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कूलर के पानी में डालें ये छोटी सी चीज, बदबू और मच्छरों से मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मी में तेज धूप और उमस भरे मौसम में कूलर लोगों को राहत देने का सबसे आसान और सस्ता तरीका माना जाता है, लेकिन अक्सर लोग कूलर चलाने से पहले उसमें भरे पानी की सफाई पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में एक घरेलू उपाय से आप इस पानी को साफ रख सकते हैं।

कूलर में कई दिनों तक एक ही पानी भरा रहने से उसमें गंदगी जमा होने लगती है। धीरे-धीरे पानी से बदबू आने लगती है और वही जमा पानी मच्छरों के पनपने की जगह भी बन जाता है। यही वजह है कि गर्मियों और बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

फिटकरी को वैज्ञानिक भाषा में एलम कहा जाता है। इसका इस्तेमाल लंबे समय से पानी साफ करने के लिए किया जाता रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, फिटकरी पानी में मौजूद छोटे गंदे कणों को आपस में जोड़ देती है। जब ये कण आपस में मिलकर भारी हो जाते हैं, तो नीचे बैठ जाते हैं और ऊपर का पानी ज्यादा साफ दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि कूलर के पानी में छोटा सा फिटकरी का टुकड़ा डालने से पानी जल्दी गंदा नहीं होता।

विशेषज्ञ बताते हैं कि कूलर में जमा पानी मच्छरों के पनपने की जगह बनता है। मादा मच्छर अक्सर रुके हुए साफ पानी में अंडे देती है। अगर पानी लंबे समय तक बिना बदले पड़ा रहे तो उसमें लार्वा तेजी से बढ़ने लगते हैं। फिटकरी पानी की गुणवत्ता को बदलने में मदद करती है, जिससे मच्छरों के लार्वा के पनपने की संभावना कुछ हद तक कम हो सकती है।

कई बार कूलर से अजीब सी बदबू आने लगती है। इसका कारण पानी में पैदा होने वाले सूक्ष्म जीव और गंदगी हो सकते हैं। फिटकरी में हल्के एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद करते है जिसके चलते पानी से आने वाली बदबू भी कम होती है। जब पानी साफ रहता है तो कूलर के पैड भी ज्यादा समय तक ठीक रहते हैं और हवा भी ताजा महसूस होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिटकरी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। बहुत ज्यादा फिटकरी डालने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए कूलर के बड़े टैंक में सिर्फ छोटा सा टुकड़ा ही काफी है। साथ ही हर कुछ दिनों में कूलर का पानी पूरी तरह बदल देना चाहिए। टैंक और पैड्स की सफाई भी जरूरी है, ताकि फंगस और गंदगी जमा न हो।

--आईएएनएस

पीके/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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सीजीटीएन सर्वे : व्यापक नेटीजनों ने जापान की कार्रवाई की आलोचना की

बीजिंग, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान सरकार ने 21 अप्रैल को औपचारिक रूप से रक्षा उपकरण के हस्तांतरण के तीन सिद्धांत और इसके प्रयोग गाइड में संशोधन किया। इसके अनुसार, सैद्धांतिक रूप से नरसंहारक हथियारों के निर्यात की अनुमति दी जाएगी। जापान की दक्षिणपंथी ताकतों ने युद्ध के बहाने तस्करी शुरू कर दी है।

इसको लेकर चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) ने वैश्विक नेटीजनों में एक ऑनलाइन सर्वेक्षण किया। इसमें शामिल 82.5 प्रतिशत नेटीजनों ने कहा कि जापान की दक्षिणपंथी ताकतों की पुनः सैन्यीकरण की कुचेष्टा करने की कार्रवाई द्वितीय विश्व युद्ध से पहले जापानी सैन्यवाद के विस्तार तर्क के बिलकुल समान है। इससे जापान एक बार फिर बेहद खतरनाक रास्ते पर अग्रसर हो जाएगा।

सर्वेक्षण में शामिल 86.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने जापान सरकार से काहिरा घोषणा पत्र, पॉट्सडैम घोषणा पत्र व जापान का आत्मसमर्पण पत्र आदि अंतर्राष्ट्रीय कानूनी प्रभाव वाले दस्तावेजों के नियमों और जापान के संविधान व मौजूदा घरेलू नियमों का उल्लंघन करने की आलोचना की।

वहीं, 85.1 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि जापान की कार्रवाई एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा बनेगी।

उधर, सर्वेक्षण में शामिल 87.9 प्रतिशत नेटीजनों ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध शुरू करने वाले देश होने के नाते जापान को शांति संविधान और अंतर्राष्ट्रीय कानून के मानदंड का पालन करना होगा, ताकि ठोस कदम से पड़ोसी एशियाई देशों की सुरक्षा संबंधी चिंता का सम्मान किया जा सके।

बताया जाता है कि यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया। 24 घंटों में 4,495 नेटीजनों ने इसमें भाग लिया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

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प्लेइंग XI से बाहर बैठने की आदत नहीं, व्यंकटेश अय्यर का दर्द आया बाहर, बताया कैसे बनाएंगे आगे रास्ता?

वेंकटेश अय्यर ने मीडिया से कहा, 'बैठकर मैच देखना मेरी आदत नहीं है, लेकिन टीम का माहौल है और मैं टीम को सबसे ऊपर रखता हूं, तो मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उस माहौल का पालन करूं.' वेंकटेश जानते हैं कि आरसीबी अपनी टीम में बदलाव करने से हिचकिचाएगी क्योंकि पिछले साल इसी कॉम्बिनेशन ने उन्हें पहली आईपीएल ट्रॉफी दिलाई थी. Wed, 22 Apr 2026 21:56:24 +0530

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