Atiq Ahmed के बेटे की गाड़ी के पीछे चले 28 वाहनों पर FIR, तोड़ा था Toll Plaza
प्रयागराज (उप्र), नौ अगस्त गैंगस्टर से नेता बने दिवंगत अतीक अहमद के बेटे उमर को ले जा रहे पुलिस वाहनों के पीछे कथित रूप से चल रहे 28 वाहनों के मालिकों के खिलाफ टोल नाके का अवरोधक तोड़ने और बिना शुल्क दिए नवाबगंज टोल प्लाजा पार करने के आरोप में रविवार को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक जय प्रकाश यादव की शिकायत पर अपराह्न करीब डेढ़ बजे प्राथमिकी दर्ज की गयी।
पुलिस ने बताया कि वाहनों की पहचान उनके पंजीकरण नंबर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। पुलिस के अनुसार, वाहनों में सवार लोगों की पहचान करने और बकाया टोल शुल्क वसूलने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, घटना शनिवार अपराह्न करीब तीन बजकर 50 मिनट पर हुई, जब उमर को उसके छोटे भाई अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पुलिस हिरासत में प्रयागराज लाया जा रहा था।
शिकायत में कहा गया है कि उमर को ले जा रहे सरकारी वाहनों के टोल बूथ संख्या-3 से गुजरने के बाद करीब 25 से 30 निजी वाहन उनके पीछे चल पड़े। शिकायत में कहा गया है ये निजी वाहन कथित तौर पर उमर के समर्थकों के थे। आरोप है कि इन वाहनों के चालकों ने ‘बूम बैरियर’ तोड़ दिया और टोल शुल्क का भुगतान किए बिना तेजी से वहां से निकल गए।
टोल प्रबंधन ने बिना शुल्क दिए वाहनों के गुजरने के कारण आर्थिक नुकसान होने का दावा किया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस वाहनों और उनमें शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज तथा वाहन पंजीकरण नंबरों की जांच कर रही है।
Ranchi में Vidhan Sabha march से पहले निषेधाज्ञा लागू, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
रांची, नौ अगस्त झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सोमवार को प्रस्तावित ‘विधानसभा मार्च’ को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पूरे शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू को “नजरबंद” कर दिया गया है। भाजपा के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार “सफलता हासिल नहीं कर पाएगी।” पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, “छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है। एडीजी ने कहा, “यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।” रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे।
शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं।” एसएसपी ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है। प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राजधानी रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है।
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं।
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