स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अनिश्चितता जारी, कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब
मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बने रहना और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर आवाजाही बंद रहना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का दाम 0.82 प्रतिशत बढ़कर 99.29 डॉलर प्रति बैरल और डबल्यूटीआई क्रूड का दाम 1.15 प्रतिशत बढ़कर 90.71 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
इससे पहले के सत्र में कच्चे तेल की कीमत में 3 प्रतिशत के आसपास की बढ़ोतरी देखी गई थी।
हालांकि, सुबह 11:21 पर भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर क्रूड ऑयल का फ्यूचर्स 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,314 रुपए पर था।
ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने की घोषणा के बाद बाजार का रुख सतर्क बना रहा, क्योंकि नौसैनिक नाकाबंदी जारी है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आवाजाही बंद है।
वहीं एक सोशल मीडिया पोस्ट में, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान आर्थिक रूप से ढह रहा है और प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान उठा रहा है, साथ ही उन्होंने कहा कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के लिए उत्सुक है।
रिपोर्टों के अनुसार,स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर गुजरने वाली शिपिंग गतिविधियां काफी हद तक बंद हैं, और पिछले 24 घंटों में जहाजों की आवाजाही बहुत कम दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई और बैंकॉक हरे निशान में थे, जबकि हांगकांग और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में बंद हुए थे।
वहीं, भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। सुबह 11:21 पर सेंसेक्स 521 अंक या 0.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,748 और निफ्टी 128 अंक या 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,448 पर था।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरानी शिक्षा मंत्री का दावा, '1,300 में से आधे से अधिक स्कूलों की मरम्मत पूरी'
तेहरान, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल एयर स्ट्राइक के बाद 40 दिन तक चले संघर्ष में ईरान की कई इमारतों और बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा। कई शैक्षिक संस्थान तबाह हो गए। इस बीच ईरान में शिक्षा व्यवस्था को बहाल करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजेमी ने कहा है कि संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त हुए 1,300 स्कूलों में से 775 की मरम्मत अब तक पूरी कर ली गई है।
ईरानी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, शिक्षा मंत्री ने बताया कि करीब 20 स्कूल पूरी तरह नष्ट हो गए थे, जबकि सबसे अधिक नुकसान तेहरान, केर्मानशाह, इस्फहान और होर्मोजगान प्रांतों में हुआ। उन्होंने कहा कि बुरी तरह से क्षतिग्रस्त स्कूलों की मरम्मत अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है।
काजेमी ने यह भी बताया कि हमलों के बावजूद देश में शैक्षिक गतिविधियां जारी रहीं। कई स्थानों पर कक्षाएं ऑफलाइन चलाई गईं, जबकि अन्य जगहों पर ऑनलाइन माध्यम अपनाया गया, जिसमें इरानियन टेलीविजन स्कूल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
छात्रों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही स्कूलों में उन 170 लोगों की याद में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो मिनाब स्थित शजराह तैयबा प्राइमरी स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए थे। इनमें अधिकांश छात्राएं और शिक्षक थे। अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के पहले दिन (28 फरवरी) ही प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ। हमले का शिकार हुई बच्चियों की उम्र 7 से 12 बरस के बीच की बताई गई थी।
ईरान सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है, ताकि युद्ध के असर को कम किया जा सके और छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















