Responsive Scrollable Menu

Sawan Mehndi Design 2026: इस सावन हाथों पर उतारें महादेव की भक्ति, ट्राई करें ये 6 शानदार मेहंदी डिजाइन

Sawan Mehndi Design: सावन का महीना शुरू होते ही शिव भक्तों में खास उत्साह देखने को मिलता है। पूजा-पाठ और व्रत के साथ महिलाएं सावन के झूले और मेहंदी के जरिए भी इस महीने की खुशियां मनाती हैं। अगर आप इस बार साधारण फूल-पत्ती वाली मेहंदी से कुछ अलग चाहती हैं, तो भगवान शिव से जुड़े ये 6 डिजाइन आपके हाथों की खूबसूरती बढ़ा सकते हैं।

सावन में हरे रंग के कपड़ों से लेकर चूड़ियों और मेहंदी तक, हर चीज में इस महीने की खास झलक देखने को मिलती है। ऐसे में मेहंदी डिजाइन में शिवलिंग, त्रिशूल, डमरू, ओम और बेलपत्र को शामिल करके इसे और खास बनाया जा सकता है। इन डिजाइन्स में से अपनी पसंद का पैटर्न चुन सकती हैं।

1. त्रिशूल और डमरू डिजाइन
भगवान शिव से जुड़े प्रतीकों में त्रिशूल और डमरू की अपनी खास पहचान है। मेहंदी में इन दोनों को एक साथ शामिल करके सुंदर डिजाइन तैयार की जा सकती है। हथेली के बीच में त्रिशूल बनाएं और उसके आसपास छोटे डमरू, पत्तियों और फूलों की डिजाइन जोड़ी जा सकती है। यह डिजाइन उन लोगों के लिए अच्छा है, जिन्हें बहुत ज्यादा भरी हुई मेहंदी पसंद नहीं है।

त्रिशूल और डमरू डिजाइन

2. शिवलिंग और बेलपत्र वाली मेहंदी
सावन में शिवलिंग और बेलपत्र की थीम मेहंदी के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें हथेली के बीच में छोटा शिवलिंग बनाया जा सकता है और उसके चारों ओर बेलपत्र व फूलों के पैटर्न लगाए जा सकते हैं। उंगलियों पर बेलपत्र की छोटी आकृतियां इस मेहंदी को और खास बना सकती हैं।

शिवलिंग और बेलपत्र वाली मेहंदी

3. महादेव की आकृति वाली मेहंदी
अगर आप कुछ क्रिएटिव और अलग डिजाइन चाहती हैं, तो हथेली पर महादेव की आकृति बनवा सकती हैं। इस डिजाइन में भगवान शिव की जटाएं, माथे पर त्रिपुंड, चंद्रमा और तीसरी आंख जैसी खास चीजों को मेहंदी के जरिए दिखाया जा सकता है। आसपास त्रिशूल और बेल-पत्तियों के पैटर्न जोड़ने से पूरी थीम शिव भक्ति से जुड़ी नजर आएगी।

महादेव की आकृति वाली मेहंदी

4. ओम और 'ॐ नमः शिवाय' डिजाइन
अगर आपको सिंपल और भक्ति से जुड़ी मेहंदी पसंद है, तो ओम और 'ॐ नमः शिवाय' वाली डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। हथेली के बीच में ओम का चिन्ह बनाया जा सकता है। इसके चारों ओर छोटे फूल, पत्तियां और बेल की डिजाइन बनाई जा सकती है। उंगलियों पर भी छोटे-छोटे धार्मिक पैटर्न लगाकर इसे पूरा किया जा सकता है।

ओम और ॐ नमः शिवाय डिजाइन

5. कैलाश पर्वत और ध्यान मुद्रा में शिव
कुछ हटकर मेहंदी लगवाने की इच्छा है, तो कैलाश पर्वत और ध्यान में बैठे भगवान शिव की थीम चुन सकती हैं। हथेली पर पर्वत का दृश्य बनाकर उसके सामने ध्यान मुद्रा में महादेव की आकृति बनाई जा सकती है। इसके आसपास चंद्रमा, बादल, त्रिशूल और पेड़-पौधों के छोटे पैटर्न जोड़े जा सकते हैं।

कैलाश पर्वत और ध्यान मुद्रा में शिव

6. शिव-पार्वती और सावन झूला डिजाइन
सावन की पहचान सिर्फ हरियाली और मेहंदी ही नहीं, बल्कि झूलों से भी जुड़ी है। ऐसे में शिव-पार्वती और झूले को एक ही मेहंदी डिजाइन में शामिल करना काफी यूनिक आइडिया हो सकता है। हथेली के बीच में शिव-पार्वती की छोटी आकृति बनाकर आसपास झूला, फूल, पत्तियां और बारिश की बूंदों के पैटर्न बनाए जा सकते हैं। इस डिजाइन में सावन की रौनक के साथ शिव भक्ति की झलक भी दिखाई देगी।

शिव-पार्वती और सावन झूला डिजाइन

मेहंदी को सुंदर बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स

  • डिजाइन को बहुत ज्यादा भरने के बजाय कुछ जगह खाली रखें।
  • उंगलियों पर छोटी और सिंपल डिजाइन बनवाएं।
  • अगर मिनिमल लुक पसंद है, तो सिर्फ ओम, त्रिशूल या डमरू की डिजाइन चुन सकती हैं।
  • मेहंदी लगाने के बाद उसे पूरी तरह सूखने दें और तुरंत पानी के संपर्क में आने से बचें।

सावन में मेहंदी सिर्फ हाथों की खूबसूरती बढ़ाने का तरीका नहीं, बल्कि त्योहार की खुशी और भक्ति से जुड़ा एक खास हिस्सा भी है। इस बार आप पारंपरिक बेल और फूलों वाली मेहंदी के बजाय महादेव, त्रिशूल, डमरू, ओम या शिव-पार्वती से जुड़ी थीम चुन सकती हैं।

यह भी पढ़ें: सावन में मीठा खाने का है मन? घर पर बनाएं स्वादिष्ट आलू का हलवा

Continue reading on the app

पुतिन ने जमीन के सीने पर दिखा दी अपनी ताकत, धड़धड़ाते हुए भारत में ट्रेन लेकर आने वाला है दोस्त रूस! चीन हैरान, अमेरिका परेशान

पूरी दुनिया इस वक्त भारत और रूस की यारी से हैरान है और हैरानी भी क्यों ना हो भारत और रूस ने एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए हैं जिसने दुनिया की महाशक्ति अमेरिका और भारत के पड़ोस में भारत को आंख दिखाने वाले चीन को हर बार चौकाया है और इसमें व्लादमीर पुतिन ने हमेशा भारत का साथ दिया है। अब वाशिंगटन के पेंटागन में हड़कंप है जो ट्रंप की रातों की नींद उड़ा चुकी है और इस्लामिक नाटो के मुल्क भी सन्न रह गए हैं। क्योंकि पुतिन ने भारत के साथ मिलकर वो सुपर प्लान एक्टिवेट कर दिया है जिसे अमेरिका या चीन अपना सबसे बुरा सपना मानते थे। जब पश्चिमी देशों ने समंदर में घेराबंदी की, जब रूस के खिलाफ बिल पास किए गए तो पुतिन ने पन्नों पर नहीं बल्कि जमीन के सीने पर अपनी ताकत दिखा दी। 

इसे भी पढ़ें: देश को America के हाथों गिरवी रख रहे PM Modi, Trump की गुलामी क्यों: Kejriwal का बड़ा हमला

