रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी में सबमरीन प्लांट का दौरा किया, उन्नत नौसेना तकनीकें देखी
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक दौरे के दौरान जर्मनी के कील शहर में टीकेएमएस के सबमरीन बनाने वाले प्लांट का दौरा किया। वहां उन्हें आधुनिक नौसेना तकनीकों और क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई।
इस दौरे में उनके साथ जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस भी मौजूद थे। यह शिपबिल्डिंग सुविधा आधुनिक और उन्नत पनडुब्बियां बनाने के लिए जानी जाती है।
रक्षा मंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए इस दौरे को “काफी जानकारी देने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि यहां दिखाई गई तकनीक और ऑपरेशनल क्षमता काफी प्रभावशाली है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरे से उन्हें आधुनिक पनडुब्बी निर्माण और समुद्री क्षेत्र में हो रहे नए विकास को करीब से समझने का मौका मिला, जो आज के समय में वैश्विक सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सबमरीन यार्ड का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बातचीत भी की। इस दौरान उन्हें डिजाइन, इंजीनियरिंग और तैनाती से जुड़ी कई अहम बातें समझाई गईं।
उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वे भारत और जर्मनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डॉकयार्ड में बातचीत करते और जानकारी लेते नजर आए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह के दौरे दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसमें तकनीक साझा करना, साथ मिलकर विकास करना और नौसेना की ताकत बढ़ाना शामिल है।
भारत अपनी पनडुब्बी क्षमता और समुद्री ताकत को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, और जर्मनी जैसे देशों के साथ सहयोग उसी दिशा में एक अहम कदम है।
इससे पहले बुधवार को राजनाथ सिंह ने बर्लिन में अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग बढ़ाने और बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की।
उन्होंने सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर बात की, खासकर नई तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम करने और उत्पादन बढ़ाने पर।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों ने सैन्य सहयोग को अपनी रणनीतिक साझेदारी का अहम हिस्सा बनाने पर सहमति जताई।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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RBI Auto Debit New Rules: बैंक खाते से अचानक पैसे कटने का डर खत्म, RBI के नए नियम ने दी बड़ी राहत
RBI Auto Debit New Rules: भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. अक्सर देखा जाता है कि लोगों के बैंक खातों से बिना किसी पूर्व सूचना के पैसे कट जाते हैं. कभी यह किसी ऐप का सब्सक्रिप्शन होता है तो कभी कोई पुराना बिल.
इसलिए आरबीआई ने उठाया ये कदम
अचानक मोबाइल पर मैसेज आता है कि आपके खाते से पैसे कट गए हैं, जिससे ग्राहकों को काफी परेशानी होती है. इसी समस्या का समाधान करने के लिए आरबीआई ने ई-मैंडेट से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा कड़ा और सुरक्षित बना दिया है. इन नए नियमों का सीधा मकसद ग्राहकों को उनके अपने पैसे पर पूरा नियंत्रण देना है ताकि उनकी जानकारी के बिना एक रुपया भी खाते से बाहर न जाए.
पैसे कटने से पहले मिलेगा अलर्ट
आरबीआई के नए बदलावों के तहत सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब कोई भी बैंक या कंपनी आपके खाते से पैसा काटने से पहले आपको इसकी सूचना देगी. नियम के अनुसार, किसी भी ऑटो डेबिट ट्रांजेक्शन से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक के पास एक अलर्ट मैसेज भेजना अनिवार्य कर दिया गया है.
मैसेज और ईमेल में होगी पूरी जानकारी
इस मैसेज या ईमेल में पूरी जानकारी होगी कि पैसा किस कंपनी को जा रहा है, कितनी राशि काटी जा रही है और यह भुगतान किस तारीख को होगा. इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर ग्राहक को लगता है कि कोई भुगतान गलत है या वह उसे उस महीने नहीं करना चाहता, तो उसके पास उसे रोकने का पर्याप्त समय होगा. यह अलर्ट सिस्टम पारदर्शिता को बढ़ावा देगा और धोखाधड़ी की गुंजाइश को कम करेगा.
मंजूरी के बिना नहीं शुरू होगा ई-मैंडेट
नए नियमों में एक और खास बात यह जोड़ी गई है कि अब कोई भी ऑटो पेमेंट सर्विस तब तक चालू नहीं होगी जब तक ग्राहक उसे खुद रजिस्टर न करे. पहले कई बार ऐसा होता था कि किसी सेवा को लेते समय अनजाने में ऑटो डेबिट एक्टिव हो जाता था. लेकिन अब ग्राहकों के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन यानी एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन को जरूरी कर दिया गया है.
देनी होगी अपनी मंजूरी
इसका मतलब है कि जब आप पहली बार कोई ऑटो पेमेंट सेट करेंगे, तो आपको उसे अपनी मंजूरी देनी होगी. बिना आपकी अनुमति के कोई भी कंपनी आपके खाते से बार-बार पैसे काटने का अधिकार नहीं रख पाएगी. इससे ग्राहकों के मन से यह डर निकल जाएगा कि उनके खाते का एक्सेस किसी गलत हाथ में है.
इन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर
आरबीआई के यह नियम उन सभी सेवाओं पर लागू होंगे जिनका भुगतान हम अक्सर ऑटो मोड पर रखते हैं. इसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स या डिज्नी प्लस हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन, बीमा की किस्त यानी इंश्योरेंस प्रीमियम, बिजली और पानी के बिल के साथ-साथ मोबाइल और ब्रॉडबैंड के बिल भी शामिल हैं.
ईएमआई पर भी नया नियम लागू
इसके अलावा अगर आपने किसी सामान की ईएमआई बांध रखी है, तो उस पर भी यह नया नियम प्रभावी होगा. कार्ड, यूपीआई या किसी भी प्रीपेड वॉलेट से होने वाले ऑटो डेबिट अब इसी नए सुरक्षा घेरे के अंदर आएंगे. इससे मध्यम वर्गीय परिवारों को अपना बजट संभालने में भी मदद मिलेगी क्योंकि उन्हें पता होगा कि कब कौन सा भुगतान होने वाला है.
कुछ मामलों में मिलेगी छूट
हालांकि, आरबीआई ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, लेकिन कुछ ऐसी सेवाएं भी हैं जिन्हें इन नियमों से बाहर रखा गया है ताकि ग्राहकों को असुविधा न हो. उदाहरण के लिए फास्टैग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के ऑटो रिचार्ज पर यह नए नियम लागू नहीं होंगे. इसका कारण यह है कि इन सेवाओं में भुगतान की राशि अक्सर छोटी होती है और इन्हें तुरंत रिचार्ज करने की जरूरत पड़ती है ताकि यात्रा के दौरान कोई बाधा न आए. इन सेवाओं के लिए पुरानी व्यवस्था ही चलती रहेगी, जिससे ग्राहकों को टोल प्लाजा या मेट्रो स्टेशनों पर रुकना न पड़े. कुल मिलाकर आरबीआई का यह कदम आम आदमी की बैंकिंग सुरक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला साबित होगा.
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