पूरी दुनिया इस वक्त भारत और रूस की यारी से हैरान है और हैरानी भी क्यों ना हो भारत और रूस ने एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए हैं जिसने दुनिया की महाशक्ति अमेरिका और भारत के पड़ोस में भारत को आंख दिखाने वाले चीन को हर बार चौकाया है और इसमें व्लादमीर पुतिन ने हमेशा भारत का साथ दिया है। अब वाशिंगटन के पेंटागन में हड़कंप है जो ट्रंप की रातों की नींद उड़ा चुकी है और इस्लामिक नाटो के मुल्क भी सन्न रह गए हैं। क्योंकि पुतिन ने भारत के साथ मिलकर वो सुपर प्लान एक्टिवेट कर दिया है जिसे अमेरिका या चीन अपना सबसे बुरा सपना मानते थे। जब पश्चिमी देशों ने समंदर में घेराबंदी की, जब रूस के खिलाफ बिल पास किए गए तो पुतिन ने पन्नों पर नहीं बल्कि जमीन के सीने पर अपनी ताकत दिखा दी।
रूस से सीधे भारत तक एक ऐसी डायरेक्ट रेल लाइन का ऐलान जो अमेरिका के हर प्रतिबंध को कचरे के डिब्बे में डाल देगी। यह सिर्फ एक रेल मार्ग नहीं है। यह अमेरिका के ग्लोबल दबदबे की अर्थी है। दरअसल अमेरिका ने सोचा था कि वो होर्मुज को ब्लॉक कर देगा। ब्लैक सी में रूस को फंसा देगा और भारत की तेल सप्लाई काटकर दिल्ली को घुटने पर ले आएगा। लेकिन पुतिन ने कहा शतरंज के असली खिलाड़ी हम भी हैं और रूसी उप प्रधानमंत्री मरात खुसनो लीन का वो एक बयान कि भारत तक पहुंचने के लिए कोई भी रास्ता मंजूर है। दरअसल अमेरिका के लिए खुला युद्ध है यह और इसका मतलब है कि अब रूस को तुर्की के बास्फोरस या अमेरिका के चहेते किसी भी समुद्री रास्ते की परवाह नहीं है। वह पटरियों से सीधे हिंद महासागर के सीने पर उतरेगा और भारत को ताकत देगा। अब यहां सबसे बड़ा धमाका है इस्लामिक मुल्कों का एंगल। एक तरफ पूरी मिडिल ईस्ट ईरान और इजराइल की जंग में जल रहा है तो दूसरी तरफ पुतिन तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत के लिए रास्ता बना रहे हैं। यह भारत की कूटनीति का वो प्रचंड रूप है जिसे देखकर पूरी दुनिया दंग है।
रूस का सस्ता तेल, गैस और कोयला जब इन इस्लामिक देशों को चीरता हुआ भारत पहुंचेगा तो अमेरिका का इंडोपेसिफिक वाला पूरा प्लान धरा का धरा रह जाएगा। यह इस्लामिक नाटो और पश्चिमी गठबंधन के बीच भारत का वो धमाका है जिसकी गूंज अब दशकों तक सुनाई देगी। भारत ने अमेरिका को ठेंगा दिखाकर रूस से 55% तेल खरीदना शुरू कर दिया है। 2030 तक भारत और रूस 100 अरब डॉलर का व्यापार करने वाले हैं। अमेरिका ने तेल के जहाजों पर बैन लगाया तब पुतिन ने ट्रेन की पटरिया बिछाने की तैयारी कर ली। एक बार यह रेल मार्ग शुरू हुआ तो समंदर में तैनात अमेरिकी जंगी जहाज सिर्फ धुआं फकेंगे और रूस की ऊर्जा शक्ति सीधे भारत के कारखानों को दहाड़ने की ताकत देगी। यह सुपर पावर भारत और महाशक्ति रूस का वो गठबंधन है जिसने पश्चिमी दुनिया की उल्टी गिनती शुरू कर दी है।
जब मॉस्को से चली ट्रेन सीधे मुंबई-दिल्ली स्टेशन पर रुकेगी तो क्या होगा?