रूस से सीधे भारत तक एक ऐसी डायरेक्ट रेल लाइन का ऐलान जो अमेरिका के हर प्रतिबंध को कचरे के डिब्बे में डाल देगी। यह सिर्फ एक रेल मार्ग नहीं है। यह अमेरिका के ग्लोबल दबदबे की अर्थी है। दरअसल अमेरिका ने सोचा था कि वो होर्मुज को ब्लॉक कर देगा। ब्लैक सी में रूस को फंसा देगा और भारत की तेल सप्लाई काटकर दिल्ली को घुटने पर ले आएगा। लेकिन पुतिन ने कहा शतरंज के असली खिलाड़ी हम भी हैं और रूसी उप प्रधानमंत्री मरात खुसनो लीन का वो एक बयान कि भारत तक पहुंचने के लिए कोई भी रास्ता मंजूर है। दरअसल अमेरिका के लिए खुला युद्ध है यह और इसका मतलब है कि अब रूस को तुर्की के बास्फोरस या अमेरिका के चहेते किसी भी समुद्री रास्ते की परवाह नहीं है। वह पटरियों से सीधे हिंद महासागर के सीने पर उतरेगा और भारत को ताकत देगा। अब यहां सबसे बड़ा धमाका है इस्लामिक मुल्कों का एंगल। एक तरफ पूरी मिडिल ईस्ट ईरान और इजराइल की जंग में जल रहा है तो दूसरी तरफ पुतिन तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत के लिए रास्ता बना रहे हैं। यह भारत की कूटनीति का वो प्रचंड रूप है जिसे देखकर पूरी दुनिया दंग है। 

इसे भी पढ़ें: Kyiv क्षेत्र में Russia के हमले से चार लोगों की मौत, बेलग्रेड पहुंचे जेलेंस्की

रूस का सस्ता तेल, गैस और कोयला जब इन इस्लामिक देशों को चीरता हुआ भारत पहुंचेगा तो अमेरिका का इंडोपेसिफिक वाला पूरा प्लान धरा का धरा रह जाएगा। यह इस्लामिक नाटो और पश्चिमी गठबंधन के बीच भारत का वो धमाका है जिसकी गूंज अब दशकों तक सुनाई देगी। भारत ने अमेरिका को ठेंगा दिखाकर रूस से 55% तेल खरीदना शुरू कर दिया है। 2030 तक भारत और रूस 100 अरब डॉलर का व्यापार करने वाले हैं। अमेरिका ने तेल के जहाजों पर बैन लगाया तब पुतिन ने ट्रेन की पटरिया बिछाने की तैयारी कर ली। एक बार यह रेल मार्ग शुरू हुआ तो समंदर में तैनात अमेरिकी जंगी जहाज सिर्फ धुआं फकेंगे और रूस की ऊर्जा शक्ति सीधे भारत के कारखानों को दहाड़ने की ताकत देगी। यह सुपर पावर भारत और महाशक्ति रूस का वो गठबंधन है जिसने पश्चिमी दुनिया की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। 

इसे भी पढ़ें: Russia हिंद महासागर तक rail network बनाने का इच्छुक: Deputy PM Marat Khusnullin

जब मॉस्को से चली ट्रेन सीधे मुंबई-दिल्ली स्टेशन पर रुकेगी तो क्या होगा?

तब डॉलर की दादागिरी खत्म हो जाएगी। तब समुद्री लुटेरों का डर खत्म हो जाएगा और तब खत्म हो जाएगा अमेरिका का वो घमंड कि वो किसी भी देश की सप्लाई लाइन काट सकता है। चीन भी इस रेल मार्ग के पीछे खड़ा है क्योंकि उसे पता है कि अगर यह रूट बन गया तो अमेरिका का वर्चस्व हमेशा हमेशा के लिए दफन हो जाएगा। 

Continue reading on the app

  Sports

रोहित शर्मा का संन्यास लेना पक्का? ये खुशखबरी लाखों फैंस का दिल तोड़ने वाली है!

भारत के पूर्व कप्तान और मौजूदा वनडे ओपनर रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें फिर तेज हो गई हैं. इन अटकलों के तेज होने की वजह एक खुशखबरी है. Tue, 11 Aug 2026 13:21:55 +0530

  Videos
See all

रिसेप्शन में PM मोदी से मिले युवा किसान मिथिलेश देसाई! #shorts #shortvideo #viralvideo #viralshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T08:46:17+00:00

News18 India DSS UP 2026: जहाँ रिक्शे से जाना मुश्किल होता था, वहाँ गाड़ियों से जा सकते हैं #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-11T08:45:20+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers