शाम को प्रदोष काल में फिर से मां बगलामुखी की पूजा करें.

मां बगलामुखी के मंत्र जाप करने की विधि

मां बगलामुखी के मंत्र का जाप हल्दी की माला से करना बेहद शुभ होता है. हल्दी की माला न हो तो रुद्राक्ष की माला से जाप कर सकते हैं. इसके साथ ही मंत्र का उच्चारण शुद्ध होना चाहिए. अशुद्ध उच्चारण के साथ मंत्र जाप करने से अशुभ फल प्राप्त होगा. इसलिए, उच्चारण में अशुद्धि की जरा भी शंका हो तो पहले किसी योग्य आचार्य के साथ बैठकर उच्चारण शुद्ध अवश्य करें. 

बगलामुखी मूल मंत्र

ऊं ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशाय ह्रीं ऊं स्वाहा

बगलामुखी गायत्री मंत्र:

ऊं बगलामुख्यै च विद्महे स्तम्भिन्यै च धीमहि तन्नो बगला प्रचोदयात्

मां बगलामुखी की पूजा में भूलकर न करें ये गलती

  1. मां बगलामुखी की पूजा में शुद्धि का अवश्य ध्यान रखें. 
  2. बगलामुखी जयंती के दिन क्रोध और गुस्सा करने से बचें.
  3. मांस-मदिरा का सेवन न करें.
  4. लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन करने से बचें.
  5. मंत्र जाप या स्तोत्र के पाठ का उच्चारण शुद्ध अवश्य होना चाहिए.
  6. अशुद्ध उच्चारण से पाठ या मंत्र जाप करने से अशुभ फल प्राप्त होगा.
  7. बाल और नाखून न काटें.
  8. ब्रह्मचर्य का पालन करें.

बगलामुखी जयंती का महत्व

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को माता बगलामुखी का जयंती पर्व मनाया जाता है. इस दिन विधि-विधान के साथ उनकी पूजा करना बेहद शुभ होता है. मां बगलामुखी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही ज्ञात और अज्ञात शत्रुओं पर विजय मिलती है. नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव समाप्त हो जाता है. वाणी सिद्ध हो जाती है. इनकी कृपा से हर तरह के संकट और कष्टों से छुटकारा मिल जाता है. ग्रहों की पीढा शांत होती हैं. साधक को सभी तरह के भय और डर से मुक्ति मिल जाती है.

ये भी पढ़ें- Sita Navami 2026 Date: आज या कल, कब मनाई जाएगी सीता नवमी? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त, मंत्र और उपाय

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Continue reading on the app

  Sports

VIDEO: संजू ने बताया कि कैसे मैच की परिस्थिति बता देती है पारी को आगे बढ़ाना

संजू सैमसन ने बताया कि मैच के दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में 1% सुधार की बात की थी और विश्व कप में भी उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने कहा कि खेल खुद आपको बताता है कि क्या करना है, इसलिए पहले से कोई सोच या योजना बनाकर नहीं आते. अनुभव के साथ टीम की जरूरत सबसे पहले आती है. उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल की स्थिति को समझें और टीम की मांग के अनुसार अपनी रणनीति बनाएं। वे हमेशा खुले दिमाग से खेलते हैं और विकेट गिरने की स्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी की योजना बदलते हैं उनका मानना है कि टीम के लिए पारी को अच्छे से खत्म करना बहुत जरूरी था. Fri, 24 Apr 2026 15:29:38 +0530

  Videos
See all

HealthVadi : बिना दवाइयों के इलाज | 10 Pathy Integrated Wellness System | Doctor On Call #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T10:46:50+00:00

Aam Aadmi Party Press Confrence Live : आम आदमी पर बहुत बड़ी फुट! | Sanjay Singh | Arvind Kejriwal #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T10:42:12+00:00

Sandeep Pathak ने AAP से अपने रास्ते किए अलग | Delhi News | Raghav Chadha #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T10:46:25+00:00

Breaking News: AAP के घर में घमासान... राघव का पार्टी छोड़ने का ऐलान | Arvind Kejriwal | AAP | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-24T10:46:57+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers