IPL 2026: ईशान किशन के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड, जानकर रह जाएंगे हैरान
ईशान किशन को आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस की अनुपस्थिति में कप्तानी कर रहे हैं। उन्होंने इस सीजन के अब तक 6 मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी की है और इस दौरान एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। इन 6 मुकाबलों में ईशान किशन की किस्मत ने बिल्कुल साथ नहीं दिया है।
दरअसल, ईशान किशन आईपीएल 2026 में अब तक जितने भी मैचों में कप्तानी की है उनमें से एक में भी सिक्का उनके पक्ष में नहीं गिरा है। यानी वे सभी 6 मुकाबलों में टॉस जीतने में असफल रहे हैं। इसके साथ किशन आईपीएल के इतिहास के पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कप्तानी करते हुए अपने पहले 6 मुकाबलों में लगातार टॉस नहीं जीता है। इससे पहले साल 2016 में डेविड मिलर ने पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए अपने शुरुआती 5 टॉस गंवाए थे। जो एक रिकॉर्ड था लेकिन अब इस रिकॉर्ड को ईशान किशन ने तोड़ दिया है और वे आईपीएल के इतिहास के अपने शुरुआती 6 मुकाबलों में एक में भी टॉस ना जीतने वाले पहले कप्तान बने हैं।
वहीं अब 21 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद का मुकाबला है। इस मैच में एक बार ईशान किशन की किस्मत की परीक्षा होगी। वे आईपीएल के इतिहास में आज के मैच में टॉस हारे तो अपने शुरुआती, सात मैचों में लगातार 7 टॉस जीतने वाले भी पहले कप्तान बन जाएंगे।
सुनील पाल बोले- घर से निकलने में डर लगता है:अपहरण के बाद 16 महीने से सदमे में हूं, 10 किलो वजन कम हुआ
कॉमेडियन सुनील पाल सोमवार को मेरठ की एक अदालत पहुंचे। यहां उन्होंने 2024 के किडनैपिंग मामले में पकड़े गए दो आरोपियों की शिनाख्त (पहचान) की। इस दौरान 58 साल के सुनील पाल काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि उस हादसे के 16 महीने बीत जाने के बाद भी वे गहरे सदमे में हैं और उनकी सामान्य जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। लूट के इरादे से हुआ था अपहरण यह पूरा मामला दिसंबर 2024 का है। सुनील पाल को हरिद्वार के एक इवेंट में परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया था। जब वे नेशनल हाईवे से जा रहे थे, तब उन्हें कथित तौर पर किडनैप कर लिया गया। आरोपियों ने उन्हें करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था और बाद में छोड़ दिया था। सुनील ने बताया कि वह इवेंट असल में उन्हें फंसाने के लिए एक झांसा था। अब इसी मामले में वे अपने वकील और दोस्त के साथ मेरठ कोर्ट में गवाही देने पहुंचे थे। 16 महीने में 10 किलो वजन कम हुआ अदालत से बाहर आने के बाद सुनील पाल ने मीडिया से अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने कहा, मैं पिछले 16 महीने से भारी तनाव में जी रहा हूं। इस डर और घबराहट की वजह से मेरा 10 किलो वजन कम हो गया है। अब हालत यह है कि मुंबई में भी अगर मेरे पास कोई अनजान व्यक्ति खड़ा होता है, तो मैं उसे शक की नजरों से देखता हूं। उस एक दिन की घटना ने मुझे मानसिक रूप से तोड़ दिया है। बिना जानकारी दिए घर से नहीं निकलते सुनील पाल ने बताया कि वे अब कहीं भी अकेले जाने से कतराते हैं। उन्होंने कहा, मुझे अभी भी असुरक्षित महसूस होता है। जब भी घर से बाहर निकलना होता है, तो पहले अपने दोस्त साहिबे आलम को फोन करता हूं। मैं उसे पूरी जानकारी देता हूं कि कहां जा रहा हूं और क्यों जा रहा हूं। जिस गाड़ी से सफर करता हूं, सुरक्षा के लिहाज से उसका नंबर और फोटो भी दोस्त को भेज देता हूं। एक डर हमेशा दिमाग में बना रहता है। केस का बैकग्राउंड दिसंबर 2024 में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था। सुनील पाल ने मेरठ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताया है। आरोपियों की पहचान होने के बाद अब इस केस में कानूनी कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है। सुनील का कहना है कि वे सिर्फ न्याय चाहते हैं ताकि भविष्य में किसी और कलाकार के साथ ऐसा न हो।
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