Ranchi में Vidhan Sabha march से पहले निषेधाज्ञा लागू, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
रांची, नौ अगस्त झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सोमवार को प्रस्तावित ‘विधानसभा मार्च’ को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पूरे शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू को “नजरबंद” कर दिया गया है। भाजपा के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार “सफलता हासिल नहीं कर पाएगी।” पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, “छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है। एडीजी ने कहा, “यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।” रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे।
शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं।” एसएसपी ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राजधानी रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है।
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं।
Suvendu Adhikari ने RG Kar केस की नए सिरे से जांच का दिया आदेश, FIR के निर्देश
कोलकाता, नौ अगस्त पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2024 में एक महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले में नए सिरे से जांच की रविवार को घोषणा की। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार ने यह फैसला मृत चिकित्सक की मां के अनुरोध पर लिया है, जो अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘रत्ना देबनाथ ने मुझे पत्र लिखकर मामले की नए सिरे से जांच का अनुरोध किया था। मुख्य सचिव और विशेषज्ञों की एक टीम के साथ विस्तृत चर्चा के बाद मैं विशेष आयोग अधिनियम, 1952 के तहत नए सिरे से जांच की घोषणा कर रहा हूं।’’ अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रही। उन्होंने पीड़ित डॉक्टर के अंतिम संस्कार में हुई कथित लापरवाही की अलग से जांच के भी आदेश दिए और बैरकपुर के पुलिस आयुक्त को एक प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री दावा किया कि नतागढ़ कदमतला श्मशान घाट पर पीड़िता का शव शुरुआत में अंतिम संस्कार की कतार में तीसरे स्थान पर था, लेकिन उसे अचानक पहले स्थान पर ले जाया गया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार पूरा कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार द्वारा निर्धारित अंतिम संस्कार शुल्क का भुगतान नहीं किया गया था और किसी निकट संबंधी के अनिवार्य हस्ताक्षर भी नहीं लिए गए थे। अधिकारी ने आरोप लगाते हुए कहा, निर्मल घोष, सोमनाथ दे और संजीब मुखर्जी ने मिलकर इसे अंजाम दिया।
पानीहाटी में पीड़िता की याद में आयोजित एक शोक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पुलिस अंतिम संस्कार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी, क्योंकि यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की मौजूदा जांच के दायरे में नहीं आता है।
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