Gorakhpur में ठेकेदार की हत्या, 10 लोग हिरासत में, वकीलों का प्रदर्शन
गोरखपुर, नौ अगस्त उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बिजली विभाग के एक ठेकेदार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस को संदेह है कि यह वारदात करीब एक साल पहले हुई हत्या का बदला लेने के लिए की गई है।
पुलिस के अनुसार, जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी शिवकुमार त्रिपाठी (52) शनिवार शाम गांव में आयोजित ब्रह्म भोज में शामिल होने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही राहुल चौधरी ने पीछे से उन पर बांके से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल त्रिपाठी मौके पर ही गिर पड़े।
ग्रामीण उन्हें ऑटो-रिक्शा से अस्पताल ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी राहुल ने अपने भाई रोहित के साथ रास्ते में वाहन को रोक लिया। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद दोनों आरोपियों ने कथित रूप से त्रिपाठी को वाहन से बाहर निकाला और करीब 200 मीटर दूर तक घसीटकर ले गए। इसके बाद उन पर तलवार से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या करीब एक साल पहले आरोपी के चचेरे भाई की हत्या का बदला लेने के लिए की गई हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार, राहुल चौधरी के चचेरे भाई आदेश चौधरी की वर्ष 2024 में हत्या हुई थी और इस मामले में त्रिपाठी के परिवार के कुछ सदस्यों को आरोपी बनाया गया था। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि शनिवार की हत्या बदले की कार्रवाई थी या नहीं।
पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) दिनेश कुमार पुरी ने रविवार को बताया कि हत्या के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन नामजद आरोपियों और सात अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा रही है और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। त्रिपाठी बिजली विभाग में ठेकेदार के रूप में काम करते थे। उनके बेटे आदित्य त्रिपाठी गोरखपुर सिविल अदालत में वकालत करते हैं।
इस बीच, हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों ने रविवार को प्रदर्शन किया और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गोरखपुर-महराजगंज मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शन पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 15 मिनट पर शुरू हुआ। वकील सड़क पर बैठ गए और आरोपियों को फांसी की सजा देने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद वकील कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर धरने पर बैठ गए और जाम जारी रखा। बाद में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉक्टर कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और उन्होंने अधिवक्ताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह जाम अपराह्न करीब तीन बजे तक रहा और इसके बाद आवागमन जारी हुआ। परिवार के सदस्यों के अनुसार, त्रिपाठी शनिवार शाम छेदी चौधरी के घर आयोजित ब्रह्म भोज में शामिल होने गए थे, जहां उन पर हमला किया गया। परिवार का आरोप है कि घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ऑटोरिक्शा से ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन हमलावरों ने वाहन को रोक लिया और त्रिपाठी को बाहर खींच लिया।
उन्होंने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर तलवार से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
Mamata Banerjee के खिलाफ प्रदर्शन जनता के गुस्से का सबूत: Suvendu Adhikari
कोलकाता, नौ अगस्त पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के एक मृत कार्यकर्ता के परिजन से मिलने के लिए उत्तर 24 परगना जिले के हलीशहर जाते समय पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को जिस विरोध का सामना करना पड़ा, वह “जनता के भारी गुस्से” को दर्शाता है। हलीशहर जाते समय प्रदर्शनकारियों ने ममता के वाहन को घेर लिया, “चोर-चोर” के नारे लगाए और उनकी कार पर कथित तौर पर कीचड़, जूते और पत्थर फेंके। वह तृणमूल कांग्रेस के उस कार्यकर्ता के परिजन से मिलने जा रही थीं, जिसकी कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।
शुभेंदु ने घटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने कहा, “आपने (ममता) इतनी चोरी की है कि आपको लोगों के मुंह से अपने लिए ‘चोर’ सुनना ही पड़ेगा।” शुभेंदु ने सवाल किया कि ममता ने ‘अभया’ (आरजी कर दुष्कर्म-हत्याकांड की पीड़िता) की दूसरी बरसी पर उसके परिवार से मुलाकात क्यों नहीं की। उन्होंने कहा, “आप (ममता) आज अभया के घर जा सकती थीं।
गले में तौलिया डालकर रत्ना देबनाथ के पास जा सकती थीं और माफी मांग सकती थीं-यह कहते हुए कि आपसे गलती हो गई। मुझे यकीन है कि वह आपको माफ कर देतीं।” अभया की मां रत्ना देबनाथ हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा विधायक चुनी गई हैं।
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