किसान की बेटी, बिना कोचिंग और सीमित संसाधन, फिर भी 10वीं लाए 92.2% अंक, आगे सीए बनने का है सपना
CBSE BOARD 10TH TOPPER: तिगांव के एक साधारण किसान परिवार की बेटी ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े संसाधनों वाले बच्चों के लिए भी आसान नहीं होता. आर्थिक तंगी खेती में लगातार नुकसान और बड़े परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पली-बढ़ी 16 साल की लकी नागर ने 10वीं सीबीएसई में 92.2% अंक हासिल कर पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया. घर की हालत ऐसी कि परिवार का गुजारा सिर्फ खेती और थोड़े बहुत पशुपालन से चलता है फिर भी इस बेटी के हौसले और परिवार के सपोर्ट ने हर मुश्किल को छोटा साबित कर दिया.
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Success Story: दिल्ली की तंग गलियों में मिली नाकामयाबी और छपरा की सड़कों पर साइकिल के पैडल मारते मारते सोनू की कहानी संघर्ष की वो दास्तान है जो आज हर हारते हुए युवा में नई जान फूंक देगी. कभी एक-एक काम के लिए तपती धूप में घंटों भटकने वाला यह युवक आज छपरा का सबसे बड़ा इंटीरियर एक्सपर्ट बन चुका है. अब हालत यह है कि उनके दीदार और मशवरे के लिए भी एडवांस देना पड़ता है. जानिए कैसे एक साधारण से लड़के ने दीवारों की रंगत बदलकर अपनी किस्मत की लकीरें ही बदल दीं.
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