'नशा देकर बनाया वीडियो, फिर धमकाया', डायरेक्टर शकील नूरानी पर यौन उत्पीड़न के क्या हैं आरोप?
Shakeel Noorani Arrested: मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर शकील नूरानी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. फिल्ममेकर पर 33 साल की एक्ट्रेस ने रेप, यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है. शिकायत के बाद शकील को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, शकील करीब पिछले 40 दिनों से गिरफ्तारी से बच रहे थे और आखिरकार उन्हें अरेस्ट कर लिया गया. तो चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
73 साल के शकील नूरानी को एक्ट्रेस की शिकायत के बाद मलवणी पुलिस ने सतारा जिले में स्थित एक फार्महाउस से गिरफ्तार किया. ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(M), 123, 351(2) और 88 के तहत दर्ज किया गया है. गिरफ्तारी के बाद शकील नूरानी को 8 अगस्त को मालवनी पुलिस ने बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया जहां उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े सबूतों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, एक एक्ट्रेस ने शकील नूरानी पर आरोप लगाया है कि वो साल 2016 में डायरेक्टर के संपर्क में आई थी और एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान मिली थी. नूरानी ने उनसे एक अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में बात की और उन्हें काम के लिए उनसे संपर्क करने को कहा. FIR में महिला ने आरोप लगाया कि बाद में वह एक स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए उनके मालवानी स्थित घर पर गईं। शिकायत के मुताबिक, नूरानी ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने को दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई.
ये भी पढ़ें- Box Office Collection: संडे को फिर 'Spider Man' ने मचाया धमाल, DC और बाकि फिल्मों का ऐसा रहा हाल
वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप
एक्ट्रेस ने दावा किया कि जब उन्हें होश आया था नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो दिखाया और धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया या अपने परिवार को सूचित किया तो वह इसे सर्क्युलेट कर देंगे. एक्ट्रेस ने ये भी कहा कि पिछले कई सालों से उनके साथ बार-बार यौन शोषण किया गया और आपत्तिजनक वीडियो को पब्लिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी करते थे. पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया कि यौन संबंधों के बाद उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां भी दी गई थी.
नूरानी के वकील ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में शकील नूरानी के वकील की ओर से आरोपों को गलत बताया गया है. उनके पक्ष का कहना है कि फिल्ममेकर को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है. ऐसे में फिलहाल एक्ट्रेस की शिकायत में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और मामले की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगी.
शकील नूरानी का करियर और वर्कफ्रंट
शकील नूरानी बॉलीवुड के उन फिल्ममेकर्स में शामिल हैं, जिन्होंने बतौर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हिंदी सिनेमा में काम किया है. उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में 'बड़े दिलवाला' (1999) और 'जोरू का गुलाम' (2000) शामिल हैं. दोनों फिल्मों में उन्होंने निर्देशन के साथ प्रोडक्शन की जिम्मेदारी भी संभाली थी. साल 1999 में आई 'बड़े दिलवाला' में सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा और परेश रावल जैसे कलाकार नजर आए थे. इस फिल्म के लिए नूरानी ने डायरेक्शन के साथ स्टोरी राइटिंग और प्रोडक्शन में भी काम किया था. इसके अगले साल उन्होंने गोविंदा और ट्विंकल खन्ना स्टारर कॉमेडी फिल्म 'जोरू का गुलाम' का निर्देशन और निर्माण किया. फिल्म 16 जून 2000 को रिलीज हुई थी.
