पहली तिमाही में चीनी आर्थिक संचालन अनुमान से बेहतर रहा
बीजिंग, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। चीनी राजकीय साख्यिकी ब्यूरो ने हाल ही में पहली तिमाही में चीनी अर्थव्यवस्था के मुख्य आंकड़े जारी किये। चीनी आर्थिक संचालन अनुमान से कहीं बेहतर है, जिसने चीनी अर्थव्यवस्था का लचीलापन और जीवंत शक्ति दिखायी है।
पहली तिमाही में चीन की जीडीपी साल दर साल 5 प्रतिशत से बढ़ी और पिछले साल की चौथी तिमाही के 4.5 प्रतिशत की तुलना में स्पष्ट उन्नति नजर आयी। यह बाजार के आम अनुमान के बाहर है। इस मार्च में चीन की सरकारी कार्य रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2026 में आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य 4.5 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के बीच होगा। पहली तिमाही की वृद्धि दर ने अनुमानित लक्ष्य की ऊपरी सीमा पर पहुंचकर एक अच्छी शुरूआत की है और पूरे साल के स्थिर आर्थिक संचालन के लिए मजबूत नींव रखी है।
साल के शुरू से विश्व भू-राजनीतिक परिस्थिति में तेजी से अस्थिरता आई है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था खासकर ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ा। बाहर की डांवाडोल परिस्थिति में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के नाते चीन ने दबाव और चुनाती का सामना कर जो 5 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल की, यह सचमुच आसान नहीं है।
पेइचिंग विश्वविद्यालय के क्वांगहुआ मैनेजमेंट स्कूल के महानिदेशक थ्येन श्वएं ने चाइना मीडिया ग्रुप के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि पहली तिमाही के आंकड़े शानदार रहे, सचमुच अधिकांश लोगों की प्रतीक्षा को पार कर गए। वर्तमान वैश्विक आर्थिक मंदी के वातावरण में चीनी अर्थव्यवस्था की अच्छी शुरुआत विश्व अर्थव्यवस्था के लिए मददगार है।
5 प्रतिशत वृद्धि के पीछे चीनी आर्थिक ढांचे का निरंतर सुधार और विकास के नए इंजन का तेज विकास है। आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में चीन के साजो-सामान विनिर्माण उद्योग का अतिरिक्त मूल्य साल दर साल 8.9 प्रतिशत बढ़ा, जिसने पैमाने के ऊपर औद्योगिक अतिरिक्त मूल्य का 35.1 प्रतिशत है और समग्र औद्योगिक वृद्धि के लिए करीब 50 प्रतिशत योगदान दिया। उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण साल दर साल 12.5 प्रतिशत बढ़ा ,जिसने समग्र औद्योगिक उद्यमों के मुनाफे के लिए 51.8 प्रतिशत योगदान दिया। वैज्ञानिक व तकनीकी सृजन आधारित नयी किस्म वाली उत्पादक शक्ति चीनी आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन बन रहा है।
पहली तिमाही में चीन के विदेश व्यापार के आंकड़े भी शानदार रहे। इससे जाहिर है कि वैश्विक उत्पादन और सप्लाई चेन में चीन का स्थान काफी महत्वपूर्ण हो रहा है। पहली तिमाही में चीन के वस्तु व्यापार का आयात निर्यात 118 खरब 40 अरब युआन रहा, जो इतिहास में सबसे अधिक है और साल दर साल 15 प्रतिशत बढ़ा। उधर, चीनी कस्टम्स द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में चीन-भारत वस्तु व्यापार 4,313 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक था, जो साल दर साल 19.9 प्रतिशत बढ़ा। भारत के प्रति चीन का निर्यात और आयात क्रमशः साल दर साल 17.5 प्रतिशत और 37.5 प्रतिशत से अधिक था।
उल्लेखनीय बात है कि पहली तिमाही में चीन ने 49 खरब 90 अरब युआन की वस्तुएं आयात की, जो साल दर साल 19.6 प्रतिशत से अधिक थी। आयात की वृद्धि दर निर्यात से 7.7 प्रतिशत से अधिक थी। इससे पता चला कि चीन सक्रियता से आयात बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि चीनी राजकीय कस्टम्स प्राधिकरण के उप महानिदेशक वांग चुन ने हाल ही में बताया कि चीन न सिर्फ विश्व का कारखाना है, बल्कि विश्व बाजार बनने की इच्छा भी रखता है।
