राष्ट्रपति ली और पीएम मोदी ने दिल्ली में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यूंग भारत दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने पीएम के साथ एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, एक विशेष पहल के तहत राष्ट्रपति ली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर दिल्ली में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश के राजकीय वृक्ष अशोक का पौधा रोपित किया।
जायसवाल ने बताया कि यह पौधा अयोध्या स्थित क्वीन हीओ ह्वांग-ओक मेमोरियल पार्क में अपनी नई जड़ें जमाएगा, जो भारत और दक्षिण कोरिया की साझा विरासत का एक जीवंत प्रतीक है।
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति ली ने फर्स्ट लेडी किम के साथ नई दिल्ली के राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
शिखर वार्ता के दौरान भारत और कोरिया गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते, संयुक्त वक्तव्य और घोषणाएं की गईं।
दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई। जहाज निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर फोकस किया गया। इंडो-पैसिफिक समेत कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों के विचारों में समानता दिखी।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली ने उद्योग जगत के लीडर्स के साथ बातचीत की और बिजनेस सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। राष्ट्रपति ली भारत-कोरिया बिजनेस फोरम में भी भाग ले रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में कारोबारी नेता मौजूद हैं। साथ ही दिल्ली में वित्तीय सहयोग फोरम और बेंगलुरु में स्पेस डे जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
इस यात्रा के दौरान व्यापार, शिपिंग, पर्यावरण, विज्ञान-तकनीक, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में कई समझौते हुए। चार संयुक्त बयान जारी किए गए, जिनमें इंडिया-आरओके जॉइंट स्ट्रैटेजिक विजन प्रमुख है, जो दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य का रोडमैप पेश करता है।
समुद्री क्षेत्र में सहयोग को खास महत्व दिया गया है। शिपबिल्डिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए नया ढांचा तैयार किया गया है। वहीं, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा पर भी साझा रणनीति बनाई गई है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, अनिश्चितता के इस दौर में हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और कोरिया आपसी विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग के लिए सबसे अच्छे पार्टनर हो सकते हैं। हम शिप बिल्डिंग, एआई, वित्त और रक्षा जैसी रणनीतिक उद्योग में सहयोग बढ़ाने और कल्चर और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ावा देने पर भी सहमत हुए हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Iran का America को दोटूक जवाब, कहा- बार-बार बदलती शर्तों पर नहीं होगी Peace Talks
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
prabhasakshi






