जबलपुर में शुरू हुई 33 KM लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा, ग्वारीघाट से कैलाश धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब
मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज 33 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा निकाली जाने वाली है। नर्मदा के ग्वारी घाट से कैलाश धाम तक निकलने वाली इस यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कांवड़िए शामिल हुए।
बता दें कि पिछले 15 वर्षों से इस यात्रा का आयोजन शहर में किया जा रहा है। ये इसका 16वां वर्ष है। इस यात्रा में राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हो सकते हैं। भाजपा के मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए।
शुरू हुई 33 किमी लंबी कांवड़ यात्रा
जबलपुर के नर्मदा तट पर स्थित ग्वारी घाट से सुबह 6 बजे कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। ये खमरिया स्थित कैलाश धाम मंदिर पर जाकर संपन्न होगी। इस यात्रा में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है।
प्रहलाद पटेल और जीतू पटवारी हुए शामिल
इस कांवड़ यात्रा का हिस्सा केवल कावड़ यात्रा की नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी बना रहे हैं। बीजेपी के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल इस यात्रा में शामिल हुए। इसके बारे में सोशल मीडिया हैंडल X पर जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पद नहीं सत्य के रास्ते पर चलने का संकल्प है। सावन माह के द्वितीय पवित्र सोमवार को महायोगी पूज्य दादा गुरु जी के सानिध्य में जबलपुर के सिद्ध घाट पर मां नर्मदा के दर्शन के उपरांत संस्कार कावड़ यात्रा समिति नर्मदा मिशन द्वारा आयोजित कांवड़ यात्रा में सम्मिलित हुआ। शिवधाम तक की इस यात्रा में हजारों शिवभक्त शामिल होते हैं। इस कांवड़ यात्रा में एक ओर मां नर्मदा का जल और दूसरी तरफ पितृ स्वरूप देव वृक्ष लेकर चलते हैं।
“कावड़ यात्रा केवल आस्था का पथ नहीं, सद् एवं सत्य के रास्ते पर चलने का संकल्प भी है।”
श्रावण माह के द्वितीय पवित्र सोमवार को महायोगी पूज्य दादा गुरु जी के सान्निध्य में जबलपुर के सिद्ध घाट, (ग्वारीघाट) पर माँ नर्मदा जी के दर्शन उपरांत ‘संस्कार कांवड़ यात्रा समिति, नर्मदा मिशन’… pic.twitter.com/5uWMUuNKy2
— Prahlad Singh Patel ( वृक्ष से जल, जल से जीवन) (@prahladspatel) August 10, 2026
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस यात्रा में सम्मिलित हुए। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा सावन मास के दूसरे सोमवार पर जबलपुर की संस्कार कावड़ यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेरे आराध्य भोलेनाथ की कृपा और मां नर्मदा के आशीष से जबलपुर के ग्वारीघाट से प्रारंभ हुई ये यात्रा शिव भक्ति से सराबोर है।
|| ॐ नमो भगवते रूद्राय नम: ||
श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर आज जबलपुर की संस्कार कावड़ यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ!
मेरे आराध्य भोलेनाथ की कृपा और मां नर्मदा के आशीष से जबलपुर के ग्वारी घाट से प्रारंभ हुई यह यात्रा शिव-भक्ति से सराबोर है!
|| हर हर महादेव || pic.twitter.com/1jVSXwy1kz
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) August 10, 2026
प्रशासन द्वारा व्यवस्था चाकचौबंद
इस यात्रा को देखते हुए शहर के कई मार्गों को डायवर्ट किया गया है। भारी भीड़ को देखते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जबलपुर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसी के साथ तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रा के दौरान किसी भी झांकी, मंच या वाहन पर दो से ज्यादा साउंड बॉक्स लगाने की अनुमति नहीं होगी। स्पीकर की साइज 12 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और साउंड की सीमा 50 डेसिबल तय की गई है। हॉर्न स्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
ये है यात्रा का मार्ग
16 वर्षों से निकली जा रही है इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि नर्मदा के जल के साथ हर श्रद्धालु एक पौधा भी लेकर चलता है। यह पौधा कैलाश धाम की पहाड़ियों में रोपा जाता है। इस पहल से ये पहाड़ी पूरी तरह से हरी भरी हो गई है। यात्रा के मार्ग की बात करें तो यह ग्वारीघाट से शुरू होकर रेत नाका, रामपुर चौक, शंकराचार्य चौक, शास्त्री ब्रिज, यातायात चौक, सुपर मार्केट, लॉर्डगंज, सराफा बाजार, बेलबाग, घमापुर, कांचघर, गोकलपुरी और रांझी होते हुए खमरिया स्थित कैलाश धाम पहुंचेगी। सुबह से शुरू हुई इस यात्रा का समापन दोपहर करीब 4 बजे भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Mp Breaking News