पहली तिमाही में चीन के नागरिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) में स्पष्ट सुधार भी आया है। विशेषकर इस मार्च में पीपीआई साल दर साल 0.5 प्रतिशत बढ़ी, जिसने लगातार 41 महीनों तक गिरावट की स्थिति समाप्त की है। यह चीनी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत भी माना जाता है।
स्थानीय विश्लेषकों के विचार में पहली तिमाही के अच्छे आर्थिक प्रदर्शन ने चीन के भावी विकास का विश्वास बढ़ाया है। लेकिन इसके साथ ही चीनी अर्थव्यवस्था का बाहरी वातावरण जटिल और गंभीर बन रहा है और घरेलू मांग की कमजोरी का सवाल अनसुलझा है। स्थिर वृद्धि का रूझान मजबूत करने के लिए अधिक सक्रिय समग्र नीतियां लागू करने की आवश्यकता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
रिपोर्ट: 10 बार एचआईवी संक्रमण फैलने के बाद भी पाकिस्तान ने नहीं सीखा सबक
इस्लामाबाद, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में पिछले दस वर्षों और करीब दस एचआईवी प्रकोपों के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच ताउनसा में 331 बच्चों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है।
यह मामले तब सामने आए हैं जब सरकार ने ताउनसा के तहसील मुख्यालय अस्पताल में कार्रवाई का दावा किया था और वहां के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को हटाकर नया अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके बावजूद ब्रिटिश प्रसारक बीबीसी की अंडरकवर रिपोर्ट में सामने आया कि अस्पताल में अब भी लापरवाही जारी है। रिपोर्ट में दिखाया गया कि बच्चों पर एक ही सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है, कपड़ों के ऊपर से इंजेक्शन दिए जा रहे हैं और नर्स बिना दस्ताने के मेडिकल कचरे में हाथ डाल रही है। कई अभिभावकों ने भी पुष्टि की कि उनके बच्चों पर इस्तेमाल की गई सिरिंज दोबारा उपयोग में लाई गई थी।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, आधे से ज्यादा मामलों में संक्रमण का कारण ‘दूषित सुई’ पाया गया है। पूर्व विशेष सहायक ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि यह समस्या केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में इस तरह की लापरवाही देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि असुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं, जैसे डिस्पोजेबल सिरिंज का दोबारा उपयोग, बिना जांच के रक्त चढ़ाना, असुरक्षित यौन संबंध और अस्वच्छ उपकरणों के इस्तेमाल के कारण रक्त जनित बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की घटनाओं के बाद आमतौर पर कुछ समय के लिए आक्रोश देखने को मिलता है, जांच बैठती है और सरकार कुछ कदम उठाती है, लेकिन धीरे-धीरे मामला ठंडा पड़ जाता है और फिर किसी नए प्रकोप के साथ समस्या दोबारा सामने आ जाती है।
पाकिस्तान में इससे पहले भी कई बड़े एचआईवी प्रकोप सामने आ चुके हैं। 2019 में लरकाना में 1,000 से अधिक मामले सामने आए थे, जिनमें 90 प्रतिशत तक बच्चे थे। इसके अलावा 2023 में जैकबाबाद और शिकारपुर, 2024 में ताउनसा, मीरपुरखास और डेरा गाजी खान में भी एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़े। हैदराबाद, शहीद बेनजीरआबाद, नौशहरो फिरोज और कराची में भी ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं।
कराची की स्वतंत्र पत्रकार जोफीन टी. इब्राहिम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन गंभीर लापरवाहियों के बावजूद न तो पर्याप्त जन आक्रोश दिखता है और न ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जन जागरूकता की कमी एक बड़ी समस्या है, क्योंकि गरीब और कम जानकारी वाले मरीज यह समझ ही नहीं पाते कि एक सामान्य इंजेक्शन भी उन्हें या उनके बच्चों को जीवनभर की बीमारी दे सकता है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation






