तब डॉलर की दादागिरी खत्म हो जाएगी। तब समुद्री लुटेरों का डर खत्म हो जाएगा और तब खत्म हो जाएगा अमेरिका का वो घमंड कि वो किसी भी देश की सप्लाई लाइन काट सकता है। चीन भी इस रेल मार्ग के पीछे खड़ा है क्योंकि उसे पता है कि अगर यह रूट बन गया तो अमेरिका का वर्चस्व हमेशा हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।
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कहते हैं कि जो लोग दूसरों के लिए बारूद बिछाते हैं वो एक दिन उसी बारूद में जलकर राख हो जाते हैं। वैसा ही कुछ अब आतंकी मुल्क पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। 72 हूरों का सपना पालकर जो पाकिस्तान के जिहादी आए दिन भारत में खूनखराबा करते रहते थे। लेकिन अब यही आतंकी लगातार जहन्नुम पहुंचाए जा रहे हैं। जिस जमीन को आतंकी अपने लिए सबसे महफूज जन्नत समझते थे, अब यही जमीन उनके लिए कब्रगाह और जहन्नुम बन चुकी है। पाकिस्तान के भीतर अचानक से कुछ ऐसे बाहुबली एक्टिव हुए हैं जो चुन-चनकर पाकिस्तान के पाले हुए इन जहरीले सांपों को उसके घर में ही कुचल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों के भीतर पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में कई ऐसे खूंखार आतंकी मारे गए हैं जो भारत के सबसे बड़े दुश्मन बने हुए थे। सबसे खास बात तो ये है कि जिस परिस्थिति में आतंकी मारे जा रहे हैं उसकी तह तक पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी भी नहीं पहुंच पा रही। इसी बीच अब पाकिस्तान में भारत का एक और बड़ा दुश्मन मारा गया है। जिसने हाफिज मसूद के खेमे में हड़कंप मचा दिया है।
दरअसल आतंकी संगठन लश्कर तैबा के एक सीनियर कमांडर की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। कमांडर कारी सैद अब्दुल अजीज नमाज पढ़ने के लिए कुबा मस्जिद पहुंचा था। जहां वो गेट पर अचानक गिर पड़ा। अब्दुल ने नमाज पढ़ने से पहले वजू किया। वजू करने के बाद जैसे ही आतंकी अब्दुल अपना बैग वापस लेकर सीनिया चढ़कर मस्जिद के मुख हॉल में नमाज पढ़ने के लिए जाता है। वो वैसे ही चप्पल उतारने के लिए बैठता है और जमीन पर गिर जाता है। पास में मौजूद लश्कर तैबा के कैडर के अन्य लोग उसे उठाकर इसी जगह पर ले जाते हैं। जहां उसे सांस ना चलने पर सीपीआर दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद अब्दुल अजीज होश में नहीं आता। फिर उसे अस्पताल ले जाया जाता है। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया जाता है। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि मस्जिद जाने से पहले उसने एक अनजान रेस्टोरेंट में खाना खाया था। अचानक हुई आतंकी की मौत पर पाकिस्तान के भीतर भारत पर शक जताया जा रहा है।
हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि इस तरह की घटनाओं में उसका कोई भी हाथ नहीं है। दरअसल कारी सईद लश्कर तैबा का एक प्रमुख कमांडर था। उसके पास जम्मू कश्मीर में मुडबैर में मारे गए आतंकवादियों के परिवारों की मदद करने वाले विभाग की जिम्मेदारी थी। यह भारत में मारे गए आतंकियों के परिजनों को हर महीने पेंशन देता था। अब्दुल अजीज साल 1990 से आतंकी हाफिज सईद के साथ जुड़ा हुआ था और उसका खास कमांडर था। उसके अचानक हुई मौत से हाफिज सईद को बहुत बड़ा झटका लगा है। हाल ही में लश्कर के एक बड़े मेंबर रिज़वान का एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने दावा किया था कि पिछले 4 साल में भारतीय एजेंट ने पाकिस्तान के अंदर उसके संगठन के 30 मेंबर को मार दिया है।
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