Russia हिंद महासागर तक rail network बनाने का इच्छुक: Deputy PM Marat Khusnullin
मॉस्को, नौ अगस्त रूस के उपप्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बॉस्फोरस जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने के लिए रूस को हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने की जरूरत है। खुसनुलिन की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में आई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम जलमार्ग है, जिससे सामान्य दिनों में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन होता है।
खुसनुलिन ने बृहस्पतिवार को रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘टीएएसएस’ से बातचीत में कहा, “हिंद महासागर तक रेल संपर्क की संभावना भी तलाशी जानी चाहिए। बॉस्फोरस और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने वाले वैकल्पिक रास्तों की जरूरत पड़ सकती है। भारत तक पहुंच प्रदान करने वाला कोई भी विकल्प स्वीकार्य है।” होर्मुज जलडमरूमध्य जहां फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है।
वहीं, बॉस्पोरस जलडमरूमध्य काला सागर को मारमारा सागर से जोड़ने वाला अहम जलमार्ग है। बॉस्पोरस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने वाले तुर्किये ने कहा है कि बढ़ती चिंताओं के बावजूद यह जहाजों की आवाजाही के लिए खुला हुआ है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब रूस के ऊर्जा निर्यात को लेकर पश्चिमी देशों का दबाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी सीनेट ने 29 जुलाई को एक विधेयक आगे बढ़ाया है, जिसके तहत भारत समेत उन देशों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रावधान है, जो रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखते हैं। संबंधित प्रस्ताव के व्यापक भू-राजनीतिक निहितार्थ भी हो सकते हैं, क्योंकि इसके ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने तथा रूस को हिंद महासागर तक जमीन के रास्ते एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग प्रदान करने की संभावना है।
Houthi rebels ने यमन के मोखा बंदरगाह पर किया हमला, 7 की मौत; Aramco संयंत्र में आग
सना, नौ अगस्त (एपी) यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को लाल सागर के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर हमला किया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में एक तेल प्रतिष्ठान को भी निशाना बनाया गया। यमन सरकार समर्थित सुरक्षा बल ‘नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज’ ने कहा कि लाल सागर के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह मोखा पर हूती विद्रोहियों के हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई।
इनमें चार सैनिक और तीन आम नागरिक शामिल हैं। हमले में 15 नागरिक घायल हो गए। यमन के सूचना मंत्रालय के सहायक अवर सचिव फयद अल-नोमान ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने बंदरगाह पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
हमलों में इमारतों के साथ वहां अन्य सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा। यह बंदरगाह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले प्रमुख बंदरगाहों में से एक है। हाल के वर्षों में इसका पुनर्निर्माण किया गया है ताकि उन जहाजों के आवागमन को संभाला जा सके, जो हूती नियंत्रण वाले होदेदा बंदरगाहों से बचकर इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने इलाके में सैन्य ठिकानों और गोदामों को निशाना बनाते हुए ‘‘बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन’’ दागे थे। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि ड्रोन के जरिए जाजान शहर में स्थित अरामको की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह हमला सऊदी ड्रोन द्वारा यमन के हज्जा और सादा प्रांतों के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में किया गया।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि अरामको रिफाइनरी से संबंधित एक प्रतिष्ठान में आग लग गई लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। मंत्रालय ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन उसने आग लगने के कारण का कोई विवरण नहीं दिया। हूती विद्रोही सऊदी अरब और लाल सागर में उसके समुद्री जहाजों को लगातार निशाना बना रहे हैं।
वहीं, ईरान ने बातचीत फिर से शुरू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर नयी मांगें रखी हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ‘‘नए समुद्री रास्तों’’ के बारे में ओमान के साथ बातचीत ‘‘अंतिम चरण’’ में है। अराघची ने कहा, ‘‘हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा।
मार्गों को लेकर कोई समझौता हो सकता है, लेकिन जलडमरूमध्य को खोलना कई अन्य शर्तों पर निर्भर करता है, जिनकी जानकारी मध्यस्थों के माध्यम से पहुंचा दी गई है।’’ ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि अमेरिका जब तक अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। ईरान की अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ ने एक बिना तारीख वाला वीडियो साझा किया है, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई दिखाई दे रहे हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं कर सका है कि यह वीडियो कब और कहां बनाया गया था।
‘मेहर’ ने मार्च में भी एक वीडियो साझा किया था, जो कथित तौर पर उसी कार्यक्रम में रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। यह संभवतः एक धार्मिक कक्षा से संबंधित वीडियो है। खबरों के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध के शुरुआती चरणों में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और उसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।
यह स्पष्ट नहीं है कि मेहर ने शनिवार को यह वीडियो क्यों जारी किया। इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइली सेना गाजा से ‘‘तब तक कोई वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास वास्तव में हथियार नहीं डाल देता।
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