Gumla Police ने 11 अंतरराज्यीय लुटेरे पकड़े, आग्नेयास्त्र और नकदी बरामद
गुमला (झारखंड), नौ अगस्त झारखंड के गुमला जिले में रविवार को झपटमारी और लूटपाट की घटनाओं में शामिल एक अंतर-राज्यीय आपराधिक गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 70 ग्राम सोना, 1.5 किलोग्राम चांदी, 1.70 लाख रुपये नकद, तीन देसी आग्नेयास्त्र और अन्य सामान बरामद किया।
गुमला के पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां ने पत्रकारों को बताया कि ये 11 लोग - जिनमें से ज्यादातर ओडिशा के रहने वाले हैं - हाल ही में गुमला के पालकोट और घाघरा इलाकों में हुई सोने की लूट की दो बड़ी घटनाओं में शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “पालकोट में बिलुंग-बिरा रोड के पास कथित तौर पर किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे लोगों के एक समूह के बारे में मिली गुप्त सूचना के आधार पर ये गिरफ्तारियां की गईं। बासिया के अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) की अगुवाई में एक एसआईटी बनाई गई।
उन्होंने सबसे पहले सात लोगों को पकड़ा और उनके पास से हथियार, नकदी, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किये।” पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान उन्होंने ऐसी जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से नौ ओडिशा के रहने वाले थे, जबकि बाकी दो छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के हैं। अधिकारी ने कहा, “गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर ‘कोराई गिरोह’ का हिस्सा थे, जो राज्य की सीमाओं के पार काम करता था और चोरी, झपटमारी और डकैती जैसी वारदातों में शामिल था।
Jharkhand से लापता तीन लड़कियां Meerut में मिलीं, पुलिस ने परिजनों को सौंपा
चाईबासा, नौ अगस्त झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के अलग-अलग गांवों से लापता हुईं दो नाबालिग लड़कियां और एक युवती उत्तर प्रदेश के मेरठ में मिली हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय लड़की के पिता ने एक अगस्त को गुआ थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
उसने बताया कि जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर जिले की एक पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के मेरठ गई और लापता लड़की के साथ-साथ जिले के दो अन्य लोगों को भी बचाया। पुलिस ने बताया कि वहां मिलीं दो अन्य में 21 वर्षीय महिला और 16 वर्षीय एक लड़की शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि जांच से पता चला कि तीनों ने अपने परिजनों को बताए बिना अलग-अलग अपने घर छोड़ दिए थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या तीनों मानव तस्करी की पीड़ित थीं, पुलिस ने इस आशंका से इनकार करते हुए कहा कि वे आजीविका की तलाश में अपनी मर्जी से घर से निकली थीं। पुलिस ने बताया कि तीनों को शनिवार को वापस लाया गया और उनके परिजनों से मिला दिया गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










